मुकेश अंबानी की दो कंपनियों के शेयर मचा रहे धूम, एक में धड़ाधड़ लग रहा अपर सर्किट, जानें कितनी आई तेजी
नई दिल्ली।
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्री ही सिर्फ शेयर बाजार में लिस्ट नहीं है। उनकी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स भी शेयर बाजार में एंट्री करने जा रही है। इसका आईपीओ 21 अक्टूबर से खुल रहा है। वहीं अंबानी ने ऐसी और कंपनियों में बड़ा निवेश किया है, जो स्टॉक मार्केट में लिस्ट हैं। इन्हीं में एचएफसीएल और जस्ट डायल शामिल हैं। इन दोनों कंपनियों के शेयर निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दे रहे हैं।
कहां पहुंचा एचएफसीएल का शेयर?
टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनी HFCL लिमिटेड का शेयर निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दे रहा है। इसमें पिछले कई दिनों में कई बार अपर सर्किट लग गया है। कल सोमवार को भी यह 5 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 268.70 रुपये पर बंद हुआ था। इसने 6 महीने में 188% रिटर्न दिया है। वहीं इस साल इसमें 290% की तेजी आई है।एचएफसीएल सरकारी और निजी टेलीकॉम कंपनियों के लिए नेटवर्क से जुड़े प्रोजेक्ट करती है। भारतनेट कार्यक्रम के तहत कंपनी ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) की सप्लाई के साथ नेटवर्क बिछाने और उसे तैयार करने का काम भी करती है। इसके अलावा कंपनी को रिलायंस जियो जैसी निजी टेलीकॉम कंपनियों से भी प्रोजेक्ट मिले हैं। इस कंपनी में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की करीब 5 फीसदी हिस्सेदारी है।
जस्ट डायल के शेयर का क्या हाल?
Just Dial Ltd के शेयर में भी तेजी बनी हुई है। सोमवार को यह शेयर 2.82% की बढ़त बनाकर 732.55 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान यह इसमें 12% से ज्यादा की तेजी आ गई थी। पिछले 6 महीने में यह शेयर 36% उछल चुका है। हालांकि इससे ज्यादा समय के रिटर्न ने निवेशकों को निराश किया है।जस्ट डायल भारत की एक इंटरनेट और टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो फोन, वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए देशभर में विभिन्न सेवाओं की स्थानीय जानकारी उपलब्ध कराती है। जुलाइई 2021 रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इसका अधिग्रहण कर लिया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) की जस्ट डायल में करीब 64% हिस्सेदारी है।
डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, एनबीटी के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।
