रायपुर - https://thefourthmirror.com Tue, 03 Mar 2026 07:42:02 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9 https://thefourthmirror.com/wp-content/uploads/2022/10/cropped-IMG_20221028_135824-32x32.jpg रायपुर - https://thefourthmirror.com 32 32 हर्बल गुलाल से सजेगी होली, लैलूंगा की स्व-सहायता समूहों ने रचा सफलता का रंग https://thefourthmirror.com/2026/03/03/holi-will-be-decorated-with-herbal-gulal-lalungas-self-help-groups-created-the-color-of-success/ https://thefourthmirror.com/2026/03/03/holi-will-be-decorated-with-herbal-gulal-lalungas-self-help-groups-created-the-color-of-success/#respond Tue, 03 Mar 2026 03:42:07 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=63702 रायपुर । रायगढ़ जिले में इस वर्ष होली पर्व प्राकृतिक एवं रासायनिक मुक्त रंगों के...

The post हर्बल गुलाल से सजेगी होली, लैलूंगा की स्व-सहायता समूहों ने रचा सफलता का रंग first appeared on .

]]>
रायपुर ।

रायगढ़ जिले में इस वर्ष होली पर्व प्राकृतिक एवं रासायनिक मुक्त रंगों के साथ मनाने की पहल को व्यापक समर्थन मिल रहा है। लैलूंगा क्षेत्र की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल गुलाल की काफी डिमांड है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत दिव्या स्व-सहायता समूह सलखिया एवं संतोषी स्व-सहायता समूह रूडूकेला की महिलाओं ने हल्दी, चुकंदर, लालभाजी, पालक, परसा फूल, संतरे के छिलके एवं लेमनग्रास जैसे प्राकृतिक तत्वों से गुलाल तैयार किया है।

महिलाओं ने लगभग एक माह पूर्व 5 क्विंटल हर्बल गुलाल का उत्पादन किया, जिसमें से 4 क्विंटल की बिक्री हो चुकी है। कलेक्टोरेट एवं जनपद पंचायत लैलूंगा परिसर में लगाए गए स्टॉल पर उत्साहजनक प्रतिसाद मिला। कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी ने स्टॉल का अवलोकन कर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों को आयमूलक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। समूह की सदस्याओं ने बताया कि उन्हें प्रशिक्षण एवं जिला प्रशासन का सतत सहयोग प्राप्त हो रहा है। इच्छुक नागरिक मोबाइल नंबर +91-62660-74792 पर संपर्क कर हर्बल गुलाल प्राप्त कर सकते हैं।

The post हर्बल गुलाल से सजेगी होली, लैलूंगा की स्व-सहायता समूहों ने रचा सफलता का रंग first appeared on .

]]>
https://thefourthmirror.com/2026/03/03/holi-will-be-decorated-with-herbal-gulal-lalungas-self-help-groups-created-the-color-of-success/feed/ 0
श्रमिकों को 1.51 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता https://thefourthmirror.com/2026/03/03/financial-assistance-of-rs-1-51-crore-to-workers/ https://thefourthmirror.com/2026/03/03/financial-assistance-of-rs-1-51-crore-to-workers/#respond Tue, 03 Mar 2026 03:36:14 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=63699 रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मंशानुरूप “सशक्त श्रमिक, समृद्ध छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार...

The post श्रमिकों को 1.51 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता first appeared on .

]]>
रायपुर ।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मंशानुरूप “सशक्त श्रमिक, समृद्ध छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करने हेतु श्रम विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में प्रभावी पहल की गई है। इस अवधि में महासमुंद जिले के 3106 श्रमिकों एवं उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 1 करोड़ 51 लाख 57 हजार 630 रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए सीधे बैंक खातों में अंतरित की गई।

दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत एक महिला हितग्राही को 1 लाख रुपए की सब्सिडी पर ई-रिक्शा प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया। मिनीमाता महतारी जतन योजना से 93 शिशुवती महिलाओं को 18.60 लाख रुपए की सहायता दी गई। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 29 परिवारों को 29 लाख रुपए प्रदान किए गए। नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से 2502 विद्यार्थियों को 50.12 लाख रुपए की शैक्षणिक सहायता मिली। इसके अतिरिक्त श्रमिक औजार, सियान, नोनी सशक्तिकरण एवं सायकल सहायता योजनाओं से भी पात्र हितग्राही लाभान्वित हुए। हितग्राही  लीला महानंद ने ई-रिक्शा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने पर राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

The post श्रमिकों को 1.51 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता first appeared on .

