टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग केस में अब तक 10 आरोपी अरेस्ट, वारदात में शामिल हथियार नहीं हुए बरामद
मुंबई।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। दिल्ली स्पेशल सेल ने कथित हथियार के इंतजाम और सप्लाई के आरोप में दो महिलाएं राधा और बबीता, दो पुरुष कुणाल और सुमित को गिरफ्तार किया है। हरियाणा से जतिन, समीर और अंकित को पकड़ा गया, जबकि कोटा पुलिस ने रेहान, फूल सिंह और ऋतिक को गिरफ्तार किया था। बुधवार को इन्हें 3 दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई पुलिस को सौंपा गया। अब तक गिरफ्तार आरोपियों के आपसी संपर्क, हथियारों की सप्लाई और कथित हैंडलर अनिल पंडित की भूमिका की जांच जारी है। ऐंटी एक्सटॉर्शन सेल जांच में जुटी है।बुधवार को आरोपियों को किला कोर्ट में पेशी के दौरान सरकारी वकील ने दलील दी कि आरोपियों से यह पता लगाना जरूरी है कि उन्होंने हथियार कहां से हासिल किए और उनका स्रोत क्या है? आरोपी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस को यह भी जांचना है कि वारदात के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कोई संबंध है या नहीं?
- अंधेरी और दादर के आधा दर्जन लॉज, होटल रडार पर हैं
- दिल्ली स्पेशल सेल ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क में महिलाओं की एंट्री !
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनमें से राधा-बबीता पर पिस्तौल और कारतूस हरियाणा से लाकर मुंबई में शूटरों तक पहुंचाने का आरोप है। इस घटनाक्रम ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क में महिलाओं की भूमिका पर नई चिंता पैदा कर रही है। पुलिस ने बताया कि कुणाल और सुमित ने कथित तौर पर अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस हासिल किए। पुलिस को संदेह है कि यह हथियार पहले से तय स्थान पर रखा गया था, जहां से उसे उठाया गया। ऐसे तरीके को ‘डेड लेटर बॉक्स’ कहा जाता है, जिसमें सामान लेने और रखने वाले का सीधे आमना-सामना होना जरूरी नहीं होता। इन्हीं हथियारों को कुणाल अपनी दोस्त राधा की मदद से वारदात को अंजाम देने वाले तीनों शूटरों तक पहुंचाने में सफल रहा। इसमें राधा का साथ बबीता ने दिया और दोनों हथियार लेकर ट्रेन से 17 अक्टूबर को मुंबई पहुंच गईं। यहां दादर में एक नाबालिग के जरिये हथियार वाले बैग को आगे पहुंचाया गया। हालांकि, दोनों महिलाओं की गैंग से उनके संबंधों को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अपराध की सप्लाई चेन तोड़ना जरूरी
टाइगर श्रॉफ पर हमले में इस्तेमाल हथियार अमृतसर से तय जगह से उठाए गए, फिर महिलाओं के जरिए मुंबई पहुंचाए गए। इससे पता चलता है कि अपराधी गिरोह पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में फैले लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए गोली चलाने वालों के साथ हथियारों के स्रोत, पैसों के लेन-देन, संचार माध्यम और गिरोह के सरगनाओं तक पहुंचना जरूरी है।
