छत्तीसगढ़ - https://thefourthmirror.com Mon, 14 Sep 2026 04:18:43 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 https://thefourthmirror.com/wp-content/uploads/2022/10/cropped-IMG_20221028_135824-32x32.jpg छत्तीसगढ़ - https://thefourthmirror.com 32 32 रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितंबर तक सजेगा चक्रधर समारोह का भव्य मंच https://thefourthmirror.com/2026/09/14/the-grand-stage-for-the-chakradhar-samaroh-will-be-set-up-at-raigarhs-ramlila-maidan-from-september-14-to-23/ https://thefourthmirror.com/2026/09/14/the-grand-stage-for-the-chakradhar-samaroh-will-be-set-up-at-raigarhs-ramlila-maidan-from-september-14-to-23/#respond Mon, 14 Sep 2026 04:18:43 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=66540 रायपुर । महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और रायगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को...

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रायपुर ।

महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और रायगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित 41वां अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान, रायगढ़ में भव्य रूप से आयोजित होगा। राज्यपाल  रमेन डेका 14 सितंबर को शाम 7.15 बजे रामलीला मैदान पहुंचकर समारोह का शुभारंभ करेंगे। दस दिवसीय समारोह में देश-प्रदेश के ख्यात कलाकार शास्त्रीय नृत्य, गायन, वादन, लोककला एवं साहित्य की विविध विधाओं की प्रस्तुतियों से रायगढ़ को कला और संस्कृति के रंगों से सराबोर करेंगे।

           समारोह की पहली शाम  वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों की गणेश वंदना से होगी। इसके बाद पद्मश्री डॉ. उषा बारले की पंडवानी और पद्मश्री अनुज शर्मा की लोककला एवं संगीत की प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण होगी। आगामी दस दिनों में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, कथकली सहित विभिन्न शास्त्रीय नृत्य शैलियों के साथ पंडवानी, लोकनृत्य, लोकसंगीत, भजन और वादन की प्रस्तुतियां होंगी। समारोह में देश-प्रदेश के अनेक प्रतिष्ठित कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

*दिनवार कार्यक्रम: हर शाम कला के अलग रंग*

*14 सितंबर:*  वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों की गणेश वंदना, पद्मश्री डॉ. उषा बारले की पंडवानी तथा पद्मश्री अनुज शर्मा की लोककला एवं संगीत की प्रस्तुति।

*15 सितंबर:* अनुष्का सुल्तानिया का कथक, स्टार्क सोसाइटी बाड़मेर का राजस्थानी फोक, टी. लक्ष्मी रेड्डी का कुचिपुड़ी, निशित गंगानी का तबला वादन, तरुणा साहू एवं ग्रुप की पंडवानी तथा माधवरस बैंड का भजन गायन।

*16 सितंबर:* डॉ. दीपिका सरकार का भरतनाट्यम, सुश्री विभूति शर्मा का कथक, भूपेंद्र साहू का छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, मौमाला नायक तथा यास्मीन सिंह एवं ग्रुप का कथक, पायल साहू एवं ग्रुप की लोककला।

*17 सितंबर:* शिव शक्ति कला संस्थान का कथक, जाह्नवी बेहरा का ओडिसी, शिवरंजनी हरीश का भरतनाट्यम,  मधुमिता रॉय मिश्रा का कथक, कलापर्णा नृत्य समूह का भरतनाट्यम तथा ‘बादल-बस्तर’ समूह की गीत एवं नृत्य प्रस्तुति।

*18 सितंबर:* श्वेता नायक एवं ग्रुप का कुचिपुड़ी, डॉ. मंजू इलंगबम का मणिपुरी, डॉ. खुशबू पंचाल का कथक, पद्मश्री डॉ. भारती बंधु के कबीर भजन तथा अनुराग शर्मा का लोक संगीत।

*19 सितंबर:* रीला होता एवं गौरीशंकर दाश की ओडिसी प्रस्तुति के बाद रात्रि 9 बजे अखिल भारतीय काव्य संध्या होगी।

*20 सितंबर:* बी. साहू का गोटीपुआ, खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की नृत्य प्रस्तुति, पद्मश्री रामलाल बरेठ के निर्देशन में भूपेंद्र बरेठ एवं समूह का कथक तथा इंडियन आइडल फेम अमित साना का गायन।

*21 सितंबर:* आर्या नंदे का ओडिसी, संस्कार कला संघ की नृत्य नाटिका, नृत्यांजलि का बनारस घराने का कथक, सोनू गुप्ता एवं ग्रुप का लोक संगीत, वासंती वैष्णव एवं ग्रुप का कथक, रुद्रशंकर मिश्रा का बनारस घराने का कथक तथा ‘त्रिवेणी संगम’ द्वारा संतूर-पखावज-तबला वादन।

*22 सितंबर:* दीक्षा रथ का ओडिसी, लहरगंगा पुरानिक साहू, गुरु कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर का कथकली, प्रो. डॉ. लवली शर्मा का सितार वादन, का लोक संगीत तथा राकेश शर्मा का सूफी गायन।

