करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देते समय क्या बोलें? जानें मंत्र, पूजा विधि और सुखद दांपत्य जीवन के सरल उपाय

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करवा चौथ का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। जो आज यानी 29 अक्टूबर, गुरुवार को है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और अपने पति की लंबी उम्र के लिए सूर्योदय से लेकर चंद्रमा निकलने तक निर्जला व्रत करती हैं। इस दिन करवा माता, भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने का विधान होता है। वहीं, रात को चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत पूर्ण होता है। ऐसे में शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देते समय विशेष मंत्र का जप अवश्य करें। ऐसा करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त हो सकता है। आइए ज्योतिष एक्सपर्ट, वास्तु गुरु मान्या से जानें चंद्रमा को अर्घ्य देने का मंत्र, पूजा विधि, नियम और सुखद दांपत्य जीवन के लिए सरल उपाय।

करवा चौथ पर चंद्रमा पूजा की विधि

  • पूजा की थाली करें तैयार : वास्तु गुरु मान्या बताती हैं कि सबसे पहले एक पूजा की थाली में रोली, अक्षत, मिट्टी का करवा, मिठाई, छलनी और दीपक रखें।
  • रोली अक्षत लगाएं : जब आकाश में चंद्रमा नजर आने लगे यानी चंद्रोदय हो जाए, तो उन्हें सबसे पहले दूर से ही उंगलियों से रोली और अक्षत के छीटें देकर तिलक लगा दें।
  • छलनी से करें चांद के दर्शन : तिलक करने के बाद छलनी में एक घी का दीपक जलाकर रखें और फिर, चंद्रमा के दर्शन करें।
  • छलनी से देखें पति का मुख : चंद्रमा के दर्शन करने के बाद उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखें। इसके बाद, चंद्रदेव और फिर, अपने पति की आरती उतारें। उन्हें तिलक लगाने के बाद उनके चरण स्पर्श करके आशीर्वाद दें।
  • व्रत का पारण : पति के हाथ से जल पीने के बाद और मिठाई खाकर अपने व्रत का पारण करें।

करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देने का मंत्र

चंद्रमा को जल अर्पित करते समय विशेष मंत्र का जप जरूर करना चाहिए। आप अर्घ्य देते समय ‘ओम सोमाय नमः’ मंत्र का जप कर सकती हैं। यह दांपत्य जीवन में शीतलता बनाए रख सकता है। इसके अलावा, विशेष स्तुति करने के लिए यह बोलते हुए चांद को जल अर्पित करना चाहिए-

‘दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम्, नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्।’

चंद्रमा को अर्घ्य देने के नियम

  • करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देते समय इस बात का ख्याल रखें की कलश हमेशा तांबे, पीतल या मिट्टी का ही होना चाहिए।
  • चांद को जल अर्पित करते समय लोटे में थोड़ा सा कच्चा दूध, अक्षत और चांदी का सिक्का डालना चाहिए। ज्योतिष एक्सपर्ट, वास्तु गुरु मान्या बताती हैं कि ऐसा करना बेहद शुभ होता है और समृद्धि दायक माना जाता है।
  • व्रत के दौरान कथा सुनते समय और रात को चांद को अर्घ्य देते समय एक ही रंग की (विशेषकर लाल अथवा पीली) चुनरी पहनना सबसे उत्तम माना जाता है। यह रिश्ते को मजबूत करने वाला माना गया है।
  • चंद्रमा को अर्घ्य देते समय इस बात का ध्यान रखें की जल की बूंदें पैरों पर नहीं गिरनी चाहिए। अर्घ्य देने के बाद अपनी ही जगह पर तीन बार घुमकर परिक्रमा जरूर करें।

करवा चौथ पर सुखद दांपत्य जीवन के उपाय

  • चंद्रमा पूजन के समय करें यह कामना : चंद्रमा को अर्घ्य देने के तुरंत बाद दोनों हाथ जोड़कर चंद्रदेव से अपने पति के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन की सच्चे मन से प्रार्थना करें।
  • मां पार्वती के मंत्र का जप : पूजा के दौरान ‘शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते’ मंत्र का कम से कम 11 जप करें। इस उपाय को श्रद्धा भाव के साथ करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।
  • सिंदूर का उपाय : पूजा के बाद माता गौरी को चढ़ाया हुआ सिंदूर अपनी मांग में लगाएं। कहते हैं कि इससे सौभाग्य अखंड रहता है।
  • श्रृंगार और सफेद वस्तुओं का दान : करवा चौथ की पूजा पूरी होने के बाद अपनी सास या घर की बड़ी सुहागिन को सुहाग की सामग्री भेंट करनी चाहिए। अगले दिन किसी जरूरतमंद को चावल या चीनी जैसी सफेद चीजों का दान करें। मान्यता है कि इससे चंद्र दोष का प्रभाव कम होता है।

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