छत्तीसगढ़ - https://thefourthmirror.com Thu, 30 Jul 2026 16:05:19 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://thefourthmirror.com/wp-content/uploads/2022/10/cropped-IMG_20221028_135824-32x32.jpg छत्तीसगढ़ - https://thefourthmirror.com 32 32 मत्स्य पालन के माध्यम से आत्मनिर्भर गांवों की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ https://thefourthmirror.com/2026/07/30/chhattisgarh-moving-towards-self-reliant-villages-through-fisheries/ https://thefourthmirror.com/2026/07/30/chhattisgarh-moving-towards-self-reliant-villages-through-fisheries/#respond Thu, 30 Jul 2026 16:05:19 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65870 रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, आजीविका के...

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रायपुर ।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, आजीविका के नए अवसर सृजित करने तथा किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश में विभिन्न नवाचार आधारित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान और जिला प्रशासन गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के संयुक्त प्रयासों से विकासखंड पेंड्रा के ग्राम पंचायत अमारू को इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) के अंतर्गत मत्स्य उत्पादन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और मत्स्य आधारित उद्यमिता को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है।

कलेक्टर  विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  मुकेश रावटे के निर्देशन में अमारू स्थित तालाब में लगभग 10 से 12 हजार मत्स्य स्पॉन का संचयन किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का उत्पादन सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को लाभकारी एवं टिकाऊ आजीविका के रूप में विकसित करना है।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से संचालित यह नवाचार स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ ग्रामीणों को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रहा है। मत्स्य स्पॉन के विकसित होकर फिंगरलिंग बनने के बाद इन्हें इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर से जुड़े मत्स्य पालन उद्यमियों, महिला स्व-सहायता समूहों एवं अन्य हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता बढ़ेगी, उत्पादन लागत में कमी आएगी तथा मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

यह पहल केवल मत्स्य पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बहुआयामी स्वरूप प्रदान करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय स्तर पर मत्स्य बीज उत्पादन होने से ग्रामीणों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे, स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक भागीदारी भी मजबूत होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आत्मनिर्भर गांवों की अवधारणा को भी बल मिलेगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य कृषि और उससे जुड़े सहायक व्यवसायों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण परिवारों की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करना है। इसी सोच के अनुरूप इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर मॉडल के माध्यम से कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों को एकीकृत कर ग्रामीण विकास का समग्र मॉडल विकसित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों तथा तकनीकी विशेषज्ञों ने ग्रामीणों, मत्स्य पालकों और हितग्राहियों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन, तालाब प्रबंधन तथा इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के प्रभावी संचालन की विस्तृत जानकारी प्रदान की। अधिकारियों ने बताया कि इस मॉडल से भविष्य में मत्स्य उत्पादन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और अमारू क्षेत्र मत्स्य उत्पादन के एक सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित होगा।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान और जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। स्थानीय संसाधनों पर आधारित यह मॉडल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।

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जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालीन सुचारू संचालन के लिए जल संचय और जल संरक्षण जरूरी – अरुण साव https://thefourthmirror.com/2026/07/30/water-harvesting-and-water-conservation-are-essential-for-the-long-term-smooth-functioning-of-water-supply-schemes-arun-saw/ https://thefourthmirror.com/2026/07/30/water-harvesting-and-water-conservation-are-essential-for-the-long-term-smooth-functioning-of-water-supply-schemes-arun-saw/#respond Thu, 30 Jul 2026 15:35:26 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65865 रायपुर ।      उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव आज जल...

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रायपुर । 

 

 

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव आज जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल प्रमाणित गांवों की महिला सरपंचों के लिए ग्रामीण पाइपलाइन जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (RGNGWTRI) में आयोजित कार्यशाला में महिला सरपंचों को संबोधित करते हुए कहा कि जल आपूर्ति की योजनाओं के लंबे समय तक सुचारू संचालन के लिए बारिश के पानी का संचय और जल संरक्षण आवश्यक है। यह भूजल को रिचार्ज करने के साथ ही दीर्घ काल तक जल स्रोतों में जल की उपलब्धता बनाए रखेगा। उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यशाला में सरपंचों से गांवों में हर घर नल से जल पहुंचने के बाद ग्रामीणों, खासकर महिलाओं के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। उन्होंने नल जल योजनाओं के संचालन-संधारण के लिए पंचायतों द्वारा की गई व्यवस्था के बारे में पूछा। उन्होंने गांवों में जलस्रोतों, जल की गुणवत्ता के नियमित परीक्षण तथा रखरखाव शुल्क की भी जानकारी ली। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा यूनिसेफ और एसीई (Action for Community Development) संस्था के सहयोग से इस एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें करीब 100 महिला सरपंच शामिल हुईं।

