चंबल नदी पर बनेगा हैंगिग ब्रिज, जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए नदी के अंदर नहीं बनेंगे पिलर, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पर बड़ा अपडेट

0

ग्वालियर।

मुरैना और धौलपुर जिलों में किसानों का विरोध शांत होने के बाद अब 4,613 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे 88.4 किलोमीटर लंबे ग्वालियर-आगरा सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट के सबसे बड़े आकर्षण चंबल नदी पर बनने वाले हैंगिंग ब्रिज का काम भी अब मुरैना के बसैया गांव के पास जोर-शोर से शुरू करा दिया गया है। शुरुआती योजना में इस हैंगिंग ब्रिज की लंबाई 600 मीटर तय की गई थी, लेकिन नदी के किनारे पिलर के लिए की गई पाइल टेस्टिंग फेल होने के बाद अब डिजाइन में बदलाव किया गया है।नया ब्रिज अब मुरैना के बसैया गांव के पास तैयार किया जा रहा है और इसकी कुल लंबाई बढ़कर 1,600 मीटर हो गई है। हालांकि, नदी के ठीक ऊपर वाला मुख्य हिस्सा अब भी 600 मीटर का ही रहेगा, लेकिन नदी के दोनों छोर पर 500-500 मीटर के एलिवेटेड पहुंच मार्ग (एलिवेटेड अप्रोच रोड) तैयार किए जाएंगे। मुख्य हैंगिंग ब्रिज का बीच का स्लैब 300 मीटर और दोनों किनारों के स्लैब 150-150 मीटर के होंगे।

जलीय जीवों और पर्यावरण का रखा जाएगा खास ख्याल

चंबल अभयारण्य के पारिस्थितिकी तंत्र को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण में विशेष सावधानी बरती जा रही है। नदी के भीतर कोई पिलर नहीं बनाया जाएगा, ताकि जलीय जीवों के प्राकृतिक आवास पर निर्माण कार्य का असर कम से कम पड़े। इसके अलावा, पुल पर ‘नाइस बैरियर’ लगाए जाएंगे, जो वाहनों और इंजनों से निकलने वाले शोर को नियंत्रित करेंगे। इससे चंबल अभयारण्य के वन्यजीवों और पर्यावरण पर गाड़ियों की आवाज का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

तीन राज्यों को जोड़ेगा और घटेगी दूरी

यह एक्सप्रेस वे मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तीनों राज्यों को आपस में जोड़ेगा। वर्तमान में ग्वालियर से आगरा की दूरी लगभग 125 किलोमीटर है और खराब रास्ते के कारण 2 से ढाई घंटे का समय लगता है। नए सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के बनने से यह दूरी करीब 32 किलोमीटर कम हो जाएगी।

एक्सेस कंट्रोल से लैस होगा एक्सप्रेस वे

यह प्रोजेक्ट ‘एक्सेस कंट्रोल’ होगा, यानी इस पर चढ़ने और उतरने के चुनिंदा प्वाइंट्स होंगे। इसके शुरू होने से यात्री मात्र एक घंटे में ग्वालियर से आगरा पहुंच सकेंगे। आगे इसकी कनेक्टिविटी यमुना एक्सप्रेस वे से मिलने के कारण लोग अधिकतम तीन घंटे में दिल्ली तक का सफर तय कर सकेंगे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें