https://thefourthmirror.com Thu, 23 Jul 2026 02:36:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://thefourthmirror.com/wp-content/uploads/2022/10/cropped-IMG_20221028_135824-32x32.jpg https://thefourthmirror.com 32 32 स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान: मुंगेली में 582 शिविरों से बदली पशुपालन की तस्वीर https://thefourthmirror.com/2026/07/23/healthy-livestock-prosperous-farmers-582-camps-transform-the-animal-husbandry-landscape-in-mungeli/ https://thefourthmirror.com/2026/07/23/healthy-livestock-prosperous-farmers-582-camps-transform-the-animal-husbandry-landscape-in-mungeli/#respond Thu, 23 Jul 2026 02:36:38 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65753 रायपुर। मुंगेली जिले में पशुधन संरक्षण, उन्नत नस्ल विकास एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने के...

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रायपुर।

मुंगेली जिले में पशुधन संरक्षण, उन्नत नस्ल विकास एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, रोग नियंत्रण एवं गांव-गांव आयोजित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से जिले में पशुपालन को नई दिशा मिली है। इन प्रयासों से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ दुग्ध उत्पादन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. आर.एम. त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में 67 हजार 257 पशुओं का उपचार किया गया। वहीं एक लाख 22 हजार 804 पशुओं को औषधियों का वितरण, 93 हजार 561 पशुओं को कृमिनाशक दवा तथा एक लाख 09 हजार 84 पशुओं को किलनी मुक्त करने के लिए डिटिकिंग की गई। पशु स्वास्थ्य सेवाओं के इस व्यापक अभियान से हजारों पशुपालकों को सीधा लाभ मिला। नस्ल सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत 09 हजार 978 निकृष्ट सांडों का बंधियाकरण किया गया। साथ ही 20 हजार 341 गाय एवं भैंसों में कृत्रिम गर्भाधान कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप 05 हजार 685 उन्नत नस्ल के बछड़ों का जन्म हुआ। इनमें 02 हजार 900 से अधिक मादा बछियां शामिल हैं, जो भविष्य में अधिक दुग्ध उत्पादन कर पशुपालकों की आय में महत्वपूर्ण वृद्धि करेंगी।

छत्तीसगढ़ शासन की लिंग वर्गीकृत वीर्य योजना के तहत 123 गायों का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया, जिससे 99 मादा बछियों का जन्म हुआ। यह उपलब्धि जिले में उच्च उत्पादक पशुधन तैयार करने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। पशुओं को संक्रामक एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए जिले के 02 लाख 59 हजार 348 पशुधन में 07 लाख 67 हजार 531 प्रतिबंधात्मक टीकाकरण किए गए। इनमें गलघोंटू एवं एकटंगिया, खुरहा-चपका, लम्पी स्किन डिजीज, इंटरोटॉक्सीमिया तथा पीपीआर जैसी बीमारियों से बचाव के टीके शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ब्रुसेलोसिस की रोकथाम के लिए 881 बछियों का टीकाकरण तथा 04 हजार 63 पशुओं को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। पशु रोगों की समय पर पहचान के लिए रक्त, गोबर, ट्यूबरक्लोसिस एवं जॉन्सडिसीज सहित विभिन्न प्रयोगशाला जांच भी नियमित रूप से की गईं। पशुपालकों को घर के समीप बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में 582 बहुउद्देशीय पशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशन, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ वैज्ञानिक पशुपालन एवं आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी दी गई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन के प्रति जागरूकता बढ़ी और किसानों को बेहतर पशु चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिला है।

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राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएं https://thefourthmirror.com/2026/07/22/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%9c-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%a6/ https://thefourthmirror.com/2026/07/22/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%9c-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%a6/#respond Wed, 22 Jul 2026 15:09:55 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65750 रायपुर । छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर...

