मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में साहिल-मुस्कान को सजा-ए-मौत
नई दिल्ली।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत ने दोषी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। जिला जज अरविंद कुमार ने दोनों को उनके पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में सजा-ए-मौत दी है। ऐसे में जानते हैं भारत में आखिरी बार किसे फांसी की सजा दी गई थी?मेरठ के इस चर्चित हत्याकांड में करीब डेढ़ साल बाद अदालत ने सजा का ऐलान किया है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इनमें उन लोगों की गवाही भी शामिल थी, जिनसे कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल चाकू और शव को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया गया नीला ड्रम खरीदा गया था। मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था।
भारत में आखिरी बार कब और किसे हुए थी फांसी?
भारत में आखिरी बार 20 मार्च 2020 को चार दोषियों को फांसी पर लटकाया गया था। यह मामला 16 दिसंबर 2012 का था, जिसमें दिल्ली में चलती बस में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या का मामला था। इस मामले में चार दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को दिल्ली की तिहाड़ जेल में 20 मार्च 2020 सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर फांसी पर लटकाया गया था।
क्या मुस्कान और साहिल की फांसी की सजा पर लग सकती है रोक?
मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें तुरंत फांसी दे दी जाएगी। भारत में सत्र अदालत से मिली मौत की सजा की हाई कोर्ट से पुष्टि जरूरी होती है। इसके बाद दोषियों के पास सुप्रीम कोर्ट में अपील और कानून के तहत उपलब्ध अन्य विकल्पों का भी रास्ता होता है। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि मुस्कान और साहिल को फांसी दिए जाने की तारीख तय हो गई है।
क्या था मेरठ का चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड?
मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या की थी। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई थी।सौरभ राजपूत हत्याकांड में जुलाई 2025 में ट्रायल शुरू हुआ था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए। करीब 13 महीने तक चली अदालती प्रक्रिया में 126 तारीखों पर सुनवाई हुई। इसके बाद 30 सितंबर को अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और अब सजा का ऐलान किया।बता दें कि पुलिस ने 19 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच में सामने आया था कि सौरभ की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े कर घर में रखे नीले ड्रम में डाल दिए गए थे। इस मामले ने देशभर में लोगों का ध्यान खींचा था। अदालत के फैसले के बाद अब इस चर्चित हत्याकांड में दोषियों को मृत्युदंड सुनाया गया है।
