फडणवीस ने नहीं दिया ‘भाव’, शिवसेना ने की दीया मिर्जा की तारीफ, दीवाली वीडियो पर BJP-शिवसेना में ‘दरार’

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मुंबई।

दीवाली पर पटाखे फाेड़ने को लेकर बीएमसी द्वारा साझा किए अभिनेत्री दीया मिर्जा के वीडियो पर महाराष्ट्र में राजनीति गरमा गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमीत साटम के विरोध के बाद बीएमसी ने वीडियो डिलीट कर दिया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस वीडियो को फिर से अपलोड करने का आदेश दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के बाद सीएम फडणवीस ने इस छोटा मुद्दा बताते हुए दीजा मिर्जा के वीडियो को महत्व देने से मना कर दिया था लेकिन शिवसेना की उलटी प्रतिक्रिया सामने आई है। बीएमसी में डिप्टी मेयर और शिवसेना के पार्षद संजय घाड़ी ने दीया मिर्जा की तारीफ करते हुए कहा है कि मैंने वह वीडियो देखा और मुझे उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा। उन्होंने न तो हिंदुओं के खिलाफ कुछ कहा और न ही मुसलमानों के पक्ष में। घाड़ी ने कहा है कि दीया मिर्जा पूर्व में भारत का मान बढ़ा चुकी हैं, जबकि मुंबई बीजेपी चीफ अमीत साटम ने अब दीया मिर्जा के तार टुकड़े-टुकड़े गैंग से जुड़े होने की बात कही है।

टुकड़े-टुकड़े गैंग पर आए अमीत साटम

दीया मिर्जा के इस वीडियो पर सबसे पहले आपत्ति अमीत साटम ने की थी। इसके बाद मेयर रितू तावड़े ने दीया मिर्जा को मोदी विरोधी करार दिया था और कहा था कि किसी भी कार्यक्रम में नहीं बुलाएंगी, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद टि्वस्ट आया गया है। सीएम फडणवीस ने कहा है कि किसका वीडियो रखना, नहीं रखना ये काम बीएमसी का है। यह बहुत छोटा मामला है। उन्होंने कहा है कि दीया मिर्जा कोई राजनीतिक हस्ती नहीं है कि मैं उन पर बोलूं। दीया मिर्जा के वीडियो पर सवाल खड़े करने वाले अमीत साटम अब कोर्ट के आदेश और संदर्भ को देखने की बात कह रहे हैं।अमीत साटम ने दीया मिर्जा को अब राष्ट्र विरोध बताने की कोशिश की है। साटम ने प्रतिक्रिया में कहा है कि हम कोर्ट का पूरा सम्मान करते हैं। हम कोर्ट की टिप्पणियों और उनके संदर्भ का अध्ययन करेंगे। हालांकि, हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमें किसी व्यक्ति के धर्म, जाति या पंथ से कोई आपत्ति नहीं है। हमारी आपत्ति केवल उन लोगों से है जो भारत-विरोधी ताकतों, राष्ट्र-विरोधी तत्वों और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ से जुड़े हैं।

100% अपलोड होना चाहिए वीडियो

बीएमसी में डिप्टी मेयर संजय घाड़ी से जब यह पूछा गया कि क्या BMC इस वीडियो को दोबारा पोस्ट करेगी, इस पर BMC के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने कहा इसे 100 प्रतिशत दोबारा अपलोड किया जाना चाहिए। एक बार आदेश मिल जाने पर बीएमसी को वीडियो फिर से पोस्ट करना ही होगा, क्योंकि ये हाई कोर्ट के जजों के आदेश हैं। हम सभी न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, चाहे कोई भी राजनीतिक दल या व्यक्ति हो। घाड़ी के अनुसार बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को बॉम्बे हाई कोर्ट की उस अपील और निर्देशों का प्रचार करना चाहिए, जिसमें नगर निकाय से मुंबई में प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाने को कहा गया था। कोर्ट ने मशहूर हस्तियों (जिनमें अभिनेता, अभिनेत्री, क्रिकेटर और अन्य जाने-माने लोग शामिल हैं) की मदद लेने का सुझाव दिया था। एनसीपी (एससी) के विधायक रोहित पवार भी दीया मिर्जा के पक्ष में बोले हैं। उन्होंने कहा कि दीया मिर्जा के वीडियो का कंटेंट माधुरी दीक्षित से मिलता जुलता ही है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वत: ही लिया संज्ञान

वीडियो पोस्ट होने के बाद अमीत साटम ने लिखा था कि दीया मिर्जा जैसी अभिनेत्री या किसी और को हमें यह नहीं बताना चाहिए कि हमें अपने त्योहार कैसे मनाने चाहिए। यह घटना सोमवार हुई थी। मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट की जस्टिस गोखले और जस्टिस कुलकर्णी की खंडपीठ ने ‘स्वतः संज्ञान’ लेते हुए एक आदेश पारित किया। कोर्ट ने यह भी कहा कि भारत सभी धर्मों के लोगों का देश है और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान के तहत हर नागरिक को दिए गए अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। बीएमसी को उनका वीडियो फिर से पोस्ट करना चाहिए। शिवसेना के पार्षद और डिप्टी मेयर संजय घाड़ी कह रहे हैं कि वीडियो हटाना एक ऐसी अभिनेत्री और व्यक्ति का अपमान करने जैसा है, जिसे शहर में प्रदूषण से निपटने में मदद के लिए आमंत्रित किया गया था। यह ऐसा है जैसे किसी मेहमान को अपने घर बुलाना और फिर उन्हें विदा करने से पहले उनका अपमान कर देना।


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