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रायपुर ।

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का स्रोत है।मंत्री  चौधरी ने देशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि आइये, राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर हम सभी राष्ट्रध्वज के सम्मान की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लें।

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सरगुजा की आर्द्रभूमि में फिर दिखा राष्ट्रीय गौरव पक्षी सारस क्रेन https://thefourthmirror.com/2026/07/22/the-sarus-crane-a-bird-of-national-pride-has-been-spotted-again-in-the-wetlands-of-surguja/ https://thefourthmirror.com/2026/07/22/the-sarus-crane-a-bird-of-national-pride-has-been-spotted-again-in-the-wetlands-of-surguja/#respond Wed, 22 Jul 2026 15:03:52 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65746 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग की आर्द्रभूमियों में राष्ट्रीय गौरव पक्षी और दुनिया के सबसे...

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रायपुर।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग की आर्द्रभूमियों में राष्ट्रीय गौरव पक्षी और दुनिया के सबसे ऊंचे उड़ने वाले पक्षी ‘सारस क्रेन’ का दिखना पर्यावरण और जैव विविधता की दृष्टि से बेहद सुखद खबर है। छत्तीसगढ़ में इन पक्षियों की संख्या बहुत कम बची है, इसलिए इनका किसी स्थानीय जलाशय या वेटलैंड में दिखाई देना एक महत्वपूर्ण घटना है। पक्षी ‘सारस क्रेन’ जीवनभर के लिए अपना एक ही साथी चुनते हैं। भारतीय संस्कृति में इन्हें प्रेम और अटूट संबंध का प्रतीक माना जाता है।

    सरगुजा की आर्द्रभूमि में फिर दिखा राष्ट्रीय गौरव पक्षी सारस क्रेन

कुवांरपुर वेटलैंड में सारस क्रेन के जोड़े का सफलतापूर्वक अवलोकन

 छत्तीसगढ़ में आर्द्रभूमि और पक्षी जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में सरगुजा जिले से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। सरगुजा वनमंडल के लखनपुर परिक्षेत्र स्थित कुवांरपुर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स में सारस क्रेन के एक जोड़े का सफलतापूर्वक अवलोकन किया गया है। यह महत्वपूर्ण अवलोकन वनमंडलाधिकारी  अभिषेक जोगावत के मार्गदर्शन में चल रही नियमित निगरानी के दौरान दर्ज किया गया। क्षेत्र की लगातार मॉनिटरिंग तकनीकी सहायक  धनीराम और बीट गार्ड  राजेंद्र खुजूर द्वारा की जा रही है। उनके प्रयासों से सारस क्रेन के जोड़े की यह महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज की जा सकी।

आर्द्रभूमि के स्वस्थ होने का संकेत है सारस क्रेन

 सारस क्रेन भारत के सबसे आकर्षक पक्षियों में से एक है और विश्व का सबसे ऊंचा उड़ने वाला पक्षी माना जाता है। किसी आर्द्रभूमि में इसकी उपस्थिति उस क्षेत्र के स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है। विशेष बात यह है कि छत्तीसगढ़ में सारस क्रेन के प्रमाणित और नियमित अवलोकन वर्तमान में सरगुजा क्षेत्र से ही प्राप्त हो रहे हैं। इससे सरगुजा की आर्द्रभूमियों के संरक्षण महत्व को और मजबूती मिलती है।

वैज्ञानिक अध्ययन और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण रिकॉर्ड

 कुवांरपुर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स में सारस क्रेन के जोड़े का अवलोकन राज्य की आर्द्रभूमि पक्षी विविधता के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह रिकॉर्ड क्षेत्र की बेहतर पारिस्थितिक स्थिति और आर्द्रभूमि संरक्षण के सकारात्मक परिणामों को भी दर्शाता है। यह अवलोकन भविष्य में पक्षी विविधता के वैज्ञानिक अध्ययन, संरक्षण योजनाओं और आर्द्रभूमि प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

सारस क्रेन का अवलोकन सरगुजा की समृद्ध प्राकृतिक विरासत के संरक्षण का प्रयास

 वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों, पक्षी प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण से जुड़े लोगों से आर्द्रभूमियों एवं वन्यजीवों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। विभाग ने लोगों से ऐसे महत्वपूर्ण पक्षियों के अवलोकन की जानकारी वन विभाग को देने का आग्रह किया है, ताकि उनके संरक्षण और वैज्ञानिक अभिलेखीकरण को और मजबूत किया जा सके। कुवांरपुर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स में सारस क्रेन का यह अवलोकन सरगुजा की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति किए जा रहे प्रयासों की सफलता का महत्वपूर्ण प्रमाण है।

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राज्य में 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य का 69 प्रतिशत बोनी पूर्ण https://thefourthmirror.com/2026/07/22/sowing-completed-on-69-percent-of-the-target-area-of-33-50-lakh-hectares-in-the-state/ https://thefourthmirror.com/2026/07/22/sowing-completed-on-69-percent-of-the-target-area-of-33-50-lakh-hectares-in-the-state/#respond Wed, 22 Jul 2026 14:57:47 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65743 रायपुर।  प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती किसानी का कार्य जोरों पर...