 

कार्यशाला में हर घर जल प्रमाणित गांवों में नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण और मरम्मत पर व्यापक विचार-विमर्श और बेस्ट प्रेक्टिसेस पर गहन चर्चा की गई। महिला सरपंचों ने इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत अपनी-अपनी पंचायतों में जल आपूर्ति की व्यवस्था तथा नल जल योजना के संचालन-संधारण के अनुभव साझा किए। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने महिला सरपंचों को नल जल योजनाओं के सफल, निर्बाध और दीर्घकालीन संचालन के गुर बताए।उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कार्यशाला में कहा कि जल आपूर्ति के लिए उपयोग हो रहे जल स्रोतों की देखभाल और सावधानीपूर्वक उपयोग जरूरी है। इसके टिकाऊपन (Sustainability) पर ही योजना की दीर्घकालीन सफलता निर्भर है। उन्होंने कहा कि नल जल योजनाओं के काम पूर्ण होने तथा पंचायतों को इसके हस्तांतरण के बाद इसका संचालन व संधारण ग्राम पंचायतों को करना है। जल जीवन मिशन हमारे घर और हमारे गांव के लिए योजना है। ग्राम पंचायतों को गांववालों के साथ मिलकर जल आपूर्ति की व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है। श्री साव ने जल स्तर बनाए रखने तथा भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने स्टॉपडैम बनाने और बारिश के पानी को संग्रहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव के अवरोधों व अतिक्रमणों को हटाकर तालाबों को अच्छे से भरने की व्यवस्था सभी गांवों को करना चाहिए।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव   मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान की निदेशक  रूबी मुखर्जी और यूनिसेफ की जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ   श्वेता पटनायक ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता  के.के. मरकाम और अधीक्षण अभियंता  समीर गौड़ भी कार्यशाला में मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली तक बनेगी 4.89 करोड़ रुपये की सड़क https://thefourthmirror.com/2026/07/30/major-gift-from-chief-minister-vishnu-deo-sai-road-worth-%e2%82%b94-89-crore-to-be-constructed-from-bangaon-ashram-chowk-to-mudatoli/ https://thefourthmirror.com/2026/07/30/major-gift-from-chief-minister-vishnu-deo-sai-road-worth-%e2%82%b94-89-crore-to-be-constructed-from-bangaon-ashram-chowk-to-mudatoli/#respond Thu, 30 Jul 2026 15:24:45 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65862 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में ग्रामीण अधोसंरचना विकास को लगातार...

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रायपुर।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में ग्रामीण अधोसंरचना विकास को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में जिले के बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 4 करोड़ 89 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस सड़क का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।यह सड़क लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांगों में शामिल थी। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क निर्माण से वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान होगा।

नई सड़क बनने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। विशेष रूप से बारिश के मौसम में ग्रामीणों को होने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी और गांवों की जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों तक पहुंच अधिक सुगम हो सकेगी।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क संपर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत सड़क परियोजनाएं न केवल आवागमन को सुगम बना रही हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई मजबूती प्रदान कर रही हैं। बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली सड़क निर्माण की यह स्वीकृति क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

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बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का हुआ विशेष सम्मान https://thefourthmirror.com/2026/07/30/special-honors-accorded-to-bastar-pandum-2026-winners-and-tribal-representatives/ https://thefourthmirror.com/2026/07/30/special-honors-accorded-to-bastar-pandum-2026-winners-and-tribal-representatives/#respond Thu, 30 Jul 2026 15:14:26 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65859 रायपुर । बस्तर की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और सामाजिक नेतृत्व की गौरवशाली विरासत ने आज...

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रायपुर ।

बस्तर की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और सामाजिक नेतृत्व की गौरवशाली विरासत ने आज राष्ट्रपति भवन में इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन में आत्मीय स्वागत किया गया।इस अवसर पर राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया। भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा में अत्यंत दुर्लभ और आत्मीय दृश्य तब देखने को मिला, जब राष्ट्रपति ने स्वयं सभी अतिथियों को भोजन परोसकर उनका सम्मान किया। राष्ट्रपति की इस सहज आत्मीयता ने पूरे प्रतिनिधिमंडल को भावविभोर कर दिया।प्रतिनिधिमंडल में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, बस्तर के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व के प्रतिनिधि, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार, पद्मश्री सम्मानित विभूतियाँ, जनप्रतिनिधि तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से आत्मीय संवाद करते हुए बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोककला, पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, मांझी-चालकी प्रणाली तथा बस्तर पंडुम के आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कलाकारों और जनजातीय प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत भारत की अमूल्य धरोहर है और उसका संरक्षण पूरे देश का दायित्व है।

राष्ट्रपति ने जताई बस्तर आने की इच्छा

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के आग्रह पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भविष्य में बस्तर दशहरा एवं बस्तर पंडुम में सम्मिलित होने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा उनके हृदय को विशेष रूप से स्पर्श करता है। राष्ट्रपति ने भगवान जगन्नाथ की काष्ठ निर्मित प्रतिमा तथा बस्तर दशहरा की अद्वितीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका बस्तर दशहरा से विशेष आत्मीय संबंध रहा है।राष्ट्रपति ने कहा कि मांझी उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके पिता भी मांझी थे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था सामाजिक एकता, सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक संरक्षण की सशक्त आधारशिला है।

बस्तर पंडुम ने संस्कृति को दिलाई नई पहचान

राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि बस्तर पंडुम  छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने बस्तर की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करते हैं। राष्ट्रपति  मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के कलाकार, शिल्पकार और युवा अपनी सांस्कृतिक अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

बस्तर विकास और शांति की नई पहचान बन रहा है

राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार के सतत प्रयासों और स्थानीय जनभागीदारी के परिणामस्वरूप बस्तर आज शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर में आया यह सकारात्मक परिवर्तन पूरे देश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है।उन्होंने मांझी एवं चालकी की भूमिका की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि वे समाज और प्रशासन के बीच प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करते हुए सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

पहली बार राष्ट्रपति भवन में दिखा बस्तर का ऐसा वैभव – केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह

इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने कहा कि वे अनेक अवसरों पर राष्ट्रपति भवन आए हैं, किंतु पहली बार उन्होंने राष्ट्रपति भवन में बस्तर की पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल को एक साथ देखा है। उन्होंने कहा कि यह दृश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय गौरव का अद्भुत प्रतीक है।

मुख्यमंत्री बोले – यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से बस्तर के प्रतिनिधिमंडल की यह आत्मीय भेंट पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएँ और सांस्कृतिक विरासत देश के सर्वोच्च संवैधानिक मंच पर सम्मानित हुई हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर आज शांति, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है तथा स्थानीय कलाकारों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को नया मंच प्रदान किया है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज और उसकी संस्कृति से गहरा आत्मीय जुड़ाव है। उनके अनुभव, स्नेह और मार्गदर्शन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई दिशा मिलेगी।मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि उनके आगमन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलेगी तथा जनजातीय समाज का उत्साह और बढ़ेगा।प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन का भ्रमण भी किया तथा भारत की लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक विरासत से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत हुआ।

राष्ट्रपति को भेंट की गई बस्तर की 300 वर्ष पुरानी ‘झिटकू-मिटकी’ की अनुपम कलाकृति

मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा ‘झिटकू-मिटकी’ पर आधारित विशेष कलाकृति स्मृति-चिह्न स्वरूप भेंट की। यह कलाकृति बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्रेम, समर्पण, लोकआस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है।लोकमान्यता के अनुसार कठिन अकाल के समय झिटकू और मिटकी ने अपने प्रेम, त्याग और समर्पण की ऐसी अमिट मिसाल प्रस्तुत की कि उन्हें देवतुल्य सम्मान प्राप्त हुआ। आज भी बस्तर अंचल में झिटकू को ‘खोड़िया राजा’ तथा मिटकी को ‘गप्पा देई’ के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत, विशेष सचिव  रजत बंसल, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बस्तर संभाग के आयुक्त  डोमन सिंह, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक  संजय कन्नौजे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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महानदी विवाद नहीं, छत्तीसगढ़-ओडिशा की साझा समृद्धि का आधार बने : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय https://thefourthmirror.com/2026/07/30/the-mahanadi-issue-should-become-a-foundation-for-the-shared-prosperity-of-chhattisgarh-and-odisha-not-a-source-of-dispute-chief-minister-vishnu-deo-sai/ https://thefourthmirror.com/2026/07/30/the-mahanadi-issue-should-become-a-foundation-for-the-shared-prosperity-of-chhattisgarh-and-odisha-not-a-source-of-dispute-chief-minister-vishnu-deo-sai/#respond Thu, 30 Jul 2026 14:59:37 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65856 रायपुर। महानदी जल बंटवारे से जुड़े विषयों के सौहार्दपूर्ण एवं स्थायी समाधान की दिशा में...

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रायपुर।

महानदी जल बंटवारे से जुड़े विषयों के सौहार्दपूर्ण एवं स्थायी समाधान की दिशा में आज नई दिल्ली स्थित श्रमशक्ति भवन में एक महत्वपूर्ण पहल हुई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सीआर पाटिल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच महानदी जल विवाद के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया।बैठक में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों की साझा जीवनरेखा है। इसका जल किसानों की आजीविका, पेयजल व्यवस्था, औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस बैठक को किसी विवाद की निरंतरता नहीं, बल्कि समाधान की नई शुरुआत के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच संवाद और सहयोग का जो वातावरण बना है, वह भविष्य में स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान का मजबूत आधार बनेगा।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ओडिशा की सिंचाई, पेयजल तथा हीराकुंड परियोजना से जुड़ी आवश्यकताओं का पूरा सम्मान करती है। उसी प्रकार छत्तीसगढ़ के किसानों, आदिवासी अंचलों, सूखा प्रभावित क्षेत्रों तथा राज्य की भविष्य की विकास आवश्यकताओं को भी समान संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के हित एक-दूसरे के विरोध में नहीं, बल्कि परस्पर पूरक हैं और समाधान भी ऐसा होना चाहिए जिससे किसी भी पक्ष के हित प्रभावित न हों।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दोनों राज्यों के विशेषज्ञ उपलब्ध जल की मात्रा तथा उससे जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का वैज्ञानिक अध्ययन कर चुके हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि इन तकनीकी निष्कर्षों के आधार पर भविष्य उन्मुख एवं व्यवहारिक व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि कम वर्षा वाले सालों के लिए साझा जल प्रबंधन प्रणाली तैयार की जाए, जिससे किसी भी राज्य को कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक स्थायी संस्थागत तंत्र विकसित किया जाए, जो समय-समय पर जल उपलब्धता, उपयोग और आवश्यकताओं की समीक्षा करता रहे।

मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि प्रशासनिक एवं तकनीकी स्तर पर अधिकतम विषयों का समाधान आपसी समन्वय से किया जाए तथा केवल नीतिगत महत्व के विषयों को ही मंत्रिस्तरीय स्तर पर विचार के लिए लाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी।मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल तथा केंद्रीय जल आयोग से अनुरोध किया कि वे निष्पक्ष तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने, समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने तथा दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक सहमति आधारित समझौते का प्रारूप तैयार कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सकारात्मक पहल दोनों राज्यों के बीच विश्वास को और मजबूत करेगी तथा समाधान की प्रक्रिया को गति मिलेगी।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारी संघवाद और राज्यों के बीच समन्वय की भावना ने वर्षों से लंबित जटिल विषयों के समाधान के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में दोनों राज्य मिलकर ऐसा समाधान विकसित करेंगे, जिससे किसानों, नागरिकों, उद्योगों, पर्यावरण तथा भावी पीढ़ियों का जल भविष्य सुरक्षित और समृद्ध बने।बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव   सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा ओडिशा सरकार के मुख्य सचिव एवं जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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सेवा सेतु ने आसान की सरकारी सेवा, तीन दिन में मिला आय प्रमाण पत्र https://thefourthmirror.com/2026/07/29/seva-setu-made-government-services-easy-income-certificate-received-in-three-days/ https://thefourthmirror.com/2026/07/29/seva-setu-made-government-services-easy-income-certificate-received-in-three-days/#respond Wed, 29 Jul 2026 14:57:14 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65850 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नागरिकों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के...

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रायपुर।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नागरिकों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया सेवा सेतु पोर्टल आम लोगों के लिए सुविधाजनक साबित हो रहा है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड मनेंद्रगढ़ अंतर्गत ग्राम चनवारीडांड निवासी अनूप चंद सोनवानी को अपनी पुत्री लक्ष्मी का आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने पर महज तीन दिनों में प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।

अनूप चंद सोनवानी ने 19 जुलाई 2026 को अपनी पुत्री लक्ष्मी के आय प्रमाण पत्र के लिए सेवा सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए 22 जुलाई 2026 को आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। निर्धारित समय-सीमा में प्रमाण पत्र मिलने से अनूप चंद सोनवानी को अपनी पुत्री से संबंधित आवश्यक कार्य समय पर पूरा करने में सुविधा हुई।

कार्यालयों के चक्कर से मिली राहत
हितग्राही अनूप चंद सोनवानी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले आय प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए कई बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे लोगों को समय और श्रम दोनों खर्च करने पड़ते थे। वहीं सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने से प्रक्रिया काफी सरल और सुविधाजनक हो गई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था के कारण आवेदन के लिए अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ी और निर्धारित समय में प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे न केवल समय की बचत हुई, बल्कि शासकीय सेवाओं को लेकर पारदर्शिता और सुविधा का भी अनुभव हुआ।

समय और श्रम की बचत से बढ़ा भरोसा
अनूप चंद सोनवानी ने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ अधिक आसानी से मिल रहा है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा से लोगों का समय बच रहा है, कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम हो रहे हैं और निर्धारित समय में सेवाएं मिलने से शासन की व्यवस्थाओं के प्रति आमजन का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।

उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु पोर्टल राज्य सरकार की ऐसी उपयोगी पहल है, जो आम नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, सुलभ और सुविधाजनक बनाने में प्रभावी भूमिका निभा रही है।

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राजनांदगांव जिले में 6,576 किशोरी बालिकाओं को लगा एचपीवी टीका https://thefourthmirror.com/2026/07/29/6576-adolescent-girls-vaccinated-against-hpv-in-rajnandgaon-district/ https://thefourthmirror.com/2026/07/29/6576-adolescent-girls-vaccinated-against-hpv-in-rajnandgaon-district/#respond Wed, 29 Jul 2026 14:52:37 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65847 रायपुर । किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी से...

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रायपुर ।

किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राजनांदगांव जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार जिले में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निरूशुल्क टीका लगाया जा रहा है।

अब तक 6,576 बालिकाओं का हुआ सफल टीकाकरण

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजनांदगांव डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत अब तक जिले की 6,576 किशोरी बालिकाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित एवं चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित है तथा अब तक इसका कोई भी दुष्प्रभाव (साइड इफ़ेक्ट) सामने नहीं आया है।

शेष 4,001 पात्र बालिकाओं को भी लगेगा टीका

अभियान के अंतर्गत प्रथम चरण में टीकाकरण से वंचित रह गईं 4,001 पात्र किशोरी बालिकाओं का भी शीघ्र ही टीकाकरण किया जाएगा। यह सुविधा जिले के उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला चिकित्सालय और शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।

अभिभावकों से अपील

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवरतन ने जिले की सभी पात्र किशोरी बालिकाओं के माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे समय पर अपनी बेटियों का एचपीवी टीकाकरण कराएं और उन्हें सर्वाइकल कैंसर के जोखिम से सुरक्षित रखने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।

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वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से रायपुर के सभी 70 वार्डों में मिलेगा निःशुल्क पौधा https://thefourthmirror.com/2026/07/29/thanks-to-the-initiative-of-forest-minister-kedar-kashyap-free-saplings-will-be-available-in-all-70-wards-of-raipur/ https://thefourthmirror.com/2026/07/29/thanks-to-the-initiative-of-forest-minister-kedar-kashyap-free-saplings-will-be-available-in-all-70-wards-of-raipur/#respond Wed, 29 Jul 2026 14:47:15 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65843 रायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की एक अनूठी पहल है, जिसके जरिए ‘नेचर्स...

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रायपुर ।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की एक अनूठी पहल है, जिसके जरिए ‘नेचर्स एटीएम’ के माध्यम से निःशुल्क पौधा वितरण बांटे जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा करना और हरियाली को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की परिकल्पना ‘हरियर छत्तीसगढ़’ और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप की पहल पर रायपुर शहर के सभी 70 वार्डों में ‘नेचर्स एटीएम’ के माध्यम से निःशुल्क पौधा वितरण अभियान शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना और अधिक से अधिक लोगों को अपनी माँ के नाम पर एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करना है।

हर वार्ड तक पहुँचेगा चलित पौधा वितरण वाहन

वन मंत्री  केदार कश्यप ने बुधवार को नया रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास से ‘नेचर्स एटीएम’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रायपुर वनमंडल द्वारा शुरू किए गए इस चलित पौधा वितरण वाहन के माध्यम से शहर के सभी 70 वार्डों में नागरिकों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान का संचालन प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  अरुण कुमार पांडे के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

फलदार, छायादार और ऑक्सीजन देने वाले पौधे मिलेंगे

‘नेचर्स एटीएम’ के माध्यम से फलदार, छायादार और अधिक ऑक्सीजन देने वाली विभिन्न प्रजातियों के पौधे वितरित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण कराना नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण और उनके प्रति सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।