]]>
https://thefourthmirror.com/2026/03/03/financial-assistance-of-rs-1-51-crore-to-workers/feed/ 0
सेवा और समर्पण भाव के कारण भारतीय डॉक्टरों को देश के बाहर भी मिलता है सम्मान – रमेन डेका https://thefourthmirror.com/2026/03/03/indian-doctors-are-respected-even-outside-the-country-due-to-their-service-and-dedication-ramen-deka/ https://thefourthmirror.com/2026/03/03/indian-doctors-are-respected-even-outside-the-country-due-to-their-service-and-dedication-ramen-deka/#respond Tue, 03 Mar 2026 03:29:51 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=63696 रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स रायपुर में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव...

The post सेवा और समर्पण भाव के कारण भारतीय डॉक्टरों को देश के बाहर भी मिलता है सम्मान – रमेन डेका first appeared on .

]]>
रायपुर ।

राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स रायपुर में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स एक विश्वसनीय संस्थान रहा है। जब हम सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थानों की बात करते हैं एम्स का नाम सबसे ऊपर होता है। यह गर्व का विषय है कि भारत के सभी राज्यों में एम्स की स्थापना हो चुकी है। एम्स रायपुर में इलाज हेतु आए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस लिहाज से इस संस्थान को और बड़ी जगह की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं राज्य शासन को यह सलाह दूंगा कि नवा रायपुर में एम्स की स्थापना के लिए भूमि आबंटित करें, ताकि बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा सुविधा मिल सकें।राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर बल दिया, ताकि हृदय रोगियों को अपने ही प्रदेश में बेहतर इलाज मिल सकें और उन्हें प्रदेश के बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अथवा एम्स में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसीलिटी की स्थापना की जा सकती है।

डेका ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधाओं की बढ़ोतरी के कारण प्रदेश में मृत्यु दर में आशानुकूल कमी आई है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है ताकि हम वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बना सकें। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने होंगे, चाहे वह चिकित्सा का क्षेत्र हो, इंजीनियरिंग का क्षेत्र हो या अंतरिक्ष विज्ञान। डेका ने डॉक्टरों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि आप सभी ऐसे नोबेल प्रोफेशन में हैं जो सीधे लोगों की भलाई से जुड़ा हुआ है। आज भी समाज का एक बड़ा तबका डॉक्टरों को भगवान मानता है। देश के बाहर भी भारतीय डॉक्टरों का नाम सम्मान से लिया जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह हमारे सुप्रशिक्षित और समर्पित डॉक्टर हैं। हमारे भारतीय डॉॅक्टर हमेशा मरीजों के बेहतर इलाज को प्राथमिकता देते है जो उनकी सेवा भावना का परिचायक है। उन्होंने अपनी माता जी का संस्मरण साझा करते हुए कहा कि जब मेरी माता जी बीमार रहा करती थीं जब का मेरा अनुभव है कि डॉक्टरों को देखते ही उनकी आधी परेशानी खत्म हो जाती थी। यह डॉक्टरों पर आम लोगों के अटूट विश्वास को दर्शाता है।

डेका ने इस अवसर पर भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नये प्रतिमान स्थापित करता रहें और निरंतर मरीजों की सेवा में तत्परता से जुटा रहे ऐसी मेरी कामना है। इस अवसर पर एम्स के चिकित्सा अधिकारी बडी संख्या में उपस्थित थे।

The post सेवा और समर्पण भाव के कारण भारतीय डॉक्टरों को देश के बाहर भी मिलता है सम्मान – रमेन डेका first appeared on .

]]>
https://thefourthmirror.com/2026/03/03/indian-doctors-are-respected-even-outside-the-country-due-to-their-service-and-dedication-ramen-deka/feed/ 0
स्मार्ट मीटर पर बढ़ता विश्वास, 72 हजार पाजिटिव फीडबैक https://thefourthmirror.com/2026/02/26/growing-trust-in-smart-meters-72000-positive-feedbacks/ https://thefourthmirror.com/2026/02/26/growing-trust-in-smart-meters-72000-positive-feedbacks/#respond Thu, 26 Feb 2026 15:51:17 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=63626 रायपुर । भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशन में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी...

The post स्मार्ट मीटर पर बढ़ता विश्वास, 72 हजार पाजिटिव फीडबैक first appeared on .

]]>
रायपुर ।

भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशन में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी व्दारा 9 फरवरी से 23 फरवरी तक प्रदेशव्यापी “स्मार्ट मीटर जागरूकता पखवाड़ा” का सफल एवं व्यापक आयोजन किया गया। यह अभियान वितरण कंपनी के सभी वितरण केंद्रों, संभागीय एवं जोन कार्यालयों तथा नगरीय निकायों में समन्वित रूप से संचालित किया गया। इसमें लगभग 73 हजार उपभोक्ताओं के फीडबैक प्राप्त हुए, जिसमें उन्होंने स्मार्ट मीटर को पारदर्शी और विश्वसनीय बताया।इस 15 दिवसीय अभियान के दौरान उपभोक्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। “मोर बिजली” ऐप के माध्यम से कुल 72,966 बिजली उपभोक्ताओं ने अपना फीडबैक दर्ज कराया, जिनमें 52,601 स्मार्ट मीटर उपभोक्ता तथा 20,365 नॉन-स्मार्ट मीटर उपभोक्ता शामिल हैं। यह आंकड़ा उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रति उनकी सक्रियता को दर्शाता है।