*23 सितंबर:* भव्य समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पद्मश्री कविता कृष्णमूर्ति की विशेष संगीत संध्या तथा आयुष नामदेव के ‘सियाधेश म्यूजिक बैंड’ की प्रस्तुति समारोह का प्रमुख आकर्षण होगी।

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लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम है – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा https://thefourthmirror.com/2026/09/14/recording-the-highest-recovery-rate-in-the-country-for-two-consecutive-years-is-the-result-of-the-farmers-hard-work-deputy-chief-minister-vijay-sharma/ https://thefourthmirror.com/2026/09/14/recording-the-highest-recovery-rate-in-the-country-for-two-consecutive-years-is-the-result-of-the-farmers-hard-work-deputy-chief-minister-vijay-sharma/#respond Mon, 14 Sep 2026 04:13:49 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=66537 रायपुर । देश में लगातार दो वर्षों तक सर्वाधिक रिकवरी का गौरव हासिल करने वाले...

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रायपुर ।

देश में लगातार दो वर्षों तक सर्वाधिक रिकवरी का गौरव हासिल करने वाले भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने किसानों को एक और बड़ी सौगात दी है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज 28 हजार शेयरधारी गन्ना किसानों को 30 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर 50 किलो शक्कर वितरण का शुभारंभ किया। यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब किसानों को रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री  रामविचार नेताम वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा को नेशनल को ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन,नई दिल्ली के द्वारा सर्वाेच्च शुगर रिकवरी के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में एफिशिएंसी अवार्ड प्राप्त होने पर क्षेत्र वासियों, शेयर धारक किसानों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किसानों की सुविधा के लिए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना परिसर में डोम निर्माण की घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह कारखाना किसानों का अपना कारखाना है और इसकी मजबूती किसानों की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में लगातार तीसरे वर्ष किसानों को रियायती दर पर शक्कर वितरण की शुरुआत की गई है। इस वर्ष 4 हजार 686 नए किसानों को शेयरधारी बनाया गया है। इस प्रकार अब लगभग 28 हजार शेयरधारी किसानों को 30 रुपए प्रति किलो की दर से 50 किलो शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को यह लाभ सहकारिता की भावना और कारखाने से उनके जुड़ाव का महत्वपूर्ण परिणाम है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष कारखाने में 2 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई थी। इस वर्ष इसे बढ़ाकर 4 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, 10 हजार किसानों से गन्ना अनुबंध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में कारखाने से अनुबंध करें और गन्ना उपलब्ध कराएं, ताकि कारखाना निरंतर सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों के सहयोग से ही कारखाना आगे बढ़ेगा और इसका लाभ भी किसानों तक पहुंचेगा। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला  विजय पाटिल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,  संतोष पटेल,  मनीराम साहू,  भुनेश्वर चंद्राकर,  रामकिंकर वर्मा,  खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे

देश में सर्वाधिक रिकवरी का लगातार दो वर्षों का गौरव
उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 में पूरे देश में सर्वाधिक रिकवरी प्राप्त करने वाले कारखाने के रूप में गौरव हासिल किया है। इसके लिए कारखाने को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर रिकवरी केवल कारखाने की उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत का परिणाम है। किसानों द्वारा उत्पादित गुणवत्तापूर्ण गन्ने और उनके परिश्रम से ही कारखाना उच्च स्तर पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत, कारखाना प्रबंधन की कार्यक्षमता और सहकारिता की भावना मिलकर भोरमदेव शक्कर कारखाना को नई पहचान दे रही है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समिति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें होने वाला लाभ सभी सदस्यों के बीच साझा होता है। यही कारण है कि सहकारिता किसानों के लिए उपयोगी और लाभकारी व्यवस्था है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कारखाने से जुड़कर शेयरधारी बनें और गन्ना अनुबंध के माध्यम से इसकी गतिविधियों को और मजबूत करें। उन्होंने किसानों को समर्थन मूल्य बोनस बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।

कवर्धा के किसानों की मेहनत ने प्रदेश को दिलाई नई पहचान – मंत्री  रामविचार नेताम

    कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। तीजा पर्व और गणेश चतुर्थी की तैयारियों के बीच किसानों को शक्कर का वितरण किया जाना खुशी की बात है। त्योहारों में प्रसाद और पकवानों के लिए मिठास की आवश्यकता होती है, ऐसे समय में किसानों को रियायती दर पर शक्कर मिलने से त्योहार की खुशियों में और मिठास बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के निर्देश और उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रयासों से किसानों के हित में शक्कर वितरण की व्यवस्था फिर शुरू हुई है। कवर्धा के किसानों की मेहनत और परिश्रम ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। बेहतर गन्ना उत्पादन और शक्कर की अच्छी रिकवरी किसानों की मेहनत का परिणाम है। मंत्री  नेताम ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गन्ना उत्पादक किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और गन्ने का उत्पादन और बढ़े। किसानों के हित में बोनस बढ़ाने के लिए भी सरकार आवश्यक प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार शक्कर आज त्योहार के अवसर पर उनके घरों तक पहुंच रही है और इससे खुशियों में मिठास बढ़ेगी।