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रायपुर। 

प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती किसानी का कार्य जोरों पर हैं। राज्य में 22 जुलाई की स्थिति में राज्य के 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 69 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश: किसानों को सुगमता से मिले खाद-बीज

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

किसानों को 9.22 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को अब तक 9.22 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की बौछारों के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। राज्य में अब तक 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 69 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।

प्रदेश में अब तक 389.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्जःराज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मि.मी.

अधिकारियों ने बताया कि 22 जुलाई सुबह तक की स्थिति में प्रदेश में अब तक 389.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। गौरतलब है कि औसत दर्ज वर्षा जिलों की आज तक की औसत वर्षा पिछले 10 वर्षाे के आधार पर 421.5 मिमी. है। वहीं प्रतिवेदित समय तक आज हुई वर्षा 33.5 मिमी. है।

किसानों को 4.12 लाख क्विंटल बीज वितरित

अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.70 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.12 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 83 प्रतिशत है। गत वर्ष इसी अवधि में 4.11 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था। इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 14.57 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 9.22 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 59 प्रतिशत है।

जरूरतमंद किसानों को 6633.71 करोड़ रूपये का निःशुल्क अल्पकालीन कृषि ऋण

अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए 21 जुलाई की स्थिति में 6633.71 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 5560.34 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात https://thefourthmirror.com/2026/07/22/a-delegation-from-laghu-udyog-bharati-paid-a-courtesy-call-on-chief-minister-vishnu-deo-sai/ https://thefourthmirror.com/2026/07/22/a-delegation-from-laghu-udyog-bharati-paid-a-courtesy-call-on-chief-minister-vishnu-deo-sai/#respond Wed, 22 Jul 2026 14:51:00 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65740 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लघु उद्योग...

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रायपुर। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आगामी 18, 19 एवं 20 सितंबर को रायपुर में आयोजित होने वाले 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर (आईआईएफ) की तैयारियों, उद्देश्यों एवं आयोजन की विस्तृत रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री  साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक आयोजन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को भी गति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा उद्यमियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। रायपुर में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय औद्योगिक समागम का आयोजन छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि लघु उद्योग भारती लघु उद्यमियों का देश का सबसे बड़ा संगठन है, जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाने तथा उद्योगों के बीच व्यवसायिक सहयोग (बी2बी) को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। रायपुर में आयोजित होने वाला 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर देशभर के उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं तकनीकी संस्थानों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा, जहां आधुनिक तकनीक, निवेश, विपणन, उद्योग-व्यापार सहयोग और व्यापार विस्तार के नए अवसर विकसित होंगे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा देने के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जुड़ने, नई तकनीकों को अपनाने और व्यापार विस्तार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र गुप्त, संयुक्त महासचिव  नरेश पारख, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  समीर,  प्रांत अध्यक्ष   सी. पी. दुबे, पुरुषोत्तम पटेल, अनिल बाकलीवाल,  तूलिका पांडे एवं  प्रांजल सिंह ठाकुर उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहलःस्वस्थ माताएं, स्वस्थ बच्चे और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए बनेगी समन्वित रणनीति https://thefourthmirror.com/2026/07/22/chief-minister-vishnu-deo-sais-initiative-a-coordinated-strategy-will-be-formulated-for-healthy-mothers-healthy-children-and-a-malnutrition-free-chhattisgarh/ https://thefourthmirror.com/2026/07/22/chief-minister-vishnu-deo-sais-initiative-a-coordinated-strategy-will-be-formulated-for-healthy-mothers-healthy-children-and-a-malnutrition-free-chhattisgarh/#respond Wed, 22 Jul 2026 14:46:45 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65737 रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत में यूनिसेफ...