फीडबैक दर्ज कराने में रायपुर शहर प्रथम स्थान पर रहा, जबकि दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर रहे। संभागवार स्तर पर चांपा डिवीजन से सर्वाधिक 3,077 फीडबैक प्राप्त हुए। जोनवार आंकड़ों में पोंडीमार जोन (कोरबा) से 1,177 फीडबैक दर्ज किए गए, जबकि वितरण केंद्रवार सकरी (बिलासपुर) वितरण केंद्र से सर्वाधिक 757 फीडबैक प्राप्त हुए। स्मार्ट मीटर जागरूकता पखवाड़ा ने न केवल उपभोक्ताओं को तकनीकी रूप से जागरूक किया, बल्कि विभाग और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विश्वास को भी सुदृढ़ किया है। यह पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ व्दारा भविष्य में भी उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देते हुए ऐसे जनहितकारी एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे। पखवाड़े का उद्देश्य स्मार्ट मीटर प्रणाली के प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाना, पारदर्शी एवं सटीक बिलिंग व्यवस्था की जानकारी देना तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपभोक्ता सहभागिता को सशक्त बनाना था। अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी, जनसंवाद, उपभोक्ता शिविर तथा स्थल पर तकनीकी प्रदर्शन के माध्यम से स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और उसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। उपभोक्ताओं को बताया गया कि स्मार्ट मीटर से वास्तविक समय में बिजली खपत की निगरानी संभव है, बिलिंग पूर्णतः पारदर्शी एवं सटिक होती है, ओवरलोड या अनियमितता की त्वरित सूचना मिलती है, मीटर रीडिंग की मैनुअल त्रुटियाँ समाप्त होती हैं तथा बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होता है। इसके ऑनलाइन भुगतान सुविधा, ऊर्जा बचत की आदत विकसित करने में इसकी भूमिका तथा “मोर बिजली” मोबाइल ऐप के माध्यम से खपत, बिल एवं शिकायत संबंधी जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

The post स्मार्ट मीटर पर बढ़ता विश्वास, 72 हजार पाजिटिव फीडबैक first appeared on .

]]>
https://thefourthmirror.com/2026/02/26/growing-trust-in-smart-meters-72000-positive-feedbacks/feed/ 0
परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि https://thefourthmirror.com/2026/01/04/exam-talk-2026-a-major-achievement-for-chhattisgarh/ https://thefourthmirror.com/2026/01/04/exam-talk-2026-a-major-achievement-for-chhattisgarh/#respond Sun, 04 Jan 2026 15:00:05 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=62784 रायपुर। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनावमुक्त उत्सव के रूप में मनाने की पहल...

The post परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि first appeared on .

]]>
रायपुर।

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनावमुक्त उत्सव के रूप में मनाने की पहल “परीक्षा पे चर्चा 2026” में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने पालकों की भागीदारी में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है।अब तक छत्तीसगढ़ से 25.16 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन किया है, जिनमें 22.75 लाख विद्यार्थी, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। यह उपलब्धि राज्य में परीक्षा प्रबंधन, समय प्रबंधन, पालकों को अपने बच्चों को परीक्षा में अधिक अंक लाने हेतु अनावश्यक दबाव देने से बचने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सुनियोजित प्रयासों को दर्शाती है।

‘परीक्षा पे चर्चा’ में पालकों की भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। कुल पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है। बलोदाबाजार जिले में 14,658 तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 9,952 पालकों द्वारा पंजीयन किया गया है, जो इस अभियान के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता, सहभागिता और विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल संख्यात्मक सफलता नहीं है, बल्कि यह परीक्षा के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव का भी संकेत देती है।इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे राज्य में अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियाँ महत्वपूर्ण रही हैं। जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन-साइट पंजीयन की व्यवस्था की गई तथा युवा क्लब और “अंगना म शिक्षा कार्यक्रम” के माध्यम से समुदाय को बड़े पैमाने पर जोड़ा गया।सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” से एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन दर्ज हुए, जबकि इससे पहले प्रतिदिन औसत पंजीयन लगभग 1500 के आसपास था। पिछले प्रयासों के रूप में आयोजित शिक्षक-पालक सम्मेलन और मेगा पीटीएम ने भी अभिभावकों की सजगता और सहभागिता को नई दिशा दी है।परीक्षा पे चर्चा से जुड़े प्रेरक अनुभव भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम में शामिल हुई कु. युक्तामुखी ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक विद्यार्थियों से पंजीयन कर अपने प्रश्न पूछने की अपील की है। उनका प्रेरक संदेश विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और सक्रिय सहभागिता की भावना जागृत कर रहा है।