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नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा https://thefourthmirror.com/2026/09/14/treat-the-crackdown-on-the-illegal-drug-trade-as-a-mission-deputy-chief-minister-vijay-sharma/ https://thefourthmirror.com/2026/09/14/treat-the-crackdown-on-the-illegal-drug-trade-as-a-mission-deputy-chief-minister-vijay-sharma/#respond Mon, 14 Sep 2026 04:06:13 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=66534 रायपुर । छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं, पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात, भंडारण एवं सेवन...

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रायपुर ।

छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं, पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात, भंडारण एवं सेवन को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट लागू है। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों की विवेचना में गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने तथा आरोपियों को प्रभावी ढंग से दोषसिद्ध कराने के उद्देश्य से आज कबीरधाम जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कवर्धा में राजनांदगांव रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज  अजय यादव, पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र कुमार यादव सहित राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क को पूरी ताकत से तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विवेचना को इस स्तर तक प्रभावी बनाया जाए कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को न्यायालय से दोषसिद्धि दिलाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि गवाहों की अनुपस्थिति जैसी परिस्थितियों में भी उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रकरण को मजबूत बनाया जाए।

          कार्यशाला में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अजय यादव ने विवेचना अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन एवं दोषसिद्धि के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ऐसे प्रकरणों में गवाहों की अनुपस्थिति अथवा अन्य चुनौतियों के बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजबूत प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हाल ही में सामने आए एनडीपीएस के प्रकरणों का उदाहरण देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं उनके लोकेशन तथा संपर्कों की तस्दीक कर यह पता लगाया जाए कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया और कहां तक पहुंचाया जाना था। उन्होंने कहा कि कार्रवाई को केवल सामने मौजूद आरोपी तक सीमित न रखते हुए पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना और तस्करी की चैन को समाप्त करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यशाला में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रकरणों की विवेचना में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, साक्ष्य संकलन, तकनीकी साक्ष्य के उपयोग, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

         कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक   जितेंद्र कुमार यादव ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी कार्यशाला में प्राप्त मार्गदर्शन को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करते हुए नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।

एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई देश, समाज और युवाओं की सेवा

       उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह देश, समाज, नौजवानों और आने वाली पीढ़ी की सेवा है। नशे के अवैध कारोबार से युवाओं को बचाने के लिए पुलिस को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां नशीले पदार्थों से संबंधित अवशेष अथवा गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां उसकी तस्दीक कराई जाए तथा आवश्यकतानुसार सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों सहित आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग किया जाए, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।

नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक अंतिम व्यक्ति तक कार्रवाई करें सुनिश्चित

          उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो तस्कर पुलिस की गिरफ्त में आते हैं, उनके लोकेशन, संपर्क, आवागमन तथा नशीले पदार्थ कहां से आए और कहां तक पहुंचाए जाने थे, इसकी गहन जानकारी जुटाई जाए। केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए तस्करी कराने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और मजबूत विवेचना के माध्यम से एनडीपीएस के मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाए। न्यायालय में दंड उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित होता है, इसलिए प्रत्येक विवेचना अधिकारी के साक्ष्य संकलन की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

गांजा तस्करी के स्रोतों की पहचान पर जोर
उप मुख्यमंत्री   विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांजे की तस्करी के कई मामलों में अन्य राज्य से जुड़े स्रोत सामने आए हैं। सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से गांजे की अवैध खेती और तस्करी के स्रोतों की पहचान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर पुलिस की सक्रियता के समन्वय से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से कहा कि समाज को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई को रूटीन कार्य न मानते हुए मिशन के रूप में लेकर कार्य करें और अपने-अपने क्षेत्र को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त कराने के लिए ठोस एवं सकारात्मक परिणाम प्रस्तुत करें।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी सम्मानित

        कार्यशाला के दौरान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

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जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय https://thefourthmirror.com/2026/09/14/education-is-the-most-powerful-means-to-progress-in-every-sphere-of-life-chief-minister-vishnu-deo-sai/ https://thefourthmirror.com/2026/09/14/education-is-the-most-powerful-means-to-progress-in-every-sphere-of-life-chief-minister-vishnu-deo-sai/#respond Mon, 14 Sep 2026 03:57:34 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=66531 रायपुर।  शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र...