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रायपुर ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि  सिंथिया मैककैफ्रे ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन तथा बच्चों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों के पोषण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है और इन क्षेत्रों में स्थायी सुधार के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिम जाति विकास विभाग सहित सभी संबंधित विभाग यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से एक समन्वित और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करें, जिससे शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण में कमी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का प्रभाव तभी बढ़ेगा, जब विभिन्न विभाग साझा लक्ष्य और समन्वित कार्यप्रणाली के साथ काम करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी मल्टी-सेक्टोरल रणनीति तैयार करने को कहा, जिससे स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और बच्चों के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित हो।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने   सिंथिया मैककैफ्रे का शॉल एवं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक  ‘नंदी’  भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। वहीं सुश्री मैककैफ्रे ने भारत में यूनिसेफ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष स्मारक डाक टिकट मुख्यमंत्री को भेंट किया। यूनिसेफ की भारत प्रतिनिधि  सिंथिया मैककैफ्रे ने मुख्यमंत्री का जय जोहार कहकर अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और सरल-सहज लोगों का प्रदेश है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ लंबे समय से राज्य सरकार के साथ मिलकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध बनेगा। बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव  विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ की प्रमुख  सीमा कुमार, अनिल गुलाटी तथा डॉ. बाल पारितोष दास उपस्थित थे।

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इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हुए शामिल https://thefourthmirror.com/2026/07/22/chief-minister-vishnu-deo-sai-participated-in-the-emerging-chhattisgarh-empowered-women-prosperous-state-program/ https://thefourthmirror.com/2026/07/22/chief-minister-vishnu-deo-sai-participated-in-the-emerging-chhattisgarh-empowered-women-prosperous-state-program/#respond Wed, 22 Jul 2026 14:39:36 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65734 रायपुर।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ कार्यक्रम...

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रायपुर। 

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बस्तर के विकास, रोजगार, उद्योग, पर्यटन, सुशासन और सामाजिक सुधारों पर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हम सभी के लिए छत्तीसगढ़ महतारी है। यह माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। भारतीय संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान देने की परंपरा रही है। उन्होंने वेदों का उल्लेख करते हुए कहा कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं के चेहरे पर लौटी मुस्कान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश की लगभग 68 लाख 50 हजार विवाहित महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में दिए जा रहे हैं। अब तक 29 किश्तों के माध्यम से लगभग 18 हजार 800 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में अंतरित किए जा चुके हैं।उन्होंने कहा कि जब वे गांवों का दौरा करते हैं तो माताओं और बहनों के चेहरों पर इस योजना से आया आत्मविश्वास और संतोष स्पष्ट दिखाई देता है। बातचीत के दौरान माताएं और बहनें बताती हैं कि किसी ने अपनी बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश किया है, किसी ने सिलाई मशीन खरीदकर रोजगार शुरू किया है तो किसी ने किराना या सब्जी की दुकान खोलकर आय बढ़ाई है। इससे माताएं और बहनें  आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है।

दानसरा गांव की माताओं और बहनों ने महतारी वंदन की राशि से शुरू किया राम मंदिर निर्माण

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दानसरा गांव की माताओं और बहनों ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को एकत्र कर भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया है। उन्होंने कहा कि यह इस योजना का सबसे प्रेरक उदाहरण है कि महिलाएं इस राशि का उपयोग समाज और संस्कृति के संरक्षण के लिए भी कर रही हैं।

30 लाख से अधिक महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2 लाख 86 हजार महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन्हें रेडी-टू-ईट कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है तथा ऋण एवं अन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बस्तर में नक्सलवाद से विकास की ओर ऐतिहासिक परिवर्तन

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि चार-पांच दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर में शांति स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कैंप स्थापित करने के साथ-साथ विकास की योजनाओं को भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाया गया। पहले सुरक्षा शिविरों के पांच किलोमीटर दायरे तक योजनाओं का लाभ पहुंचता था, जिसे अब बढ़ाकर दस किलोमीटर तक किया गया है।

