कलिंगा विश्वविद्यालय ने  PM SHRI केंद्रीय विद्यालय, नया रायपुर के विद्यार्थियों के लिए इंटरैक्टिव मेंटरशिप सत्रों का सफलतापूर्वक किया आयोजन 

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रायपुर।

कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर ने एक अनुमोदित मेंटर उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) के रूप में PM SHRI केंद्रीय विद्यालय, नया रायपुर के विद्यार्थियों के लिए इंटरैक्टिव मेंटरशिप सत्रों का सफलतापूर्वक आयोजन किया।शिक्षा मंत्रालय (MoE), स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL), शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल, और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की प्रमुख राष्ट्रीय पहल—डेवलपिंग इनोवेशन कल्चर एंड एंटरप्रेन्योरशिप (DICE) कार्यक्रम के तहत आयोजित इन सत्रों का उद्देश्य स्कूली छात्रों के बीच उद्यमशीलता की सोच, समस्या समाधान और बौद्धिक संपदा जागरूकता को बढ़ावा देना था।इस पहल में 5-चरण वाले DICE रोडमैप के दो महत्वपूर्ण चरणों को शामिल किया गया: गतिविधि 3 (छात्रों द्वारा प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC), प्रोटोटाइप या बिजनेस मॉडल का विकास) और गतिविधि 4 (स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) जागरूकता)।

गतिविधि 3: छात्रों द्वारा प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC), प्रोटोटाइप या बिजनेस मॉडल का विकास

दिनांक: 27 अक्टूबर 2026

सत्र प्रमुख: डॉ. विजयालक्ष्मी, निदेशक, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), कलिंगा विश्वविद्यालय

डॉ. विजयालक्ष्मी ने रचनात्मक विचारों को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के व्यावहारिक पहलुओं पर छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान किया। इस इंटरैक्टिव कार्यशाला ने छात्रों को समस्या की पहचान, परिकल्पना निर्माण, डिज़ाइन सत्यापन फ्रेमवर्क, और व्यावहारिक व्यावसायिक मॉडल के निर्माण के माध्यम से निर्देशित किया। छात्रों ने समुदाय-संचालित टिकाऊ परियोजनाओं सहित वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोग मॉडलों की खोज की, जिसमें अवधारणा (concept) से लेकर एक स्केलेबल उद्यम तक की यात्रा पर जोर दिया गया।

गतिविधि 4: स्टार्ट–अप इकोसिस्टम और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) पर सत्र

दिनांक: 30 अक्टूबर 2026

सत्र प्रमुख:  सौम्यदीप चक्रवर्ती, सहायक प्राध्यापक, विधि संकाय, कलिंगा विश्वविद्यालय

  सौम्यदीप चक्रवर्ती ने स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, इनक्यूबेशन तंत्र और कानूनी सुरक्षा पर एक आकर्षक सत्र का संचालन किया। छात्रों ने सीखा कि पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क सहित बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) किस प्रकार उद्यमियों और रचनाकारों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करते हैं। इस सत्र ने व्यावसायिक विकास और राष्ट्रीय नवाचार वृद्धि की दिशा में एक आवश्यक कदम के रूप में रचनात्मक बौद्धिक उत्पाद की रक्षा करने के महत्व को रेखांकित किया।

सहयोगी नेतृत्व एवं मेंटरशिप टीम

इस मेंटरशिप कार्यक्रम में दोनों संस्थानों का नेतृत्व एक साथ शामिल हुआ:

कलिंगा विश्वविद्यालय टीम:

  • डॉ. विजयालक्ष्मी, निदेशक, IQAC
  •  सौम्यदीप चक्रवर्ती, सहायक प्राध्यापक, विधि संकाय
  •  अभिषेक कुमार गुप्ता, अनुसंधान सहायक, IQAC

PM SHRI केंद्रीय विद्यालय, नया रायपुर टीम:

  •   पुष्पध्वज, प्रभारी प्राचार्य
  •  शैलेंद्र कुमार गिरी, PGT (रसायन विज्ञान)

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