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रायपुर। 

शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को गढ़ते हैं, उन्हें संस्कार और सही दिशा देते हैं तथा उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने समारोह में जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।मुख्यमंत्री ने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश में गुरु के सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पीढि़यों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढि़यों तक पहुंचता है। इसीलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा गया है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा ज्ञान का वह प्रकाश है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है। शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ उसमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। शिक्षित और संस्कारित नागरिक ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र का निर्माण करते हैं।उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ज्ञान और शिक्षा की भूमि रहा है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध शिक्षा केंद्रों में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने आते थे। हमारी यह समृद्ध ज्ञान परंपरा आज भी हमें प्रेरणा देती है। बदलते समय और नई तकनीकों के दौर में शिक्षा के स्वरूप में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर देना हमारा संकल्प

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में पीछे न रहे। गांव हो या शहर, गरीब हो या संपन्न परिवार – हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने, अच्छी शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हैं। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित हुए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर लाइब्रेरी, स्टडी मटेरियल और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें, इसके लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान कर रही है। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षित युवा तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे आत्मविश्वासी, कुशल और सक्षम युवा तैयार करना है जो विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

बेमेतरा को गौरव पथ और विद्युत सब-स्टेशन की सौगात

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बेमेतरा जिले के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की घोषणा की।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहरों और गांवों में बेहतर अधोसंरचना का निर्माण विकास की गति को तेज करने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएगा।

“मोर गांव मोर पानी” अभियान के उल्लेखनीय कार्यों का हुआ सम्मान

    समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर में सुधार के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने जल संरक्षण को भविष्य की पीढि़यों से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी जुड़ने पर बड़े बदलाव संभव होते हैं। उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले में किए गए प्रयासों की सराहना की। समारोह में प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का भी विमोचन किया गया।

जनकल्याण और सुशासन के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ गरीब, किसान, महिला और युवा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास का सपना पूरा किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। वहीं तकनीक के उपयोग से शासन की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सेवा सेतु और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी पहलों के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सरलता और समयबद्धता के साथ पहुंचे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कुशल युवा शक्ति तथा सशक्त गांवों और शहरों से तैयार होगी। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की शाम अपने घरों में एक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, विकास और जनकल्याण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।

शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता: उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वाेपरि रहा है। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करते हैं। शिक्षक केवल विद्यार्थी का ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं।उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों का ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढि़यों के लिए अमूल्य धरोहर है।

शिक्षा के साथ संस्कार भी आवश्यक: मंत्री दयाल दास बघेल

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करती है। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक दीपक की तरह ज्ञान का प्रकाश फैलाकर बच्चों का भविष्य संवारते हैं।

मंत्री बघेल ने सम्मानित सभी शिक्षकों एवं मेधावी विद्यार्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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विकास को गति देने छत्तीसगढ़ में भूमि उपयोग नियमों में बड़ा बदलाव https://thefourthmirror.com/2026/09/11/major-changes-to-land-use-rules-in-chhattisgarh-to-accelerate-development/ https://thefourthmirror.com/2026/09/11/major-changes-to-land-use-rules-in-chhattisgarh-to-accelerate-development/#respond Fri, 11 Sep 2026 16:10:10 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=66527 रायपुर। छत्तीसगढ़ में विकास गतिविधियों को गति देने और भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं को...

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रायपुर।

छत्तीसगढ़ में विकास गतिविधियों को गति देने और भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, स्पष्ट एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित संशोधन में विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों के लिए Negative List आधारित व्यवस्था अपनाने का प्रावधान किया गया है। यह पहल केंद्र सरकार के डीरिगुलेशन और अनुपालन बोझ कम करने के व्यापक सुधारों के अनुरूप है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए तथा विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो। भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित संशोधन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी तथा प्रदेश में निवेश, रोजगार और अधोसंरचना विकास को गति मिलेगी।आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नियमन को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसे अधिक स्पष्ट, सरल, लचीला और परिणामोन्मुख बनाना है। Negative List आधारित व्यवस्था के माध्यम से प्रतिबंधित गतिविधियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाएगा, जबकि अन्य गतिविधियों के लिए अनावश्यक नियामकीय बाधाएं कम होंगी। इससे बदलती आर्थिक एवं सामाजिक जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग व्यवस्था अधिक व्यावहारिक बनेगी।

मंत्री  चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन@2047 के अनुरूप और भारत सरकार के डीरिगुलेशन एवं ईज ऑफ लिविंग से जुड़े सुधारों की दिशा में छत्तीसगढ़ लगातार नीतिगत सुधार कर रहा है। आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में ग्रामीण और शहरी विकास को गति देने के लिए अनेक सुधार किए गए हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियमों में प्रस्तावित यह बदलाव प्रदेश के आवासीय, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक विकास को नई गति देगा।उन्होंने कहा कि इस सुधार से मास्टर प्लान में निर्धारित विभिन्न भूमि उपयोगों को अधिक लचीला, व्यावहारिक और समयानुकूल बनाया जा सकेगा। इसका लाभ आम नागरिकों को भी मिलेगा और भूमि उपयोग से संबंधित प्रक्रियाओं में आने वाली कठिनाइयों को कम करने का मार्ग प्रशस्त होगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य विकास की संभावनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ नियोजित विकास और आवश्यक प्रतिबंधों के बीच संतुलन स्थापित करना है।