‘नियद नेल्ला नार’ से 500 से अधिक गांवों तक पहुंची सरकार

मुख्यमंत्री ने बताया कि नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत अब 500 से अधिक गांवों को जोड़ा जा चुका है। लगभग 17 विभागों की 40 से अधिक योजनाओं का लाभ इन गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। यहां लोगों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

36 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत लगभग 36 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया तथा गंभीर रोगियों को बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। वहीं बस्तर मुन्ने योजना के माध्यम से अधिकारी स्वयं दूरस्थ गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं।

सिंचाई, कृषि और पर्यटन से आत्मनिर्भर बनेगा बस्तर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में इंद्रावती नदी पर देउरगांव एवं मटनार सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनसे लगभग 80 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी।
उन्होंने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफाएं, अबूझमाड़ के विशाल वन तथा धुड़मारास जैसे गांव बस्तर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित कर रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में होम-स्टे को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत पांच कमरों तक के होम-स्टे निर्माण के लिए ऋण और सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इमली, महुआ, हर्रा, बहेड़ा, सीताफल और औषधीय वनोपजों का मूल्य संवर्धन कर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाई जा रही है। नेतानार जैसे गांवों में सेवा डेरा के माध्यम से महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, पैकेजिंग तथा अन्य आजीविका आधारित प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। आईआईटी की टीम भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास का कार्य कर रही है।

धर्मांतरण के विरुद्ध कड़ा कानून लागू

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण समाज के लिए गंभीर चुनौती है। विभिन्न राज्यों के कानूनों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 लागू किया गया है। इसके तहत धर्म परिवर्तन करने और करवाने वाले दोनों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। प्रलोभन, दबाव अथवा छलपूर्वक धर्मांतरण करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

समान नागरिक संहिता की दिशा में भी तेजी से कार्य

उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है तथा राज्य सरकार का प्रयास है कि आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र तक इस दिशा में ठोस प्रगति हो।

पीएससी घोटाले की जांच और रोजगार पर सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच जारी है तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने विभिन्न विभागों में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है तथा शीघ्र ही 5 हजार शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी।उन्होंने कहा कि सभी युवाओं को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, इसलिए नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किया जा रहा है। पिछले डेढ़ वर्षों में राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लाखों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव

कार्यक्रम में बलौदाबाजार जिले की  मीना देवांगन ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि योजना से प्राप्त राशि से उन्होंने चूड़ी का व्यवसाय शुरू किया है। वहीं  सरोज ने कहा कि वे इस राशि से अपने बच्चे की स्कूल फीस का भुगतान कर रही हैं। दोनों महिलाओं ने कहा कि इस योजना ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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20 घनमीटर अवैध साल लकड़ी बरामद, मुख्य आरोपी गिरफ्तार https://thefourthmirror.com/2026/07/22/20-cubic-meters-of-illegal-sal-wood-seized-prime-accused-arrested/ https://thefourthmirror.com/2026/07/22/20-cubic-meters-of-illegal-sal-wood-seized-prime-accused-arrested/#respond Wed, 22 Jul 2026 04:07:06 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65730 रायपुर । छत्तीसगढ के कोरबा वन मंडल ने लकड़ी की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी...

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रायपुर ।

छत्तीसगढ के कोरबा वन मंडल ने लकड़ी की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग 20 घनमीटर अवैध साल लकड़ी बरामद की है। वन विभाग की रणनीतिक कार्रवाई और रायपुर वन मंडल के सहयोग से अंतर-जिला स्तर पर संचालित तस्करी के मामले का खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

 मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई 
वन विभाग कोरबा को सूचना मिली थी कि कोरबा से अवैध रूप से साल लकड़ी का परिवहन कर उसे रायपुर के अभनपुर स्थित एक आरा मिल में बेचा गया है। सूचना के आधार पर विभाग ने जांच शुरू की और संदिग्ध से पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने लकड़ी को अभनपुर स्थित आरा मिल में बेचने की बात स्वीकार कर ली।

 पांच वन परिक्षेत्र अधिकारियों की संयुक्त टीम ने की छापेमारी

 आरोपी की निशानदेही पर कोरबा वन मंडल ने पांच वन परिक्षेत्र अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर अभनपुर स्थित आरा मिल में छापेमारी की। जांच के दौरान चोरी की गई 20 घनमीटर साल लकड़ी बरामद की गई। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और दस्तावेजीकरण किया गया।