इसी प्रकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शीतकालीन अवकाश के दौरान आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” में सभी विद्यालयों, समुदाय, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की और इस आयोजन के परिणामस्वरूप एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन हुए। इस सफलता से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी परीक्षा पे चर्चा मेलों का आयोजन किया जा रहा है और लोग उत्साहपूर्वक इस अभियान से जुड़ रहे हैं।छत्तीसगढ़ में परीक्षा पे चर्चा में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण स्थलों पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को पंजीयन प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई गई और वहीं पर पंजीयन कराने में सहयोग दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षकों द्वारा बहुत बड़ी संख्या में पंजीयन किया गया।पंजीयन प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी और इस बात की पूरी संभावना है कि छत्तीसगढ़ में 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।उल्लेखनीय है कि “परीक्षा पे चर्चा” माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी का वार्षिक संवाद कार्यक्रम है, जिसमें वे विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों से सीधे संवाद करते हैं। इस संवाद में परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों, तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया जाता है तथा पालकों को यह संदेश भी दिया जाता है कि वे अधिक अंक लाने के लिए अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि बच्चों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाएँ। यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है और परीक्षा को तनाव का विषय न मानकर उत्सव के रूप में मनाने की व्यापक सामाजिक चेतना विकसित कर रही है।

The post परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि first appeared on .

]]>
https://thefourthmirror.com/2026/01/04/exam-talk-2026-a-major-achievement-for-chhattisgarh/feed/ 0
प्रागैतिहासिक छेरछेरा उत्सव और परंपरा https://thefourthmirror.com/2026/01/03/chherchhera-parv/ https://thefourthmirror.com/2026/01/03/chherchhera-parv/#respond Sat, 03 Jan 2026 15:04:28 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=62774 रायपुर/ छेरछेरा छत्तीसगढ़ का ऐसा त्यौहार जिसे दान की महत्ता से जोड़कर देखा जाता है।...

The post प्रागैतिहासिक छेरछेरा उत्सव और परंपरा first appeared on .

]]>
रायपुर/

छेरछेरा छत्तीसगढ़ का ऐसा त्यौहार जिसे दान की महत्ता से जोड़कर देखा जाता है। छत्तीसगढ़ की त्योहारों को समझने वाले छेरछेरा की महत्ता बहुत अच्छे से जानते हैं। यह त्यौहार हमारी संस्कृति और अनादि काल की वह व्यावसायिक एवं व्यवहारिक विरासत को संभाले हुए हैं। छेरछेरा एक दान की परंपरा से जुड़ा त्यौहार है एवं हक से एक दिन बिना लज्जा एवं शर्म से मांगने का दिन भी, पूरे देश में एक छत्तीसगढ़ ही है जो इस पारंपरिक त्यौहार को मानता है।
छत्तीसगढ़ को समझने के लिए छत्तीसगढ़ की ग्रामीण परिवेश को समझना होगा। छत्तीसगढ़ के गांव में आज भी लोग एक घर से दूसरे घर “चाहे पक्की हुई सब्जी हो या घर की बाड़ी में लगी हुई सब्जी हो” एक दूसरे के घर लेने देने की परंपरा है। ज्यादातर गांव में बोले जाने वाली लाइन “तू हर घर काय साग ये देबे तो” यह हक से मांगने और हक से देने की परंपरा है। छेरछेरा पुन्नी यह पौष मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ के गांव में बच्चे बूढ़े सब छेरछेरा मांगते हैं और मांगते समय एक वाक्य कहते हैं “छेरछेरा माई कोठी के धन ला हेर हेरा” यह वाक्य इसके पीछे की व्यवस्था समझने के लिए पर्याप्त है।
जैसा कि आज हम देखते हैं धान बेचने एवं लेने के लिए संग्रहण केंद्र होता है, सरकार की एवं निजी भी तो यह एक संग्रहण का माध्यम था। पहले गांव के घर मुश्किल से 15-20 घर होते थे। तो वे आसपास के गांव में जाकर धान एवं अनाज मांगते थे, यह सिर्फ एक दिन नहीं होता था कई दिनों तक होता था। वर्तमान समय में भी अभी आप देखेंगे सहकारी मंडी में धान संग्रहण हो रहा है। वैसे ही पहले उतने आधुनिक चीज नहीं थी जैसे धान मिजाई के लिए ट्रैक्टर, थ्रेसर इत्यादि तो पहले गांव में “बेलन और दउरी” से धान मिंजा जाता था। जिसका बढ़होना करके पौष पुन्नी तक घर की कोठी में संग्रहण कर लिया जाता था। फिर अब किसान एवं गांव वाले साथ ही घर में काम करने वाले बनिहार (नौकर), एक गांव से दूसरे गांव छेरछेरा मांगने जाते थे। यह पूर्ण रूपेण भिक्षा मांगना ही था, क्योंकि इस सांसारिक युग में बिना मांगे और दान दिए यह सामाजिक तंत्र नहीं चल सकता। छेरछेरा को अगर हम अपने पुरखों की सामाजिक एवं व्यापारिक व्यवस्था के रूप में देखें तो कोई गलत नहीं होगा, यह प्रथम दृश्य ही प्रतीत होता है कि प्राचीन धान एवं अनाज संग्रहण व्यवस्था थी, क्योंकि पहले छेरछेरा में दान एक सुपा या एक टूकनी धान देकर किया जाता था।
इसलिए इस त्यौहार को धान संग्रहण से जोड़कर देखा जा सकता है, अब सवाल यह भी है की भिक्षा मांगने की व्यवस्था कहां से आई होगी। तो समझ में आता है कि भारत बुद्ध का देश रहा है। और छत्तीसगढ़ की सिरपुर को विश्व के सबसे बड़े एवं महत्वपूर्ण बौद्ध धरोहर स्थलों में से एक माना जाता है। बौद्ध धर्म में बौद्ध भिक्षु होते हैं जो भिक्षा मांगने का कार्य करते हैं बौद्ध धर्म में तीन पिटक होते हैं जिसमें विनय पिटक में भिक्षा मांगने वाले भिक्षु भिक्षुणियों के नियम के बारे में वर्णन है।
इसमें कुछ शब्द है जो छेरछेरा एवं बौद्ध भिक्षा के मूल भाव को जोड़ता है—
पालि साहित्य में लिखा है—-
“दानम देती मनुसनाम”
“अलोभम करुणा सह”
“पुन्नम वदधाति जीवितम”
अर्थात- दान करने से मनुष्य में, आलोभ और करुणा बढ़ती है, और जीवन में पुण्य की वृद्धि होती है।
और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में यही भाव रहती है या यूं कहे यही छेरछेरा की मूल आत्मा है।
क्योंकि विनय पिटक में पौष मास और पूर्णिमा बौद्ध परंपरा में दान के लिए शुभ मानी जाती है खासकर धान कटाई के बाद अन्न दान के लिए। और छत्तीसगढ़ का छेरछेरा भी पौष पूर्णिमा को ही मनाया जाता है और ध्यान देने वाली बात है, विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध धरोहर छत्तीसगढ़ के सिरपुर में है, और प्राचीन काल में वहां हजारों की संख्या में बौद्ध भिक्षु रहे होंगे, जो एक साथ पौष पुन्नी में मांगने निकलते रहे हो, और छत्तीसगढ़ के लोग आज भी दान के नाम और पुण्य के लिए खुशी-खुशी दान करते हैं यही बौद्ध काल में भी रहा होगा।
छेरछेरा पुन्नी ही पौष पुन्नी, दोनों की समानता भिक्षा संग्रहण “धान कटाई के बाद” पौष पूर्णिमा को घर-घर से अन्न एकत्र करना, भिक्षुओं / गरीबों को देना।अगर इसे तार्किक दृष्टिकोण से देखें तो यही बौद्ध भिक्षुओं की मांगने की परंपरा छेरछेरा में रूपांतरित हो गई, क्योंकि छत्तीसगढ़ में लोग बड़े उत्साही और अच्छी चीजों को खुले विचारों से खुद में समाहित करने वाले रहे हैं, जैसे कोई पंथ हो या धर्म हो।
देखने में यह भी मिलता है हमारे छत्तीसगढ़ के संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी का ससुराल भी सिरपुर है।
इससे यह तो समझ में आता है कि सतपथ, दया, करुणा, अलोभ ,दान एक ज्ञान के रूप में मिली, जो धीरे-धीरे लोक परंपरा में रूपांतरित हो गई। और सामाजिक भेदभाव उच-नीच, अमीर- गरीब, सब बंधन को तोड़ते हुए एक धागे में पीरो दी और एक त्यौहार के नाम का उदय हुआ जिसे हमने छेरछेरा कहा।
छेरछेरा हमारे व्यवसायिकता वैज्ञानिकता का एक जीवंत उदाहरण है। जिसे आज हम आधुनिक युग 21वीं सदी में ट्रेड कहते हैं, इस ट्रेड या ट्रेडिंग को कई हजारों सालों पहले छेरछेरा कहा गए हैं। गलती उनकी नहीं हमारी है, जो अपने भाषा और धरोहर को हम खुद ही समझ नहीं पाए। जिसे बाकी दुनिया समझ बहुत आगे निकल गई और हमारे पास सांकेतिक त्योहार होते हुए भी हम किसी के अपनाने का इंतजार करते रहे।
छेरछेरा छत्तीसगढ़ की व्यापारिक विरासत है, और प्राचीन धान संग्रहण का मुख्य माध्यम, एवं इसका एक पहलू अकाल के समय अनाज आपूर्ति भी देखी जा सकती है, साथ ही दान की महत्ता का सबसे बड़ा उदाहरण जो आज भी बिना अमीर गरीब और निश्छलता एवं सच्चे भाव से दान देने के लिए प्रेरित करती है, जिसे आज भी एक पूरे छत्तीसगढ़ में मनाते हैं।

*लेखक*
*डॉ गुलशन कुमार सिन्हा*
*(Dr36Gadhiya)*
संपर्क नंबर -7000948815

The post प्रागैतिहासिक छेरछेरा उत्सव और परंपरा first appeared on .