प्रतिबंधित गतिविधियों की स्पष्ट सूची, अन्य गतिविधियों के लिए व्यापक अवसर

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों में केवल निर्धारित निषिद्ध गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाएगा। संबंधित भूमि उपयोग श्रेणी की Negative List में शामिल नहीं होने वाली गतिविधियों को अनुमत माना जाएगा। इससे वर्तमान के साथ-साथ भविष्य में विकसित होने वाली नई गतिविधियों के लिए भी अधिक व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।प्रस्ताव में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक, परिवहन, आमोद-प्रमोद तथा कृषि भूमि उपयोग के लिए अलग-अलग निषिद्ध गतिविधियों की सूची निर्धारित की गई है। इससे प्रत्येक क्षेत्र की प्रकृति, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और विकास की जरूरतों के अनुरूप स्पष्ट नियामकीय व्यवस्था विकसित होगी।

आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षा और पर्यावरण को प्राथमिकता

आवासीय भूमि उपयोग के अंतर्गत प्रदूषणकारी उद्योगों, बड़े भंडारण, कबाड़खानों, संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण, गैस गोदाम, पशुपालन एवं मछली पालन, डेयरी एवं कुक्कुट पालन, दाह संस्कार/कब्रिस्तान तथा खनन जैसी गतिविधियों को निषिद्ध रखने का प्रस्ताव है। इससे आवासीय क्षेत्रों की सुरक्षा, पर्यावरणीय गुणवत्ता और बेहतर जीवन-परिस्थितियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्पष्ट नियोजन

वाणिज्यिक भूमि उपयोग में नारंगी, लाल एवं नीली श्रेणी के उद्योगों, खतरनाक एवं विषाक्त रसायनों तथा विस्फोटक पदार्थों के भंडारण सहित पशुपालन, मछली पालन, डेयरी एवं कुक्कुट पालन, दाह संस्कार/कब्रिस्तान तथा खनन गतिविधियों को निषिद्ध करने का प्रावधान किया गया है।वहीं औद्योगिक भूमि उपयोग में पूर्णतः आवासीय टाउनशिप, अनुमत कर्मचारी आवास को छोड़कर छात्रावास एवं शयनागार, विद्यालय, संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण, गैस गोदाम तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और असंगत गतिविधियों को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है।

कृषि, सार्वजनिक और परिवहन क्षेत्रों के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था

कृषि भूमि उपयोग में आवासीय अभिन्यास, किफायती जन आवास एवं एकीकृत उपनगर को छोड़कर बड़े वाणिज्यिक परिसर, खतरनाक वाणिज्यिक उपयोग, विभिन्न श्रेणी के उद्योग, उच्च घनत्व वाली आवासीय योजनाएं तथा बड़े मॉल जैसी गतिविधियों को निषिद्ध रखने का प्रस्ताव है।इसी प्रकार सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक, परिवहन तथा आमोद-प्रमोद भूमि उपयोग के लिए भी असंगत, प्रदूषणकारी, खतरनाक एवं अत्यधिक भारी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से निषिद्ध किया गया है। इससे निर्धारित भूमि उपयोग और संबंधित क्षेत्र की विकास आवश्यकताओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सकेगा।

नई अर्थव्यवस्था और बदलती जरूरतों के अनुरूप नियोजन

तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था के साथ नई सेवाओं, संस्थाओं, व्यवसायों और तकनीकी गतिविधियों के स्वरूप भी लगातार विकसित हो रहे हैं। ऐसे में पहले से तय गतिविधियों की लंबी सूची के बजाय स्पष्ट रूप से निर्धारित निषिद्ध गतिविधियों के आधार पर नियमन करने से नई और उभरती गतिविधियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।प्रस्तावित व्यवस्था से अनावश्यक अनुपालन बोझ कम होने के साथ विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही निवेशकों के लिए अधिक स्पष्ट और पूर्वानुमानित नियामकीय वातावरण तैयार होगा। इससे प्रदेश के शहरों और कस्बों में नियोजित विकास को बढ़ावा देने के साथ आवास, व्यापार, सेवाओं और अधोसंरचना से जुड़ी बदलती जरूरतों को पूरा करने में भी सुविधा होगी।

नागरिकों और संबंधित पक्षों से मांगे गए सुझाव

प्रस्तावित संशोधन पर नागरिकों एवं संबंधित पक्षों से आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 15 दिवस की अवधि में प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर शासन द्वारा विचार किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमों में प्रस्तावित संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा।भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित यह बदलाव छत्तीसगढ़ में सरल नियमन, कम अनुपालन बोझ, स्पष्ट नियोजन और विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार है। इससे प्रदेश की बदलती विकास आवश्यकताओं के अनुरूप नियोजन व्यवस्था को अधिक लचीला और भविष्य के लिए तैयार बनाने में मदद मिलेगी।