 आरा मिल सील, वाहन भी जब्त 

   रायपुर वन मंडल की टीम ने आरा मिल में बड़ी मात्रा में संदिग्ध वनोपज मिलने पर उसे सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान लकड़ी परिवहन में उपयोग किए जा रहे एक ट्रैक्टर, क्रेन सहित अन्य वाहनों को भी जब्त किया गया। बरामद लकड़ी को सुरक्षित रूप से कोरबा के कसनिया डिपो में जमा कराया गया।

 वन विभाग और पुलिस का समन्वय बना सफलता की कुंजी 

 पूरी कार्रवाई वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव के निर्देशन में की गई। इस दौरान रायपुर वनमंडलाधिकारी श्री लोकनाथ पटेल तथा कोरबा पुलिस प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया, जिससे कार्रवाई सफल रही।

 भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज 
मामले में आरोपी के विरुद्ध शासकीय संपत्ति की चोरी और अवैध परिवहन से संबंधित प्रावधानों के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) और 316(5) के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

 वन संपदा संरक्षण के प्रति विभाग की सख्ती 
वन विभाग ने कहा है कि प्रदेश की वन संपदा की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अवैध कटाई, परिवहन और तस्करी में शामिल लोगों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई वन संपदा संरक्षण और अवैध वनोपज कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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अब सहकारी समितियों के जरिए किसानों को मिलेगी ‘ड्रोन स्प्रेयर‘ की सुविधा https://thefourthmirror.com/2026/07/22/farmers-will-now-get-access-to-drone-sprayers-through-cooperative-societies/ https://thefourthmirror.com/2026/07/22/farmers-will-now-get-access-to-drone-sprayers-through-cooperative-societies/#respond Wed, 22 Jul 2026 04:01:04 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65727 रायपुर । कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों को वैज्ञानिक खेती...

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रायपुर ।

कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने की दिशा में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले की 5 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में ‘ड्रोन स्प्रेयर‘ सुविधा की आधिकारिक शुरुआत की गई है। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर इस महत्वाकांक्षी पहल का शुभारंभ किया।,कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने बारिश की हल्की फुहारों के बीच ड्रोन स्प्रेयर का सफल प्रदर्शन किया। इस दौरान ड्रोन के माध्यम से उर्वरक और कीटनाशकों के सटीक छिड़काव, समय की बचत, कम लागत और बेहतर कृषि प्रबंधन की तकनीक को प्रदर्शित किया गया।

समय और लागत की होगी बड़ी बचत: मंत्री  टंक राम वर्मा

समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि आज का दिन जिले के कृषि इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जैसा है। ड्रोन तकनीक से कम समय में अधिक क्षेत्रफल में छिड़काव संभव होगा, जिससे रसायनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होगा। साथ ही किसानों के श्रम और लागत में भारी कमी आएगी। खेतों में सीधे जाने की आवश्यकता न होने से फसलों को होने वाले नुकसान से भी बचाव होगा। उन्होंने आगे कहा कि ‘ड्रोन दीदी‘ पहल से ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को कौशल विकास के साथ आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे।

रासायनिक खेती छोड़ प्राकृतिक व जैविक खेती अपनाएं किसान

  मंत्री  वर्मा ने रासायनिक रसायनों के दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए किसानों से जैविक व प्राकृतिक खेती की ओर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन कृषि परंपराएं ही सतत (सस्टेनेबल) खेती का आधार हैं। जैविक खेती से भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और खाद्यान्न की गुणवत्ता में सुधार होता है।

इन 5 समितियों से मिलेगी ड्रोन की सुविधा

  जिले की बलौदाबाजार, कसडोल, बया, गिर्रा (पलारी) और दामाखेड़ा (सिमगा) सहकारी समितियों में फिलहाल 11 ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं। चालू वर्ष में सहकारिता विभाग ने ड्रोन के माध्यम से लगभग 50 हजार एकड़ क्षेत्र में छिड़काव का लक्ष्य तय किया है।किसानों को अपनी संबंधित समिति में जाकर छिड़काव की तिथि और रकबा (क्षेत्रफल) बताकर पर्ची कटवानी होगी। तय तिथि पर ड्रोन पायलट के साथ मशीन किसान के खेत पर पहुंचेगी। किसान को केवल खाद या कीटनाशक उपलब्ध कराना होगा। इसके लिए प्रति एकड़ एक निर्धारित शुल्क देय होगा।