]]>
https://thefourthmirror.com/2026/01/03/chherchhera-parv/feed/ 0
कोंडागांव जिला को नीति आयोग द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार https://thefourthmirror.com/2025/10/11/kondagaon-district-awarded-first-prize-at-national-level-by-niti-aayog/ https://thefourthmirror.com/2025/10/11/kondagaon-district-awarded-first-prize-at-national-level-by-niti-aayog/#respond Sat, 11 Oct 2025 13:51:39 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=61609 रायपुर । कोंडागांव जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर प्रदेश का मान...

The post कोंडागांव जिला को नीति आयोग द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार first appeared on .

]]>
रायपुर ।

कोंडागांव जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा आयोजित “नीति फॉर स्टेपट्स’ – ‘यूज केस चैलेंज अवॉर्ड्स’ में कोंडागांव जिले को ‘स्वास्थ्य एवं पोषण’ श्रेणी में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।यह सम्मान जिला कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना को एलबीएसएनएए मसूरी में आयोजित समारोह में नीति आयोग के सीईओ बी. वी. आर. सुब्रमण्यम और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के डायरेक्टर श्रीराम तरणीकांति द्वारा प्रदान किया गया। यह पुरस्कार जिले द्वारा प्रस्तुत “Reducing Anaemia in Pregnant Women” (गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की कमी लाने) संबंधी पहल के लिए दिया गया, जिसमें डेटा-आधारित विश्लेषण, नवीन हस्तक्षेप, सतत निगरानी और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए गए हैं।

जिले में संचालित इस पहल के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं में रक्ताल्पता की दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का समन्वित रूप से संचालन किया गया। इस नवाचार के परिणामस्वरूप जिले में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। नीति आयोग द्वारा इस उपलब्धि को आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम के तहत एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में चयनित किया गया है।कलेक्टर  नूपुर राशि पन्ना ने इस सम्मान को जिले की संपूर्ण टीम, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और समुदाय के सहयोग को समर्पित करते हुए कहा कि  “यह उपलब्धि कोंडागांव की टीम भावना और सामुदायिक सहभागिता का परिणाम है। हमारा उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सतत सुधार लाना है।” यह सम्मान न केवल कोंडागांव जिले के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गौरव का विषय है।

The post कोंडागांव जिला को नीति आयोग द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार first appeared on .

]]>
https://thefourthmirror.com/2025/10/11/kondagaon-district-awarded-first-prize-at-national-level-by-niti-aayog/feed/ 0
मूल्य आधारित शिक्षा से ही राष्ट्र होगा सशक्त और समाज बनेगा स्वच्छ — मंत्री गजेन्द्र यादव https://thefourthmirror.com/2025/10/11/only-through-value-based-education-will-the-nation-become-strong-and-the-society-will-become-clean-minister-gajendra-yadav/ https://thefourthmirror.com/2025/10/11/only-through-value-based-education-will-the-nation-become-strong-and-the-society-will-become-clean-minister-gajendra-yadav/#respond Sat, 11 Oct 2025 13:37:46 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=61606 रायपुर । अभ्युदय संस्थान, अछोटी में “चेतना विकास एवं मूल्य आधारित शिक्षा” विषय पर एक...

The post मूल्य आधारित शिक्षा से ही राष्ट्र होगा सशक्त और समाज बनेगा स्वच्छ — मंत्री गजेन्द्र यादव first appeared on .

]]>
रायपुर ।

अभ्युदय संस्थान, अछोटी में “चेतना विकास एवं मूल्य आधारित शिक्षा” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षा ,ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंत्री  यादव ने शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, चेतना और सकारात्मक परिवर्तन का आधार है।उन्होंने कहा कि विकसित भारत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा, जीवन मूल्यों और व्यवहारिक ज्ञान को विशेष महत्व देने की आवश्यकता है।  यादव ने शिक्षकों से आवाहन किया कि वे विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को प्राथमिकता दें, ताकि आने वाली पीढ़ी विकसित छत्तीसगढ़ और सशक्त भारत निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।मंत्री  यादव ने कहा कि स्वच्छ समाज की नींव सशक्त शिक्षा व्यवस्था पर ही आधारित है।

जब विद्यालयों में संस्कार, अनुशासन और सेवा भाव का वातावरण विकसित होगा, तब राष्ट्र भी स्वच्छ, सशक्त और जागरूक बनेगा।कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने भाग लेकर वर्तमान शिक्षा परिस्थितियों को और बेहतर बनाने के लिए अपने विचार साझा किए। सभी ने नई शिक्षा नीति में मूल्य आधारित शिक्षा को विद्यालयों में और प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया, ताकि विद्यार्थी सशक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकें।कार्यक्रम में लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी, योगेश शास्त्री, संकेत ठाकुर, अनीता शाह, पार्षद कुलेश्वर साहू, कांशीराम कोसरे सहित क्षेत्र के अनेक शिक्षकगण एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे।

The post मूल्य आधारित शिक्षा से ही राष्ट्र होगा सशक्त और समाज बनेगा स्वच्छ — मंत्री गजेन्द्र यादव first appeared on .

]]>
https://thefourthmirror.com/2025/10/11/only-through-value-based-education-will-the-nation-become-strong-and-the-society-will-become-clean-minister-gajendra-yadav/feed/ 0
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ https://thefourthmirror.com/2025/10/11/prime-minister-narendra-modi-launched-two-new-schemes-for-farmers-worth-over-rs-41000-crore/ https://thefourthmirror.com/2025/10/11/prime-minister-narendra-modi-launched-two-new-schemes-for-farmers-worth-over-rs-41000-crore/#respond Sat, 11 Oct 2025 13:30:23 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=61603 रायपुर ।  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में...

The post प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ first appeared on .

]]>
रायपुर । 

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित मुख्य समारोह से देश के किसानों को 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर दो नई योजनाएं- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया। इनमें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30 हजार करोड़ रूपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11 हजार करोड़ रूपए शामिल है। इसके अलावा  मोदी कृषि और संरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार से हजारों किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ऑनलाईन जुड़कर इस अभियान के शुभारंभ के साक्षी बने। इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं डेयरी विकास मंत्री  राजीव रंजन सिंह, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री  भागीरथ चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी वर्चुअली रूप से जुड़े थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि “भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती के दिन आज देश कृषि आत्मनिर्भरता का नया इतिहास रच रहा है। आज से प्रारंभ हुई दोनों योजनाएं देश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने और कृषि आत्मनिर्भरता के नए युग की शुरुआत है। खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर सिद्ध होंगी। उन्होंने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत का कृषि निर्यात बढ़ा है, शहद उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन सहित सहायक कृषि गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि विकास के पैरामीटर में पिछड़ रहे जिलों के लिए  केंद्रित आकांक्षी जिला योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से सुधार का काम हुआ है। ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत खेती किसानी में पिछड़े देश के 100 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 36 नई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा किसानों की भागीदारी से खेती की तस्वीर बदलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों और आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया गया है। यह मिशन न केवल कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है, बल्कि देश में पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रयास है। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए हमें मिलकर दलहन उत्पादन की सशक्त व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत अपनी दलहन आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा नहीं कर पा रहा है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से दाल उत्पादन में वृद्धि होगी और लगभग दो करोड़ दाल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि बड़ी ख़ुशी की बात है कि किसान हित में दो नई योजनाओं में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को भी शामिल किया गया है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से विशेष रूप से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  और केन्द्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने इन दो नई योजनाओं के लिए प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इन योजनाओं से खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता भी आएगी। मुख्यमंत्री  साय ने योजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि अभियांत्रिकी सब मिशन योजना के तहत किसानों को टैªक्टरों, कृषि उपकरणों की चाबी भी सौपी और अनुदान राशि का चेक प्रदान किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने टैªक्टर पर बैठकर किसानों का उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला है। जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। जीएसटी रिफॉर्म के बाद एक दिन मैं एक ट्रैक्टर शो रूम में गया, यहां आकर मुझे पता चला कि एक ट्रैक्टर के पीछे 40,000 से 60,000 तक की राशि बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टॉल देखने के दौरान यहां मुझे एक किसान भाई मिले जिन्होंने हार्वेस्टर खरीदा, उन्हें एक लाख रुपए से भी अधिक की भी बचत का फ़ायदा मिला। यह देखकर बड़ी ख़ुशी होती है कि हमारे किसान भाइयों को इतना फायदा मिल रहा है। साय ने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों से किया हर वादा हमने पूरा कर दिया है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस भुगतान किया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेते हुए राज्य में 1500 से अधिक सिंचाई योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए एकमुश्त 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि योजनाओं के मजबूतीकरण के लिए कई अहम कार्य हुए। किसान क्रेडिट कार्ड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ज्यादातर सीमांत किसान हैं, उन्हें सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं का बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए सतत प्रयासरत है और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस पहल है।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष   चन्द्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  भरत मटियारी और गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर सिंह पटेल, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, सदस्य  सौरभ साहेब, कृषि उत्पादन आयुक्त  शहला निगार, रायपुर कलेक्टर  गौरव सिंह, कृषि संचालक  राहुल देव, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम एमडी  अजय अग्रवाल, उद्यानिकी विभाग के संचालक   एस. जगदीशन राव, मत्स्य विभाग के संचालक  नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

The post प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ first appeared on .

