भारतीय बौद्ध महासभा ने पुरातत्व विभाग को सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
रायपुर।
विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं बौद्ध नगरी सिरपुर को UNESCO की विश्व धरोहर की टेंटेटिव सूची में शामिल किए जाने के बाद भी वहां प्राचीन शिलालेखों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। ऐतिहासिक धरोहरों पर सीमेंट एवं सफेद पेंट से पुताई किए जाने को लेकर भारतीय बौद्ध महासभा, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने कड़ी नाराजगी जताई है। महासभा ने इस मामले में पुरातत्व विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में भारतीय बौद्ध महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने 30 अक्टूबर 2026 को संचालक, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, रायपुर को ज्ञापन सौंपा।महासभा ने कहा कि 21 अक्टूबर 2026 को सिरपुर को ‘Sirpur Cultural and Archaeological Landscape’ के नाम से UNESCO की World Heritage Tentative List में शामिल किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में प्राचीन शिलालेखों को क्षति पहुंचाना चिंताजनक है।

बौद्ध संस्कृति और सभ्यता का महत्वपूर्ण केंद्र
महासभा के महासचिव बेनीराम गायकवाड़ ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि सिरपुर का प्राचीन नाम श्रीपुर था, जो दक्षिण कोशल राज्य का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक केंद्र रहा है। यहां आनंद कुटी विहार, स्वास्तिक विहार, तिवार देव विहार, बुद्ध की विशाल प्रतिमाएं तथा लक्ष्मण विहार सहित अनेक ऐतिहासिक अवशेष मौजूद हैं।इसके अतिरिक्त प्राचीन स्नानागार, बौद्ध भिक्षुओं के ध्यान केंद्र एवं निवास स्थलों के अवशेष भी सिरपुर की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं। पुरातत्व विभाग की खुदाई में प्राप्त भगवान बुद्ध की प्राचीन अष्टधातु प्रतिमा रायपुर संग्रहालय में संरक्षित है।
संरक्षण और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
भारतीय बौद्ध महासभा ने मांग की है कि सिरपुर के सभी पुरातात्विक अवशेषों एवं प्राचीन शिलालेखों का समुचित संरक्षण किया जाए। ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाने और उनके साथ छेड़छाड़ करने वालों की पहचान कर नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।महासभा ने स्पष्ट किया कि सिरपुर केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि संपूर्ण देश की अमूल्य सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर है। इसके संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल रहा उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष भोजराज गौरखेड़े, अरुण बागड़े (महासचिव, युवा प्रकोष्ठ), यू.के. मेश्राम, अजय शेंद्रे (जिला महासचिव), पुरुषोत्तम डोंगरे, विनोद मेश्राम, संघसेन दुफारे, दिलीप कुमार रागासे, नीनू बागड़े (प्रदेश कोषाध्यक्ष, महिला विंग), पी.पी. गोंडाने, संजय डोंगरे, दीपक बंसोड, कृष्णा चिचखेड़े, रेखा चिचखेड़े, मंगला गोंडाने, छाया आग्रेरकर, आदित्य रामटेके, तन्मय बोरकर, अक्षय डाहट, अरुणा राव, प्रशांत शंभरकर, हरीश रामटेके सहित बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के उपासक एवं उपासिकाएं उपस्थित रहे।
