धमतरी में अवैध रेत खनन पर खनिज विभाग का सख्त जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई
रायपुर ।
खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग, पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीमें सख्त जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अवैध सामग्री (रेत, गिट्टी आदि), भारी वाहन (डंपर, हाईवा, ट्रैक्टर) और मशीनें (जेसीबी) जब्त करने के साथ-साथ भारी अर्थदंड वसूला जाता है और एफआईआर दर्ज की जाती है। अवैध रूप से खनिज ले जाते पाए जाने पर खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के तहत वाहनों को तुरंत जब्त कर कार्यवाही की जाती है।धमतरी जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग के उड़नदस्ता दल ने पिछले दो दिनों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए अवैध रेत परिवहन में लिप्त 4 बड़े वाहनों को जप्त किया है। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में अब तक नियमों का उल्लंघन करने वालों से करीब 70 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
शिकायत मिलते ही एक्शन में अमला, इन गांवों में दी दबिश
खनिज विभाग को लगातार क्षेत्र में अवैध परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई की गई। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 12 और 13 जुलाई को जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान उड़नदस्ते ने ग्राम सारंगपुरी,खरेंगा,अमेठी,सरगी-दोनर,पाहंदा और आसपास के इलाकों की घेराबंदी की। जांच के दौरान अवैध रूप से रेत का परिवहन करते पाए जाने पर 4 वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया। इन सभी जप्त वाहनों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर अर्थदण्ड की कार्रवाई की जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 239 मामलों में कार्रवाई
खनिज माफियाओं के खिलाफ धमतरी प्रशासन का यह अभियान कितना सख्त है, इसका अंदाजा विभाग द्वारा जारी चालू वित्तीय वर्ष के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 13 जुलाई 2026 तक कुल 239 प्रकरण दर्ज किया गया,जिसमें अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण शामिल है। इन प्रकरणों में 69 लाख 32 हजार 683 रुपये जुर्माना किया गया।जुर्माने की राशि शासकीय खनिज मद में जमा कराकर प्रकरणों का निराकरण (प्रशमन) कर दिया गया है।
आगे और तेज होगी कार्रवाई
खनिज विभाग ने साफ कर दिया है कि जिले में प्राकृतिक संपदा की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, उड़नदस्ता दल द्वारा पूरे जिले में नियमित रूप से पैनी नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ और भी सख्त और दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
