क्या आप भी कई दवाएं एक साथ रोज खाते हैं? इससे बढ़ सकता है ड्रग इंटरेक्शन का खतरा?

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एक साथ कई दवाएं लेना हमेशा गलत नहीं होता। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी या गठिया जैसी समस्याओं में डॉक्टर एक से ज्यादा दवाएं लिख सकते हैं। लेकिन बिना सलाह के दूसरी दवा, पेन किलर, कोल्ड की मेडिसिन या सप्लीमेंट्स लेने से साइड इफेक्ट और ड्रग इंटरेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। खासकर बुजुर्गों में दवाओं की सही मात्रा, समय और उनके आपसी असर पर ध्यान देना जरूरी है। फिलहाल तो डॉक्टर कई दवाओं को एक साथ देते समय उन्हें सही तरह से लेने की सलाह भी देते हैं।

एक दिन में कई दवाएं लेने पर ड्रग इंटरेक्शन का खतरा क्यों बढ़ सकता है?

ड्रग इंटरेक्शन का मतलब है कि एक दवा का असर दूसरी दवा, भोजन, शराब या किसी सप्लीमेंट के कारण बदल जाए। इससे कोई दवा अपेक्षा से कम असर कर सकती है, उसका प्रभाव बढ़ सकता है या नए साइड इफेक्ट सामने आ सकते हैं। कुछ इंटरेक्शन गंभीर भी हो सकते हैं।उदाहरण के लिए, कुछ दवाएं एक साथ लेने से अत्यधिक नींद या चक्कर आ सकते हैं, जबकि कुछ का कॉम्बिनेशन ब्लीडिंग या ब्लड प्रेशर बहुत कम होने का जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, हर दवा का कॉम्बिनेशन नुकसानदायक नहीं होता। कई बार डॉक्टर बीमारी को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के लिए दवाओं का कॉम्बिनेशन सोच-समझकर निर्धारित करते हैं।एफडीए के अनुसार, दवाओं के बीच इंटरेक्शन उनकी प्रभावशीलता कम कर सकता है या अनचाहे साइड इफेक्ट बढ़ा सकता है। इसलिए मरीज को किसी भी बीमारी की दवा लेने से पहले डॉक्टर को अपनी सभी प्रिस्क्रिप्शन मेडिसिन, बिना पर्चे मिलने वाली दवाओं, विटामिन और हर्बल सप्लीमेंट की जानकारी देना जरूरी है।

पॉलीफार्मेसी क्या है और बुजुर्गों में यह चिंता का विषय क्यों बनती है?

Risk of drug interaction<br>कई दवाएं एक साथ खाने से क्या होता है? (Designed By Magnific)

क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक पॉलीफार्मेसी (Polypharmacy) का मतलब है एक व्यक्ति का एक साथ कई दवाएं लेना। आमतौर पर पांच या उससे अधिक दवाएं लेने को पॉलीफार्मेसी के रूप में चर्चा में लाया जाता है, हालांकि इसकी कोई एक सही परिभाषा नहीं है। केवल दवाओं की संख्या से यह तय नहीं होता कि इलाज गलत है। असली चिंता तब होती है, जब दवाएं अनावश्यक हों, उनका कॉम्बिनेशन नुकसान पहुंचा रहा हो या उन्हें सही तरीके से लेना मुश्किल हो जाए।बुजुर्गों में डायबिटीज, हाई बीपी, गठिया, हृदय रोग और दूसरी पुरानी बीमारियां एक साथ हो सकती हैं। ऐसे में कई दवाओं की जरूरत पड़ना सामान्य है। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ किडनी और लिवर की कार्यक्षमता में बदलाव आ सकता है, जिससे कुछ दवाएं शरीर से धीरे निकलती हैं। इसका असर दवा की मात्रा, साइड इफेक्ट और ड्रग इंटरेक्शन के जोखिम पर पड़ सकता है।एनसीबीआई के अनुसार बुजुर्गों में कई दवाएं लेने से जुड़े जोखिमों और यह जांचने की जरूरत पर जोर दिया है कि हर दवा अब भी जरूरी है या नहीं। कई दवाएं लेने से खुराक भूलने, एक ही दवा दो बार लेने, चक्कर आने और गिरने जैसी समस्याओं की आशंका भी बढ़ सकती है। इसलिए समय-समय पर डॉक्टर से दवाओं की समीक्षा करवाना उपयोगी है।

ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की दवाओं के साथ दूसरी मेडिसिन का असर कैसे बदल सकता है?

Risk of drug interaction<br>कई दवाएं एक साथ खाने से क्या होता है? (Designed By Magnific)

हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की दवाएं नियमित रूप से लेना कई मरीजों के लिए जरूरी होता है। लेकिन इनके साथ कोई नई दवा शुरू करने से पहले उसके संभावित इंटरेक्शन को समझना चाहिए।

  • ब्लड प्रेशर की दवाएं: कुछ पेन किलर्स कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर नियंत्रण को प्रभावित कर सकती हैं और किडनी पर असर डाल सकती हैं। वहीं, कुछ दूसरी दवाएं या उनके कॉम्बिनेशन से ब्लड प्रेशर बहुत कम हो सकता है, जिससे चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है।
  • डायबिटीज की दवाएं: कुछ दवाएं ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा या घटा सकती हैं। उदाहरण के लिए, कुछ स्टेरॉइड्स ब्लड ग्लूकोज बढ़ा सकते हैं। दूसरी ओर, डायबिटीज की कुछ दवाओं के साथ खानपान में बदलाव, बीमारी या अन्य दवाओं का असर मिलकर हाइपोग्लाइसीमिया यानी ब्लड शुगर बहुत कम होने का जोखिम बढ़ा सकता है। यह जोखिम हर दवा में समान नहीं होता।

मेडलाइन प्लस के अनुसार यदि डॉक्टर कोई नई दवा लिखते हैं, तो उन्हें बताएं कि आप हाई बीपी या डायबिटीज की कौन-सी दवाएं लेते हैं। नई दवा शुरू करने के बाद ब्लड प्रेशर या शुगर की निगरानी कितनी बार करनी है, यह भी पूछें। अपनी नियमित दवा की खुराक खुद से न बदलें।एक दिन में कई दवाएं लेना जरूरी भी हो सकता है, लेकिन उनका सही कॉम्बिनेशन, मात्रा और समय समझना उतना ही महत्वपूर्ण है। खासकर बुजुर्गों और लंबे समय से किसी बीमारी का इलाज करवा रहे लोगों को दवाओं की समय-समय पर समीक्षा करवानी चाहिए। किसी नई दवा, पेनकिलर, कोल्ड मेडिसिन या सप्लीमेंट्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें। दवाओं की संख्या से ज्यादा जरूरी है कि हर दवा की जरूरत हो और उसे सुरक्षित तरीके से लिया जाए।


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