स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण एवं उद्यम स्थापना से जोड़ने जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित
जांजगीर-चांपा ।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों को बैंक क्रेडिट लिंकेज एवं एंटरप्राइज फाइनेंस से जोड़ने के उद्देश्य से आज जिला पंचायत सभाकक्ष, जांजगीर-चांपा में जिला स्तरीय बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों, बैंक शाखा प्रबंधकों एवं बिहान मिशन से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों ने सहभागिता की।इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम हैं। समूहों को समय पर बैंक ऋण उपलब्ध कराना, उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित करना और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहयोग देना अत्यंत आवश्यक है। बैंकर्स और बिहान की टीम आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि पात्र समूहों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। हमारा उद्देश्य केवल समूहों को ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाकर स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर के रूप में एनआरपी दिलीप कुमार मित्रा एवं एएसपीएम संतोष शर्मा ने प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने बैंक क्रेडिट लिंकेज की प्रक्रिया, स्व-सहायता समूहों को ऋण उपलब्ध कराने की पात्रता, ऋण प्रकरणों के निराकरण, एंटरप्राइज फाइनेंस तथा समूहों की आजीविका गतिविधियों को विस्तार देने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में बैंक एवं बिहान मिशन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, स्व-सहायता समूहों के लंबित बैंक ऋण प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने तथा पात्र समूहों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने कहा गया। इसके साथ महिला उद्यमी राशि, व्यक्तिगत उद्यमी ऋण आवेदन पर विस्तृत चर्चा किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य स्व-सहायता समूहों की बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाना, ऋण वितरण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना तथा ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण में एलडीएम, डायरेक्टर आरसेटी, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, ब्लॉक टीम, एफएलसीआरपी, बैंक मित्र एवं पीआरपी उपस्थित रहे।