]]>
https://thefourthmirror.com/2025/10/11/prime-minister-narendra-modi-launched-two-new-schemes-for-farmers-worth-over-rs-41000-crore/feed/ 0
कटघोरा में कंवर समाज के सम्मेलन और वीर शहीद सीताराम कंवर की पुण्यतिथि समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय https://thefourthmirror.com/2025/10/10/chief-minister-sai-attended-the-convention-of-kanwar-community-and-the-death-anniversary-celebration-of-brave-martyr-sitaram-kanwar-in-katghora/ https://thefourthmirror.com/2025/10/10/chief-minister-sai-attended-the-convention-of-kanwar-community-and-the-death-anniversary-celebration-of-brave-martyr-sitaram-kanwar-in-katghora/#respond Fri, 10 Oct 2025 06:07:35 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=61578 रायपुर। समाज की उन्नति और प्रगति के लिए शिक्षा ही एकमात्र रास्ता है। हमारी सरकार...

The post कटघोरा में कंवर समाज के सम्मेलन और वीर शहीद सीताराम कंवर की पुण्यतिथि समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय first appeared on .

]]>
रायपुर।

समाज की उन्नति और प्रगति के लिए शिक्षा ही एकमात्र रास्ता है। हमारी सरकार स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर और इंजीनियर बनते देखना ही हमारी मंशा है। मुख्यमंत्री साय कोरबा जिले के कटघोरा में आयोजित सातगढ़ कंवर समाज के सामाजिक सम्मेलन एवं वीर शहीद सीताराम कंवर की पुण्यतिथि समारोह को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वीर शहीद सीताराम कंवर समाज का गौरव हैं। इस अवसर पर उन्होंने रामपुर चौक में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद सीताराम कंवर की प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री   साय का तीर-धनुष भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में घोषणा की कि सातगढ़ कंवर समाज के सामाजिक भवन निर्माण के लिए ₹1 करोड़ की राशि प्रदान की जाएगी तथा इस भवन में बाउंड्रीवाल का निर्माण भी कराया जाएगा। उन्होंने रामपुर चौक में शहीद सीताराम कंवर की नई प्रतिमा स्थापना के लिए ₹10 लाख, कसनिया मोड़ में भगवान सहस्त्रबाहु की प्रतिमा स्थापना एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए ₹25 लाख, तथा कटघोरा में हाईटेक बस स्टैंड के निर्माण की घोषणा की।मुख्यमंत्री   साय ने कसनिया मोड़ में भगवान सहस्त्रबाहु चौक नामकरण, मूर्ति स्थापना, कल्चुरी स्वागत द्वार सह उद्यान निर्माण हेतु भूमिपूजन और शिलान्यास भी किया।मुख्यमंत्री  साय ने कंवर समाज के सम्मेलन में उपस्थित लोगों से समाज के विकास और उत्थान के लिए अपने बच्चों को शिक्षित करने, युवाओं को नशे से दूर रहने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के लिए उत्कृष्ट संस्थान स्थापित किए गए हैं — मेडिकल कॉलेज, एम्स, आईआईआईटी, विश्वविद्यालय और लॉ कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती महोत्सव के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ की जनता से की गई गारंटियों को पूरा करने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। सरकार गठन के साथ ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता उनके खातों में जमा की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी की जा रही है। चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ किया गया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि  रामलला दर्शन योजना के तहत राज्य से प्रत्येक माह हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा सरकारी खर्च पर कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के मात्र 20 माह के भीतर ही 10 हजार से अधिक युवाओं को शासकीय नौकरी दी गई है। शीघ्र ही 5 हजार शिक्षकों और 700 से अधिक सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति को रोजगारमुखी बनाकर युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले जा रहे हैं।कार्यक्रम में विधायक  प्रेमचंद पटेल और  तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर  संजू देवी राजपूत, कंवर समाज के केंद्रीय अध्यक्ष  छत्रपाल सिंह कंवर, सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण और कंवर समाज के सामाजिक बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

The post कटघोरा में कंवर समाज के सम्मेलन और वीर शहीद सीताराम कंवर की पुण्यतिथि समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय first appeared on .

]]>
https://thefourthmirror.com/2025/10/10/chief-minister-sai-attended-the-convention-of-kanwar-community-and-the-death-anniversary-celebration-of-brave-martyr-sitaram-kanwar-in-katghora/feed/ 0