अब ‘वंदे मातरम्’ का अपमान होगा अपराध, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून हुआ लागू
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अपमान करना अब अपराध माना जाएगा। लोकसभा और राज्यसभा से ‘वंदे मातरम् बिल’ को मंजूरी मिलने के बाद आज मंगलवार, 11 अगस्त को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिससे अब यह कानून बन गया है। इस कानून के लागू होने से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को जानबूझकर गाने से रोकना या उसमें बाधा डालना अपराध माना जाएगा। इस बिल से इसे वही कानूनी सुरक्षा मिलेगी जो अभी राष्ट्रीय गान को मिलती है।
‘वंदे मातरम्’ पर देश में कानून लागू
राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही, ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026’ अब कानून बन गया है। यह कानून ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के बराबर का दर्जा देता है। राज्यसभा ने इस बिल को 29 जुलाई को मंजूरी दी थी। वहीं लोकसभा में यह बिल 30 जुलाई को पास हुआ था। अब राष्ट्रपति ने भी इस विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिससे अब यह विधेयक, कानून बन गया है।
15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार गाया जाएगा वंदे मातरम्
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। इससे पहले, ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम’ के तहत राष्ट्रीय गान (जन गण मन) को जानबूझकर गाने से रोकने या उसे गाते समय किसी सभा में बाधा डालने पर रोक थी। वहीं राष्ट्रीय गीत के लिए ऐसा कोई कानून नहीं था।