हरित और स्वच्छ रायपुर बनाने की पहल

वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि पेड़-पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर हैं। माँ के सम्मान में लगाया गया एक पौधा मातृसम्मान और प्रकृति संरक्षण दोनों का प्रतीक है। ‘नेचर्स एटीएम’ जैसी पहल से हरियाली आम लोगों तक पहुँचेगी और रायपुर को अधिक हरित, स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाने में मदद मिलेगी।

नागरिकों से अभियान से जुड़ने की अपील

कार्यक्रम में वन विभाग और रायपुर वनमंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ‘नेचर्स एटीएम’ से निःशुल्क पौधे प्राप्त करें, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ें और हरियर छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ।

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धरती का श्रृंगार हैं वृक्ष, प्रत्येक व्यक्ति पौधरोपण का संकल्प ले : अरुण साव https://thefourthmirror.com/2026/07/29/trees-are-the-beauty-of-the-earth-every-person-should-take-a-pledge-to-plant-trees-arun-saw/ https://thefourthmirror.com/2026/07/29/trees-are-the-beauty-of-the-earth-every-person-should-take-a-pledge-to-plant-trees-arun-saw/#respond Wed, 29 Jul 2026 14:39:16 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65839 रायपुर ।   वृक्ष धरती का श्रृंगार ही नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल संरक्षण,...

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रायपुर ।  

वृक्ष धरती का श्रृंगार ही नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधरोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज गुरु पूर्णिमा एवं अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा बिलासपुर के पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित वन महोत्सव में ये बातें कही। उन्होंने इस अवसर पर ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। श्री साव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने वन विभाग के ‘‘पौधा तुंहर दुवार’’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण भी किया।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शिक्षा के मंदिर में वृक्षारोपण होना अत्यंत सुखद एवं प्रेरणादायी है। गुरु त्याग, समर्पण और ज्ञान के प्रतीक होते हैं। आज का दिन गुरुओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर है। आज अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस भी है, जो हमें वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के महत्व की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मानव शरीर अनेक अंगों से मिलकर बना है, उसी प्रकार पृथ्वी पर जीवन के संतुलन के लिए वृक्ष अत्यंत आवश्यक हैं। जल संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और धरती को जीवनदायी बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान का प्रतीक है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का दायित्व भी निभाना चाहिए।

विधायक  धरमलाल कौशिक ने वन महोत्सव में कहा कि वन मानव जीवन और प्रकृति के संतुलन का आधार हैं। वनों की अंधाधुंध कटाई के दुष्परिणाम आज सामने आ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन एवं अन्य विशेष अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। सीसीएफ  मनोज पांडे ने वन महोत्सव का महत्व बताते हुए कहा कि वर्ष 1950 से प्रारंभ हुआ यह अभियान आज भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम बना हुआ है।

विधायक  दिलीप लहरिया, महापौर  पूजा विधानी, बिलासपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, बिल्हा जनपद पंचायत के अध्यक्ष  रामकुमार कौशिक, कुलपति डॉ. विरेन्द्र कुमार सारस्वत, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, वनमंडलाधिकारी  नीरज कुमार,  मोहित जायसवाल और  राजेश सिंह ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

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गुरु पूर्णिमा पर कोसमनारा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सत्यनारायण बाबा धाम में की पूजा-अर्चना https://thefourthmirror.com/2026/07/29/chief-minister-vishnu-deo-sai-arrived-in-kosmanara-on-guru-purnima-and-offered-prayers-at-the-satyanarayan-baba-dham/ https://thefourthmirror.com/2026/07/29/chief-minister-vishnu-deo-sai-arrived-in-kosmanara-on-guru-purnima-and-offered-prayers-at-the-satyanarayan-baba-dham/#respond Wed, 29 Jul 2026 14:31:37 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=65836 रायपुर । गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायगढ़ के...

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गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायगढ़ के ग्राम कोसमनारा स्थित प्रसिद्ध   108  सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओपी चौधरी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। गुरुजनों का आशीर्वाद जीवन को सही दिशा देने के साथ आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कोसमनारा स्थित  सत्यनारायण बाबा धाम लोगों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा श्रद्धालुओं को आत्मबल और शांति प्रदान करती है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इस पवित्र धाम में आकर पूजा-अर्चना करना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। इस अवसर पर नगर निगम महापौर  जीवर्धन चौहान सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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