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प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान https://thefourthmirror.com/2026/09/11/pradhan-mantri-awas-yojana-has-fulfilled-the-dream-of-permanent-homes-for-lakhs-of-poor-families-union-minister-shivraj-singh-chouhan/ https://thefourthmirror.com/2026/09/11/pradhan-mantri-awas-yojana-has-fulfilled-the-dream-of-permanent-homes-for-lakhs-of-poor-families-union-minister-shivraj-singh-chouhan/#respond Fri, 11 Sep 2026 15:55:43 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=66523 रायपुर। छत्तीसगढ़ में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास के सपने को साकार करने...

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रायपुर।

छत्तीसगढ़ में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा। सक्ती में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के राज्यस्तरीय गृह प्रवेश समारोह में 2 लाख नवनिर्मित आवासों का गृह प्रवेश कराया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से उनके नए घरों की चाबी सौंपी गई।इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने नवगठित सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की। केंद्रीय मंत्री चौहान ने अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति संबंधी पत्र मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को सौंपा।

छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की बड़ी सौगात

छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1600 से अधिक पीएम आवास हो रहे पूर्ण : केंद्रीय मंत्री  चौहान

केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण इसी संकल्प को जमीन पर साकार करने वाली महत्वपूर्ण योजना है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है और प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विकास कार्यों की सराहना की।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि सरकार जो कहती है, उसे पूरा करके दिखाती है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को नई गति मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के आवास, सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से गरीब परिवारों को केवल पक्की छत ही नहीं मिल रही, बल्कि उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, निःशुल्क राशन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में व्यापक बदलाव लाने का कार्य किया जा रहा है।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर कर रहे काम

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। प्रदेश अब केवल धान के कटोरे के रूप में ही नहीं, बल्कि तेजी से सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बना रहा है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि में आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं।उन्होंने कहा कि सक्ती में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती, फसल विविधीकरण और कृषि संबंधी वैज्ञानिक मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा।

गरीब का पक्का घर हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री  साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि चौहान का छत्तीसगढ़ के प्रति विशेष स्नेह रहा है और उनके प्रत्येक प्रवास से प्रदेश को विकास की नई सौगातें मिली हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आज अपने नए पक्के घर में प्रवेश कर रहे 2 लाख हितग्राही परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।उन्होंने कहा कि आवास सर्वे-2011 और आवास प्लस सर्वे के अंतर्गत आवासों के लक्ष्य की स्वीकृति मिल चुकी है। अब आवास प्लस-प्लस सर्वे में शामिल शेष पात्र परिवारों के लिए भी आवास स्वीकृत करने का अनुरोध केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से किया गया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे।

13.85 लाख बहनें बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में हमारी माताओं-बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और बिहान के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे बड़े बदलाव का प्रमाण है।मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को लाभान्वित किया जा रहा है और अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत अब तक 750 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया बिजली बिल माफ किए जा चुके हैं।

ग्रामीण विकास के कई अभिनव अभियानों का शुभारंभ

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित 2 लाख आवासों के गृह प्रवेश के साथ ही विभिन्न ग्रामीण विकास अभियानों और नवाचारों का भी शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश की चाबी प्रदान की गई।मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन का शुभारंभ किया गया। विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत ‘धार अपार’ और ‘सुघ्घर बाड़ी’ अभियान प्रारंभ किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 270 नवीन इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टरों का विमोचन किया गया। साथ ही इन्क्यूबेशन प्रोग्राम ‘अथ उद्यमिता की ओर’ के अंतर्गत चैलेंज फंड इवेंट का शुभारंभ हुआ।कार्यक्रम में आजीविका के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदियों एवं डीलर दीदियों तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पंचायतों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।

अंत्योदय के संकल्प के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ : तोखन साहू

केंद्रीय राज्यमंत्री  तोखन साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का चिंतन सरकार के लिए मार्गदर्शक है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इसी भावना के अनुरूप गरीब, किसान, महिला और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में विकास को नई गति मिली है और गांवों में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही रोजगार एवं आजीविका के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद 11.50 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। गरीब परिवारों के साथ नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों के आवास की भी चिंता की जा रही है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है। 26 जनवरी 2027 तक प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में बालिका शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मुक्तिधाम शेड और आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण भी वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत कराया जाएगा।उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों पर बारकोड लगाया जा रहा है। नागरिक इसे स्कैन कर संबंधित विकास कार्य की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे ग्रामीण विकास में पारदर्शिता बढ़ने के साथ आम नागरिक भी विकास कार्यों की निगरानी में सहभागी बनेंगे।कार्यक्रम के अंत में जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद कमलेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष  द्रौपती कीर्तन चंद्रा सहित जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, लखपति दीदियां, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री साय ने सक्ति जिले में 121.70 करोड़ रुपए के 38 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन https://thefourthmirror.com/2026/09/11/union-minister-shivraj-singh-chouhan-and-chief-minister-sai-inaugurated-and-performed-the-groundbreaking-ceremony-for-38-development-projects-worth-%e2%82%b9121-70-crore-in-sakti-district/ https://thefourthmirror.com/2026/09/11/union-minister-shivraj-singh-chouhan-and-chief-minister-sai-inaugurated-and-performed-the-groundbreaking-ceremony-for-38-development-projects-worth-%e2%82%b9121-70-crore-in-sakti-district/#respond Fri, 11 Sep 2026 15:42:50 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=66520 रायपुर। केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु...

