किडनी की पथरी बिना ऑपरेशन निकल सकती है बाहर, जानें किस साइज के स्टोन में पड़ती है ऑपरेशन की जरूरत और किसमें नहीं
किडनी स्टोन यानी पथरी होने पर सबसे पहला सवाल अक्सर यही होता है कि क्या यह बिना ऑपरेशन के निकल जाएगी? इसका जवाब केवल पथरी के साइज पर निर्भर नहीं करता। पथरी किडनी में है या यूरेटर में, उसका आकार कितना है, रास्ते में कितनी रुकावट है और मरीज को दर्द, संक्रमण या किडनी फंक्शन से जुड़ी समस्या तो नहीं, इन सभी बातों को देखकर डॉक्टर सर्जरी या अन्य ट्रीटमेंट प्लान करते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि यूरेटर में मौजूद छोटी पथरी अपने आप निकलने की संभावना अधिक होती है।
किडनी स्टोन का साइज उसके अपने-आप निकलने की संभावना को कैसे प्रभावित करता है?
पथरी का आकार बढ़ने के साथ उसके अपने-आप निकलने की संभावना सामान्यतः कम होती जाती है। इसका कारण यह है कि किडनी से ब्लैडर तक जाने वाली यूरेटर (Ureter) एक संकरी मस्कुलर ट्यूब (muscular tube) होती है। छोटा स्टोन इसके रास्ते से निकल सकता है, जबकि बड़ा स्टोन रास्ते में अटक सकता है और यूरिन फ्लो को बाधित कर सकता है।अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन की गाइडलाइन के अनुसार कम गंभीर यूरेटर स्टोन जो 10mm या उससे कम वाले मरीजों को कुछ समय तक स्टोन के अपने आप निकलने के इंतजार किया जा सकता है। लेकिन, यह निर्णय लक्षण, स्थिति की समस्याएं, संक्रमण और स्टोन की लोकेशन जैसे कारक को देखकर किया जाता हैएनसीबीआई के अनुसार एक रिव्यू में डिस्टल यूरेट्रल स्टोन को देखा गया और पाया गया कि 5 mm या उससे छोटे स्टोन में अपने आप बाहर निकलने के लगभग 87% संभावना थी, जबकि 5 mm से बड़े स्टोन में यह लगभग 75% थी। स्टडी में पैसेज का समय भी अलग-अलग रहा।

क्या 5 mm से छोटा स्टोन पानी और दवा से निकल सकता है?
What size kidney stone can pass without surgery<br>
कितने साइज का किडनी स्टोन सर्जरी के बिना निकल सकता है? (Designed By Magnific)
विशेषज्ञों के अनुसार 5 mm से छोटे यूरेट्रल स्टोन्स के अपने-आप निकलने की संभावना अपेक्षाकृत अच्छी होती है। लेकिन यहां “दवा या पानी से पथरी घुलना” और “स्टोन का शरीर से बाहर निकलना” दो अलग बातें हैं।एएमए के अनुसार पर्याप्त पानी पीना डिहाइड्रेशन से बचने और यूरिन फ्लो बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन ज्यादा से ज्यादा पानी पीने से हर प्रकार की पथरी तेजी से बाहर निकल जाएगी, ऐसा प्रमाण नहीं है। खासकर अगर स्टोन से रूकावट हो रही हो, तो जबरदस्ती बहुत ज्यादा पानी पीना दर्द या समस्या को ठीक करने का तरीका नहीं है।5–10 mm किडनी की पथरी के मामले में किन कारकों पर फैसला निर्भर करता है?
5–10 mm का स्टोन एक तरह का “borderline” साइज माना जा सकता है, जहां केवल साइज देखकर इलाज तय करना उचित नहीं है।
इस स्थिति में डॉक्टर आमतौर पर इन बातों को देखते हैं:
स्टोन यूरेटर के किस हिस्से में है?
किडनी से कितनी दूरी पर है?
यूरिन फ्लो में बाधा तो नहीं?
किडनी में सूजन यानी Hydronephrosis तो नहीं? दर्द दवा से कंट्रोल हो रहा है या नहीं? बुखार या यूरिनरी इंफेक्शन तो नहीं? किडनी फंक्शन सामान्य है या नहीं? स्टोन का आकार और CT/Ultrasound पर उसकी सही स्थिति क्या है?
एनसीबीआई के अनुसार 5–10 mm के लोअर यूरेट्रिक स्टोन (lower ureteric Stones) वाले मरीजों में 5–7 mm की पथरी के निकलने की संभावना करीब 70% और 7–10 mm पथरी की करीब 40% देखी गई। इससे पता चलता है कि 5 और 10 mm के बीच भी साइज वाली पथरी का फर्क इलाज के निर्णय को प्रभावित कर सकता है।
10 mm से बड़ी किडनी की पथरी के लिए इलाज की जरूरत क्यों बढ़ सकती है?
जैसे-जैसे पथरी का आकार बढ़ता है, उसके यूरेटर से अपने-आप निकलने की संभावना कम हो सकती है। एनसीबीआई के अनुसार एक सीटी स्कैनन स्टडी में 9 mm से बड़ी पथरी के खुद से बाहर निकलने के संभावना करीब 25% थी। इसके विपरीत 1 mm पथरी में यह 87% और 2–4 mm पथरी में 76% थी।
किडनी की पथरी में सर्जरी के लिए पथरी का साइज जरूर महत्वपूर्ण है, लेकिन यह अकेला कारक नहीं है। आम तौर पर छोटे यूरेट्रल पथरी, खासकर 5 mm या उससे छोटे और यूरेटर के निचले हिस्से में स्थित स्टोन, अपने-आप निकलने की संभावना अधिक रखते हैं। 5–10 mm की पथरी के इलाज में डॉक्टर अपने अनुसार निर्णय ले सकते है। जबकि 10 mm से बड़ी पथरी में अपने आप निकलने की संभावना घटने के कारण डॉक्टर द्वारा एक्टिव इलाज की जरूरत बढ़ सकती है। किडनी की पथरी में पानी पीने से हाइड्रेशन में मदद मिलती है। लेकिन किसी भी किडनी की पथरी में सर्जरी का निर्णय पथरी के आकार, रूकावट, संक्रमण, लक्षण और किडनी के फंक्शन को देखकर ही तय किया जाना चाहिए।
