नितिन लॉरेंस ने प्रधानमंत्री कार्यालय में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर ईमेल के माध्यम से भी भेजा शिकायत-पत्र; स्पीड पोस्ट से भी भेजने की तैयारी

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रायपुर, छत्तीसगढ़ ।

सामाजिक कार्यकर्ता  नितिन लॉरेंस ने FCRA संशोधन विधेयक से संबंधित घटनाक्रम तथा दिल्ली में आयोजित विरोध-प्रदर्शनों के संभावित वित्तीय स्रोतों, आयोजकों की भूमिका और संबंधित गतिविधियों की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग उठाई है।इस संबंध में उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी को संबोधित शिकायत-पत्र ईमेल के माध्यम से भेजा है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कार्यालय के जनशिकायत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसका पंजीकरण क्रमांक PMOPG/E/2026/0198315 है।लॉरेंस ने अपनी शिकायत में अनुरोध किया है कि FCRA संशोधन विधेयक से संबंधित घटनाक्रम और दिल्ली में आयोजित विरोध-प्रदर्शनों के बीच किसी संभावित संबंध की जाँच उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर कराई जाए। उन्होंने विशेष रूप से सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके तथा संबंधित आयोजकों एवं संगठनों की भूमिका के संबंध में उपलब्ध विश्वसनीय जानकारी का निष्पक्ष परीक्षण करने का अनुरोध किया है।

शिकायत में प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषयों को उठाया गया है:

  1. FCRA विधायी घटनाक्रम एवं विरोध-प्रदर्शनों का संभावित संबंध: यह परीक्षण कि संबंधित प्रदर्शनों के घोषित उद्देश्यों, सार्वजनिक वक्तव्यों और दस्तावेजों से कोई प्रमाणित संबंध सामने आता है या नहीं।
  2. वित्तीय स्रोतों की पारदर्शिता: आयोजनों, प्रचार-प्रसार, यात्रा, आवास तथा अन्य गतिविधियों के लिए धन के स्रोतों एवं उपयोग की जाँच, जहाँ इसके लिए पर्याप्त आधार उपलब्ध हो।
  3. विदेशी अंशदान संबंधी अनुपालन: संबंधित संस्थाओं के विदेशी अंशदान एवं FCRA के अंतर्गत लागू नियमों के अनुपालन का परीक्षण, यदि इस संबंध में विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध हों।
  4. युवाओं की भागीदारी एवं डिजिटल प्रचार: यदि भ्रामक सूचना फैलाने, हिंसा के लिए उकसाने अथवा सार्वजनिक शांति भंग करने के प्रमाण मिलते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जाँच।
  5. संभावित संगठित वित्तीय सहयोग: यदि किसी तीसरे पक्ष, संस्था अथवा अन्य व्यक्ति की भूमिका के संबंध में दस्तावेजी साक्ष्य सामने आते हैं, तो उसकी भूमिका का कानूनसम्मत परीक्षण।

लॉरेंस ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि गृह मंत्रालय अथवा अन्य सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से शिकायत में उठाए गए बिंदुओं का परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच दल गठित करने पर विचार किया जाए।उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य, सार्वजनिक शांति, वित्तीय पारदर्शिता और राष्ट्रीय एकता महत्वपूर्ण विषय हैं। किसी भी प्रकार की अवैध वित्तीय गतिविधि, हिंसा के लिए उकसाने अथवा अन्य कानूनी उल्लंघन के प्रमाण मिलने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। किसी भी व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध निष्कर्ष केवल विश्वसनीय साक्ष्यों और निष्पक्ष जाँच के आधार पर निकाला जाना चाहिए। लॉरेंस के अनुसार, शिकायत का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संगठन को बिना प्रमाण दोषी ठहराना नहीं, बल्कि संबंधित घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने तथा कानून के शासन और वित्तीय पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जाँच का अनुरोध करना है।

शिकायत का विवरण:

  • प्रधानमंत्री कार्यालय के जनशिकायत पोर्टल पर पंजीकरण संख्या: PMOPG/E/2026/0198315
  • प्रधानमंत्री कार्यालय एवं संबंधित प्राधिकारियों को ईमेल के माध्यम से शिकायत-पत्र भेजा गया।
  • शिकायत की प्रति स्पीड पोस्ट से भी भेजी जाएगी। (डाक भेजने के बाद ही इस बिंदु को भेजे जाने के रूप में प्रकाशित करें।)

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