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रायपुर।

केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा में आयोजित कार्यक्रम में जिले को लगभग 122 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। दोनों अतिथियों ने 121 करोड़ 70 लाख रुपए से अधिक की लागत के कुल 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सक्ति जिले में 121.70 करोड़ रुपए के 38 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

इनमें लगभग 79.25 करोड़ रुपए की लागत के 23 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा लगभग 42.46 करोड़ रुपए की लागत के 15 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इन कार्यों से जिले में सड़क संपर्क के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रशासनिक और ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में लगभग 25.82 करोड़ रुपए की लागत से देवरघटा, बरतुंगा, तुलसीडीह, अण्डा, चरौदा होते हुए सपिया नहरपार तक 22 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण तथा लगभग 15.30 करोड़ रुपए की लागत से छुहीपाली से कटेकोनी बड़े-कर्राखई-ठाकुरपाली होते हुए सेमराडीह तक 12 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण शामिल है। इसके साथ ही अण्डी-किरकार-जगमहन से सातबहिनिया तक सड़क, नगझर-नवापारा मार्ग और गुरेराडीह किरारी से केसला मुख्य मार्ग सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया।

शिक्षा और युवाओं के लिए शासकीय कन्या महाविद्यालय सक्ती के नवीन भवन, बेदराम शासकीय महाविद्यालय मालखरौदा में अतिरिक्त भवन तथा नवीन लाइवलीहुड संस्थान भवन का भूमिपूजन किया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न ग्रामों में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा महिलाओं के लिए महतारी सदनों के निर्माण कार्यों की भी आधारशिला रखी गई। लोकार्पित प्रमुख कार्यों में लगभग 14.35 करोड़ रुपए की लागत से मालखरौदा क्षेत्र में कलमी नहरपार से चिखली, छोटेकोट, बड़ेकोट, सिंघरा होते हुए बेल्हाडीह तक सड़क तथा लगभग 11.35 करोड़ रुपए की लागत से देवरघटा से कठरापाली, निमोही, सिंघीतराई, बेनीपाली होते हुए ओड़ेकेरा मुख्य मार्ग तक पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण शामिल है। बुंदेली-अड़भार मार्ग का भी लोकार्पण किया गया।

इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित सोलर ड्यूल पंप, चन्द्रपुर एवं हसौद के नवीन तहसील कार्यालय भवन, डभरा, चन्द्रपुर एवं जैजैपुर के नवीन पुलिस थाना भवन, अड़भार पुलिस चौकी भवन, सुलौनी हाईस्कूल भवन, गोपालपुर प्रशिक्षण भवन तथा गोबरा में महतारी सदन सहित अन्य विकास कार्य जनता को समर्पित किए गए।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद  कमलेश जांगड़े सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश https://thefourthmirror.com/2026/09/11/the-ek-ped-maa-ke-naam-campaign-conveys-a-message-of-nature-conservation-and-respect-for-mothers/ https://thefourthmirror.com/2026/09/11/the-ek-ped-maa-ke-naam-campaign-conveys-a-message-of-nature-conservation-and-respect-for-mothers/#respond Fri, 11 Sep 2026 15:32:49 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=66517 रायपुर।  पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी...

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रायपुर। 

पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कदम का पौधा और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बादाम का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान की भावना को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी माँ के सम्मान में पौधा लगाने के साथ ही उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी का भाव भी इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को केवल शासकीय प्रयास तक सीमित न रखते हुए उसे जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने की पहल है। अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता से हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संदेश अभियान के माध्यम से दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से देशभर में नागरिकों को पौधरोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले में केंद्रीय मंत्री  चौहान और मुख्यमंत्री  साय द्वारा किया गया पौधरोपण प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जांजगीर-चांपा सांसद  कमलेश जांगड़े, बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन, विकसित भारत जीरामजी के आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर  जयश्री जैन, पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों से किया संवाद, दिए सफलता के मंत्र https://thefourthmirror.com/2026/09/11/governor-deka-interacted-with-students-and-shared-mantras-for-success/ https://thefourthmirror.com/2026/09/11/governor-deka-interacted-with-students-and-shared-mantras-for-success/#respond Fri, 11 Sep 2026 15:24:45 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=66514 रायपुर।  राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विद्यार्थियों ने...