समितियां बनीं ‘मिनी बैंक‘, ऑनलाइन हुए सारे आंकड़े

   कार्यक्रम में कलेक्टर ने बताया कि जिले की सभी समितियां अब पूर्णतः कंप्यूटरीकृत हो चुकी हैं। ये समितियां ‘सीएससी‘ और मिनी बैंक के रूप में कार्य कर रही हैं, जहां माइक्रो एटीएम की सुविधा भी उपलब्ध है। अब किसानों को 10-20 हजार रुपये के आहरण के लिए बड़े बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारी व प्रबंधक सम्मानित

  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 17 समिति प्रबंधकों और ई-पैक्स में सराहनीय कार्य करने वाले 10 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम में 9 किसानों को केसीसी चेक तथा 2 कृषकों को लर्निंग लाइसेंस का वितरण भी किया गया।इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष,सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।

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जनजातीय बालिकाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बनेगा शबरी वाचनालय – डेका https://thefourthmirror.com/2026/07/22/shabari-reading-room-will-become-a-powerful-medium-for-the-holistic-development-of-tribal-girls-deka/ https://thefourthmirror.com/2026/07/22/shabari-reading-room-will-become-a-powerful-medium-for-the-holistic-development-of-tribal-girls-deka/#respond Wed, 22 Jul 2026 03:39:23 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65724 रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका ने आज वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा जनजातीय बालिकाओं में अध्ययन,...

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रायपुर।

राज्यपाल  रमेन डेका ने आज वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा जनजातीय बालिकाओं में अध्ययन, ज्ञानार्जन एवं पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थापित शबरी वाचनालय का उद्घाटन किया। वाचनालय की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शबरी वाचनालय एक दूरदर्शी पहल है, जो जनजातीय बालिकाओं के लिए अध्ययन, चिंतन, आत्मविकास एवं व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां अध्ययन करने वाली बालिकाएं ज्ञान एवं शिक्षा के बल पर प्रतियोगी परीक्षाओं सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करेंगी। उनकी उपलब्धियां न केवल उनके परिवार, बल्कि समाज और राष्ट्र का गौरव भी बढ़ाएंगी।

उन्होंने कहा कि शबरी कन्या आश्रम वर्षों से जनजातीय बालिकाओं को केवल आश्रय और शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्रसेवा की भावना भी प्रदान कर रहा है। इसी का परिणाम है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाली अनेक बालिकाएं आज शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन तथा समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण राज्य है। यहां की संस्कृति का संबंध रामायण काल की परंपराओं से है। उन्होंने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं में अनेक समानताएं हैं तथा दोनों राज्यों की सांस्कृतिक धारा भगवान श्रीराम से जुड़ी हुई है। ऐसे गौरवशाली सांस्कृतिक परिवेश का हिस्सा होना हम सभी के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय इंटरनेट और तकनीक का युग है। तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच जीवन मूल्यों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। परिवार और समाज के प्रति संवेदनशीलता, संतोष और सकारात्मक सोच ही जीवन को सार्थक बनाती है। संतुष्ट व्यक्ति ही वास्तविक रूप से प्रसन्न रह सकता है। जीवन ईश्वर का अमूल्य उपहार है, इसलिए इसके प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।राज्यपाल  डेका ने कहा कि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संबद्ध वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ प्रांत विगत कई दशकों से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन एवं सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने का यह प्रयास वास्तव में प्रेरणादायी है। उन्होंने संस्था के संस्थापकों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों के समर्पण भाव की सराहना करते हुए उनके सेवा कार्यों की प्रशंसा की।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ वनवासी विकास समिति के अध्यक्ष उमेश कच्छप, सचिव अनुराग जैन, संस्था के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सहयोगी तथा शबरी कन्या आश्रम की छात्राएं उपस्थित थीं।

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