छत्तीसगढ़ संवाद ने अनिल द्विवेदी को दिखाया बाहर का रास्ता

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रायपुर/ आरक्षण पर सोशल मीडिया में की गई कथित अभद्र/विवादित टिप्पणी के बाद डॉ. अनिल द्विवेदी की सेवाएं छत्तीसगढ़ संवाद में वरिष्ठ संपादकीय सलाहकार के पद से तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। यह कार्रवाई प्लेसमेंट एजेंसी को जारी पत्र के माध्यम से की गई, जिसमें उनके आचरण को शासकीय मानकों और निविदा की शर्तों के विरुद्ध बताया गया है। आरक्षण को लेकर समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले टिप्पणी के विरोध में कई सामाजिक संगठनों व सोशल मिडिया में जारी विवाद को लेकर छत्तीसगढ संवाद की छवि को धुमिल करने के आरोप में तत्काल कार्रवाई की गई है. इस मामले को लेकर विपक्ष के नेता डॉ चरणदास महंत ने भी सीएम के विभाग में चल रहे संविधान विरोधी असामाजिक टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग किया था. वहीं सोशल मिडिया में दलित संगठनों के सामाजिक नेता संजीत बर्मन व धनंजय बरमाल भी लगातार अनिल द्विवेदी की सेवा समाप्त करने और उनके विरुद्व एफआईआर करने की मांग कर रहे है।
सरकारी सेवा में रहते हुए अपनी अभिव्यक्ति की आजादी में मर्यादित रहे भारत का संविधान में मिले अधिकारों को उपहास उड़ाने की मानसिकता लेकर सोशल मीडिया में अमर्यादित टिप्पणी करने से बचें।


भारत का संविधान बनाते वक्त तत्कालीन परिस्थितियों के अनुसार सबको समान अवसर और सबके सर्वांगीण विकास के लिए अधिकार तय किए गए हैं ताकि अगड़ा और पिछड़ा को एक समान बनाया जा सके।
संजीत बर्मन ने कहा कि भारत देश में कुछ लोग जातिगत आरक्षण हटाने की बात करते हैं लेकिन जाति व्यवस्था को बनाए रखने की भी वकालत करते हैं ताकि जाति की श्रेष्ठता व जाति विशेष होने का लाभ उन्हें जन्मजात मिलता रहे।
इस व्यवस्था के बदलाव के खातिर सरकार द्वारा बनाई गई कानून पर अपना विचार व्यक्त करें लेकिन उसका उद्देश्य किसी की भावनाएं आहत करने का एवं किसी को नीचा दिखाने की मानसिकता नहीं होना चाहिए।
वहीं धनंजय बरमाल ने कहा है कि मेरिट मेरिट का राग अलापते थे, जरा देखिए इनकी स्वयं की नौकरी प्लेसमेंट अर्थात जुगाड़तंत्र (न भर्ती प्रक्रिया, न कोई टेस्ट न कोई निविदा) से एक सरकारी पत्रिका के संपादक सलाहकार बनकर लाखों की तनख्वाह ले रहे थें। खैर आरक्षण और आरक्षित वर्ग के विरुद्ध जातीयता विचार रखने वाले अनिल के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए उन्हें पदमुक्त किया गया हैं। ​िफलहाल मामले को शांत करने के लिए छत्तीसगढ़ संवाद ने प्लेसमेंट कंपनी को लिखी चिट्ठी में ये कहा है कि अनिल द्विवेदी का कृत्य निविदा नियम एवं शर्ते की कंडिका 6 का उल्लंघन हवाला देकर कार्रवाई की है।

 


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