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रायपुर।

 राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विद्यार्थियों ने भेंट की और संवाद किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए अनुशासन, आत्मनियंत्रण और कठोर परिश्रम को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी।

 सफलता का आधारभूत बिंदु अनुशासन है सैनिक स्कूल 

 राज्यपाल डेका ने कहा कि विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें सैनिक स्कूल जैसी उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्था में अध्ययन करने का अवसर मिला है। सैनिक स्कूल में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, समय की पाबंदी तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व भी सिखाया जाता है। उन्होंने कहा कि सफलता का आधारभूत बिंदु अनुशासन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पढ़ाई, नौकरी और करियर को लेकर तनाव एक बड़ी चुनौती है। तनाव का सामना करने के लिए हमें जो प्राप्त है, उसमें संतुष्ट रहना सीखना होगा। अपनी क्षमताओं को पहचानकर उसी के अनुरूप कार्य करना चाहिए। मन को नियंत्रित रखते हुए अपनी योग्यता और ऊर्जा को सही दिशा में लगाएंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी।

 लक्ष्य को निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन एवं मेहनत से प्रयास करें 

 राज्यपाल ने कहा कि कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। योग्यता के साथ यदि निरंतर मेहनत की जाए तो सफलता प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने लक्ष्य को निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन एवं मेहनत से प्रयास करें। गुरुजनों और पालकों की बातों को गंभीरता से सुनें, लेकिन निर्णय लेते समय अपने तर्क और बुद्धि का भी प्रयोग करें। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी ‘थिंकिंग प्रोसेस’ को हमेशा सक्रिय रखने की सलाह दी। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने राज्यपाल से उनके जीवन, करियर और सार्वजनिक जीवन से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सहजता से उत्तर देते हुए उन्हें अपने संवैधानिक पद के दायित्वों की जानकारी दी तथा अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा के अनुभव भी साझा किए। सैनिक स्कूल के विद्यार्थियों को लोक भवन का भ्रमण भी कराया गया। इस अवसर पर सैनिक स्कूल अंबिकापुर के शिक्षकगण भी उपस्थित थे।

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भवानी रामलाल साव धर्मादा ट्रस्ट ने 30 प्रतिभाशाली छात्राओं को दी छात्रवृत्ति https://thefourthmirror.com/2026/09/11/bhawani-ramlal-sao-dharmada-trust-awarded-scholarships-to-30-talented-female-students/ https://thefourthmirror.com/2026/09/11/bhawani-ramlal-sao-dharmada-trust-awarded-scholarships-to-30-talented-female-students/#respond Fri, 11 Sep 2026 15:15:47 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=66511 मुंगेली।  रम्भा बाई रामलाल साव शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुंगेली में भवानी रामलाल साव...

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मुंगेली।

 रम्भा बाई रामलाल साव शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुंगेली में भवानी रामलाल साव धर्मादा ट्रस्ट द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। एक गरिमामय कार्यक्रम में हायर सेकेंडरी कक्षाओं की 30 छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भवानी रामलाल साव धर्मादा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विनय गुप्ता ने कहा कि बेटियां सम्मान और गौरव का प्रतीक हैं। आज बेटियां शिक्षा, समाजसेवा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। आर्थिक अभाव के कारण किसी प्रतिभाशाली बेटी की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए समाज और संस्थाओं को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। ट्रस्ट इसी भावना के साथ जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निरंतर सहयोग प्रदान कर रहा है।

विद्यालय के प्राचार्य कृष्णकुमार नवरंग ने बताया कि भवानी रामलाल साव धर्मादा ट्रस्ट द्वारा विद्यालय के आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक वर्ष लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस वर्ष हायर सेकेंडरी की 30 छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिला।उन्होंने बताया कि विद्यालय के निर्माण में ट्रस्ट द्वारा भूमि एवं दान के माध्यम से महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया है। ट्रस्ट द्वारा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को मिष्ठान भी वितरित किया जाता है। वर्तमान में ट्रस्ट के सहयोग से विद्यालय के मुख्य द्वार एवं सीढ़ी निर्माण का कार्य भी प्रगतिरत है।प्राचार्य ने ट्रस्ट के इस निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सक्षम लोगों एवं संस्थाओं द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किया गया सहयोग विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम का संचालन संजय सोनी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ ब्याख्याता श्रीमती विभा साहू ,एम कुर्रे, जया शुक्ला ,दिलीप काठले ,चन्द्र कुमार महिलांग ,नोहर चन्द्र वंसी ,कुमार सिंग ध्रुव ,डेनियल दयाल ,सरिता जोशी पूर्णिमा तम्बोली ,शेखर शर्मा ,अंजू साहू रोशन ध्रुव ,हुलेश ठाकुर सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्राएं एवं ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी तिहारी प्रसाद चंद्रवंशी उपस्थित रहे।

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