चलते समय पैरों और अंगूठे में दर्द, कहीं ये यूरिक एसिड बढ़ने का संकेत हो नहीं, जानें सच्चाई
चलते समय पैरों में दर्द कई कारणों से हो सकता है। कभी यह ज्यादा चलने, गलत जूते, मांसपेशियों की समस्या या चोट से जुड़ा होता है, तो कुछ मामलों में जोड़ की सूजन भी इसकी वजह हो सकती है। अगर दर्द के साथ पैर के किसी जोड़ में अचानक सूजन, लालिमा, गर्माहट और तेज दर्द होने लगे, तो यूरिक एसिड बढ़ने या गठिया की संभावना पर भी ध्यान देना जरूरी है। गाउट का संबंध शरीर में यूरिक एसिड के बढ़ने और जोड़ों में Monosodium Urate crystals जमा होने से है। हालांकि केवल ब्लड टेस्ट में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ मिलना यह साबित नहीं करता कि पैरों का दर्द गठिया की वजह से ही है। सही जांच के लिए लक्षण, फिजिकल एग्जामिनेशन और जरूरत पड़ने पर जॉइंट फ्लूइड की जांच की जाती है।
क्या बढ़ा हुआ यूरिक एसिड चलते समय पैरों में दर्द का कारण बन सकता है?
बढ़ा हुआ यूरिक एसिड यानी Hyperuricemia लंबे समय तक रहने पर कुछ लोगों में गठिया का कारण बन सकता है। जब शरीर में यूरिक एसिड का स्तर ज्यादा हो जाता है, तो यह छोटे-छोटे मोनोसोडियम यूरेट क्रिस्टल के रूप में जोड़ों के आसपास जमा हो सकता है। इन क्रिस्टल्स के कारण इम्यून सिस्टम सक्रिय होता है और जोड़ों में तेज इंफ्लेमेंशन शुरू हो सकता है।एनआईएच के अनुसार गठिया का दर्द आमतौर पर केवल चलने पर होने वाला हल्का दर्द नहीं होता। इसका दर्द अचानक शुरू हो सकता है और प्रभावित जोड़ों में तेज दर्द, सूजन, लालिमा और गर्माहट दिखाई दे सकती है। पैरों के जोड़ों, खासकर पैर के अंगूठे का जोड़ों, इसकी सामान्य प्रभावित हिस्सों में शामिल हैं। इसलिए अगर चलते समय पैर में दर्द होता है लेकिन कोई सूजन, लालिमा या जोडों में दर्द नहीं है, तो सिर्फ यूरिक एसिड को इसका कारण मान लेना सही नहीं होगा।
यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर में क्रिस्टल्स कैसे बनते हैं?
यूरिक एसिड शरीर में प्यूरिन्स के टूटने से बनने वाला वेस्ट प्रोडक्ट है। सामान्य स्थिति में किडनी इसे यूरिन के रास्ते शरीर से बाहर निकालने में मदद करती हैं। जब शरीर ज्यादा यूरेट बनाता है या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पातीं, तो ब्लड में इसका स्तर बढ़ सकता है।
अगर यूरिक एसिड लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो कुछ परिस्थितियों में इसका मोनोसोडियम यूरेट क्रिस्टल्स के रूप में जमा हो सकता है। ये क्रिस्टल्स खासकर जोड़ों के आसपास जमा हो सकते हैं। जब इम्यून सेल्स इन क्रिस्टल्स को पहचानते हैं, तो इंफ्लामेटरी रिस्पॉन्स शुरू हो सकता है। इसी इंफ्लेमेशन के कारण गठिया में अचानक तेज दर्द और सूजन महसूस होती है।एनसीबीआई के मुताबिक ध्यान रखना जरूरी है कि हाइपरयूरेसिमिमया (Hyperuricemia) और गाउट एक ही चीज नहीं हैं। कई लोगों में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ होने के बावजूद कभी गाउट विकसित नहीं होता। इसलिए केवल यूरिक एसिड की रिपोर्ट देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि पैर का दर्द गाउट की वजह से है।
गाउट में पैर के अंगूठे और जोड़ में दर्द क्यों होता है?
सीडीसी के मुताबिक गठिया या गाउट का पहला अटैक अक्सर पैर के बड़े अंगूठे के जोड़ में दिखाई देता है। इसे मेडिकल भाषा में First Metatarsophalangeal Joint कहा जाता है। इस जोड़ में यूरिक एसिड क्रिस्टल्स जमा होने पर तेज इंफ्लामेटरी रिएक्शन हो सकता है।
गाउट अटैक में दर्द इतना तेज हो सकता है कि चलना मुश्किल हो जाए। प्रभावित जोड़ लाल और गर्म हो सकता है और हल्का छूने या जूते का दबाव भी असहज लग सकता है। कई लोगों में दर्द अचानक शुरू होता है और रात के समय दर्द इतना बढ़ सकता है कि नींद खुल जाए।
यूरिक एसिड और गाउट को नियंत्रित रखने के लिए क्या करें?
अगर डॉक्टर ने गाउट या हाइपरयूरेसिमिया (Hyperuricemia) की पुष्टि की है, तो केवल पानी पीना या एक-दो आहार छोड़ देना हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त नहीं होता। ट्रीटमेंट व्यक्ति की बीमारी, अटैक की फ्रीक्वेंसी, किडनी फंक्शन और अन्य हेल्थ कारकों के अनुसार तय किया जाता है।सीडीसी के अनुसार लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव मददगार हो सकते हैं। अल्कोहल, खासकर बियर और कुछ हाई प्यूरिन आहार का सेवन कम करना, शूगरी ड्रिंक्स से बचना, वजन नियंत्रित बनाए रखना और नियमित फिजिकल एक्टिविटी अपनाना उपयोगी हो सकता है। रेड मीट, मीट और कुछ समुद्री आहार में प्यूरिन ज्यादा होते हैं, इसलिए इनका सेवन डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार सीमित किया जा सकता है।
लेकिन अगर बार-बार गठिया का दर्द हो रहा है, तो डॉक्टर यूरेट कम करने वाली देवा दे सकते हैं। ऐसी दवाओं को अपनी मर्जी से शुरू या बंद नहीं करना चाहिए।चलते समय पैरों में दर्द को हमेशा यूरिक एसिड से जोड़ना सही नहीं है। लेकिन अगर दर्द किसी जोड़ों में अचानक तेज हो, साथ में सूजन, लालिमा और गर्माहट हो और खासकर पैर के अंगूठे का जोड़ प्रभावित हो, तो गठिया एक संभावित कारण हो सकता है। बढ़ा हुआ यूरिक एसिड कुछ लोगों में जोड़ों में Monosodium Urate crystals के जमाव और इंफ्लेमेशन का कारण बनता है, लेकिन हर व्यक्ति में हाइपरयूरेसिमिया से गठिया नहीं होता। इसलिए बार-बार होने वाले या तेज जोड़ों के दर्द में यूरिक एसिड रिपोर्ट के साथ डॉक्टर से जांच कराना भी जरूरी है।
