15 MLA बदलेंगे पाला…तमिलनाडु में ताकत बढ़ा रही विजय की टीवीके, AIADMK को कैसे बचाएंगे पलानीस्वामी
चेन्नई।
तमिलनाडु विधानसभा उपचुनावों में AIADMK की दोनों सीटों पर के बाद MGR और जयललिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे ई पलानीस्वामी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। एआईएडीएमके के बागी नेता सी वी शनमुगम ने उपचुनाव में मिली हार पर चर्चा के लिए ‘जनरल काउंसिल’ की बैठक बुलाने की मांग की है। शनमुगम ने कहा कि पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व को हार के कारणों का पता लगाना चाहिए और सुधार के लिए कदम उठाने चाहिए।शनमुगम उन नेताओं में शामिल हैं जो पहले से ही पूर्व मुख्यमंत्री एडपल्ली पलानीस्वामी की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। राज्य में जहां एआईएडीएमके कमजोर पड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ विजय की टीवीके मजबूत हो रही है। सवाल यह है कि अगर एआईएडीएमके के और विधायकों ने इस्तीफे दिए तो फिर पलानीस्वामी क्या करेंगे? क्योंकि विजय के मंत्री सेंगोट्टैयन के दावे के बाद राजनीति गरमाई हुई हैं। उन्होंने कहा है कि एआईएडीएमके के 15 विधायक टीवीके में आएंगे।
सी वी शनमुगम फिर से हुए मुखर
एआईएमडीएमके के बागी नेता सी वी शनमुगम बुधवार को मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनावों में AIADMK के खराब प्रदर्शन की समीक्षा की मांग की। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने और संगठन को फिर से मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा के लिए ‘जनरल काउंसिल’ (आम परिषद) की बैठक बुलाने का आग्रह किया। शनमुगम ने अपने आवास पर पूर्व मंत्रियों सहित पार्टी नेताओं के एक समूह के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, शनमुगम ने कहा कि पार्टी को एक बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व को हार के कारणों की पहचान करनी चाहिए और सुधार के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस हार से उन्हें काफी दुख हुआ है। साथ ही, उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी सभी को साथ लेकर और अपने संस्थापक एम. जी. रामचंद्रन तथा पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की विरासत का अनुसरण करते हुए अपनी पुरानी ताकत वापस पा सकती है।
कार्यकर्ताओं को भरोसे की जरूरत
शनमुगम ने कहा कि AIADMK कार्यकर्ताओं को इस बात के भरोसे की जरूरत है कि पार्टी को फिर से खड़ा किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि अभी मेरे पास पार्टी में कोई पद नहीं है, लेकिन मैं और अन्य नेता संगठन को मजबूत करने के लिए नेतृत्व के प्रयासों का समर्थन करने को तैयार हैं। इस बीच AIADMK ने मंत्री सी.टी.आर. निर्मल कुमार को एक कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें पार्टी और एडप्पादी के. पलानीस्वामी के खिलाफ उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक माफी और 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है। 13 अक्टूबर के इस नोटिस में उस टिप्पणी का जिक्र है, जो मंत्री ने कथित तौर पर 9 अक्टूबर को उपचुनाव के नतीजों के बाद सचिवालय में एक प्रेस बातचीत के दौरान की थी। आरोप है कि उन्होंने AIADMK को एक लेटर-पैड कंपनी बताया और दावा किया कि पलानीस्वामी पार्टी पर नियंत्रण रखकर अपनी निजी संपत्ति और पारिवारिक हितों की रक्षा कर रहे हैं।
विजय के मंत्री के बयान पर भड़की AIADMK
AIADMK विधायक दल के व्हिप एग्री कृष्णमूर्ति ने राज्यपाल को एक शिकायत सौंपी है, जिसमें मंत्री सेंगोट्टैयन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। उन पर ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ (नेताओं की खरीद-फरोख्त) का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उन्होंने दावा किया था कि AIADMK के 15 और सदस्य TVK में शामिल हो जाएंगे। एआईएडीएमके (AIADMK) को चुनाव में कुल 47 सीटें मिली थीं। 6 विधायकों के इस्तीफे के चलते एआईएडीएमके के पास सक्रिय विधायकों की संख्या घटकर 41 या उससे कम रह गई है।
