ब्राह्मणों की नाराजगी भारी पड़ी कांग्रेस प्रत्याशी पर! मदन मोहन झा जैसे दिग्गज का गढ़ भी हुआ ध्वस्त
पटना ।
बिहार के राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस को लेकर जो धारणा बन रही थी वो ये कि ब्राह्मणों का कांग्रेस से लगाव घटता जा रहा है। ये एमएलसी चुनाव में एक हद तक दिखा भी। दरभंगा शिक्षक क्षेत्र से कांग्रेस के दिग्गज मदन मोहन झा भी चुनाव हार ही गए और शेष चार उम्मीदवार भी अच्छा प्रदर्शन तक नहीं कर पाए। राजनीतिक गलियारों की बात करें तो दरभंगा शिक्षक क्षेत्र को लेकर थोड़ी उम्मीद बनी, पर यहां भी आक्रामक वोटिंग ब्राह्मण समाज ने कांग्रेस के पक्ष में नहीं की। जानते हैं कि दरभंगा शिक्षक परिणाम का हाल।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
बिहार विधान परिषद के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम जो घोषित हुए उसके अनुसार जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय (जन सुराज पार्टी) को 2,593 वोट मिले। कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. मदन मोहन झा को 2,269 वोट मिले और ये चुनाव हार गए। सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस उम्मीदवार मदन मोहन झा को 406 मतों के अंतर से हराया है।
चौंका गया दिग्गज नेता मदन मोहन झा की हार
वर्ष 2026 में हुए दरभंगा शिक्षक क्षेत्र को लेकर कांग्रेस क्या महागठबंधन भी डॉ. मदन मोहन झा की हार के बारे में नहीं सोचा था। पर हुआ यह कि जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय को 2593 मत मिले और कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा को 2293 मत मिले। और जन सुराज ने 406 मतों से जीत हासिल की। समीकरण यह बना कि ब्राह्मण मत में विभाजन हुआ और जन सुराज को मिला। इसका लाभ भाजपा से आए जन सुराज के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय को मिला। जबकि गत चुनाव वर्ष 2020 में कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. मदन मोहन झा को 4252 मत मिले थे जबकि भाजपा के सुरेश प्रसाद राय 2917 मतों हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे।
रणनीतिकार प्रशांत का मास्टर स्ट्रोक: अश्क
वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क कहते हैं कि नेता बनने से पहले प्रशांत किशोर एक रणनीतिकार थे। इनके जिम्मे प्रचार प्रसार और जिताऊ समीकरण ही तैयार करना था और यह अच्छे से किया भी। वही प्रतिभा का इस्तेमाल प्रशांत किशोर ने भी की। दरभंगा में यह प्रयोग सफल रहा। दरभंगा शिक्षक क्षेत्र से जितने वाले सुरेश प्रसाद राय पुराने भाजपाई थे। पर इतना भर ही नहीं था। सुरेश प्रसाद यादव माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष भी हैं। इसका लाभ भी मिला। प्रशांत किशोर का प्रशांत पांडे होने का भी फायदा मिला। हां, यह सच है कि दरभंगा शिक्षक क्षेत्र से सीपीआई के उम्मीदवार ने भी लगभग 1500 से ज्यादा वोट काटे। लेकिन जिस रणनीति के साथ प्रशांत उतरे उसे सफलता मिली।
