admin - https://thefourthmirror.com Sat, 03 Jan 2026 15:05:05 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9 https://thefourthmirror.com/wp-content/uploads/2022/10/cropped-IMG_20221028_135824-32x32.jpg admin - https://thefourthmirror.com 32 32 प्रागैतिहासिक छेरछेरा उत्सव और परंपरा https://thefourthmirror.com/2026/01/03/chherchhera-parv/ https://thefourthmirror.com/2026/01/03/chherchhera-parv/#respond Sat, 03 Jan 2026 15:04:28 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=62774 रायपुर/ छेरछेरा छत्तीसगढ़ का ऐसा त्यौहार जिसे दान की महत्ता से जोड़कर देखा जाता है।...

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रायपुर/

छेरछेरा छत्तीसगढ़ का ऐसा त्यौहार जिसे दान की महत्ता से जोड़कर देखा जाता है। छत्तीसगढ़ की त्योहारों को समझने वाले छेरछेरा की महत्ता बहुत अच्छे से जानते हैं। यह त्यौहार हमारी संस्कृति और अनादि काल की वह व्यावसायिक एवं व्यवहारिक विरासत को संभाले हुए हैं। छेरछेरा एक दान की परंपरा से जुड़ा त्यौहार है एवं हक से एक दिन बिना लज्जा एवं शर्म से मांगने का दिन भी, पूरे देश में एक छत्तीसगढ़ ही है जो इस पारंपरिक त्यौहार को मानता है।
छत्तीसगढ़ को समझने के लिए छत्तीसगढ़ की ग्रामीण परिवेश को समझना होगा। छत्तीसगढ़ के गांव में आज भी लोग एक घर से दूसरे घर “चाहे पक्की हुई सब्जी हो या घर की बाड़ी में लगी हुई सब्जी हो” एक दूसरे के घर लेने देने की परंपरा है। ज्यादातर गांव में बोले जाने वाली लाइन “तू हर घर काय साग ये देबे तो” यह हक से मांगने और हक से देने की परंपरा है। छेरछेरा पुन्नी यह पौष मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ के गांव में बच्चे बूढ़े सब छेरछेरा मांगते हैं और मांगते समय एक वाक्य कहते हैं “छेरछेरा माई कोठी के धन ला हेर हेरा” यह वाक्य इसके पीछे की व्यवस्था समझने के लिए पर्याप्त है।
जैसा कि आज हम देखते हैं धान बेचने एवं लेने के लिए संग्रहण केंद्र होता है, सरकार की एवं निजी भी तो यह एक संग्रहण का माध्यम था। पहले गांव के घर मुश्किल से 15-20 घर होते थे। तो वे आसपास के गांव में जाकर धान एवं अनाज मांगते थे, यह सिर्फ एक दिन नहीं होता था कई दिनों तक होता था। वर्तमान समय में भी अभी आप देखेंगे सहकारी मंडी में धान संग्रहण हो रहा है। वैसे ही पहले उतने आधुनिक चीज नहीं थी जैसे धान मिजाई के लिए ट्रैक्टर, थ्रेसर इत्यादि तो पहले गांव में “बेलन और दउरी” से धान मिंजा जाता था। जिसका बढ़होना करके पौष पुन्नी तक घर की कोठी में संग्रहण कर लिया जाता था। फिर अब किसान एवं गांव वाले साथ ही घर में काम करने वाले बनिहार (नौकर), एक गांव से दूसरे गांव छेरछेरा मांगने जाते थे। यह पूर्ण रूपेण भिक्षा मांगना ही था, क्योंकि इस सांसारिक युग में बिना मांगे और दान दिए यह सामाजिक तंत्र नहीं चल सकता। छेरछेरा को अगर हम अपने पुरखों की सामाजिक एवं व्यापारिक व्यवस्था के रूप में देखें तो कोई गलत नहीं होगा, यह प्रथम दृश्य ही प्रतीत होता है कि प्राचीन धान एवं अनाज संग्रहण व्यवस्था थी, क्योंकि पहले छेरछेरा में दान एक सुपा या एक टूकनी धान देकर किया जाता था।
इसलिए इस त्यौहार को धान संग्रहण से जोड़कर देखा जा सकता है, अब सवाल यह भी है की भिक्षा मांगने की व्यवस्था कहां से आई होगी। तो समझ में आता है कि भारत बुद्ध का देश रहा है। और छत्तीसगढ़ की सिरपुर को विश्व के सबसे बड़े एवं महत्वपूर्ण बौद्ध धरोहर स्थलों में से एक माना जाता है। बौद्ध धर्म में बौद्ध भिक्षु होते हैं जो भिक्षा मांगने का कार्य करते हैं बौद्ध धर्म में तीन पिटक होते हैं जिसमें विनय पिटक में भिक्षा मांगने वाले भिक्षु भिक्षुणियों के नियम के बारे में वर्णन है।
इसमें कुछ शब्द है जो छेरछेरा एवं बौद्ध भिक्षा के मूल भाव को जोड़ता है—
पालि साहित्य में लिखा है—-
“दानम देती मनुसनाम”
“अलोभम करुणा सह”
“पुन्नम वदधाति जीवितम”
अर्थात- दान करने से मनुष्य में, आलोभ और करुणा बढ़ती है, और जीवन में पुण्य की वृद्धि होती है।
और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में यही भाव रहती है या यूं कहे यही छेरछेरा की मूल आत्मा है।
क्योंकि विनय पिटक में पौष मास और पूर्णिमा बौद्ध परंपरा में दान के लिए शुभ मानी जाती है खासकर धान कटाई के बाद अन्न दान के लिए। और छत्तीसगढ़ का छेरछेरा भी पौष पूर्णिमा को ही मनाया जाता है और ध्यान देने वाली बात है, विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध धरोहर छत्तीसगढ़ के सिरपुर में है, और प्राचीन काल में वहां हजारों की संख्या में बौद्ध भिक्षु रहे होंगे, जो एक साथ पौष पुन्नी में मांगने निकलते रहे हो, और छत्तीसगढ़ के लोग आज भी दान के नाम और पुण्य के लिए खुशी-खुशी दान करते हैं यही बौद्ध काल में भी रहा होगा।
छेरछेरा पुन्नी ही पौष पुन्नी, दोनों की समानता भिक्षा संग्रहण “धान कटाई के बाद” पौष पूर्णिमा को घर-घर से अन्न एकत्र करना, भिक्षुओं / गरीबों को देना।अगर इसे तार्किक दृष्टिकोण से देखें तो यही बौद्ध भिक्षुओं की मांगने की परंपरा छेरछेरा में रूपांतरित हो गई, क्योंकि छत्तीसगढ़ में लोग बड़े उत्साही और अच्छी चीजों को खुले विचारों से खुद में समाहित करने वाले रहे हैं, जैसे कोई पंथ हो या धर्म हो।
देखने में यह भी मिलता है हमारे छत्तीसगढ़ के संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी का ससुराल भी सिरपुर है।
इससे यह तो समझ में आता है कि सतपथ, दया, करुणा, अलोभ ,दान एक ज्ञान के रूप में मिली, जो धीरे-धीरे लोक परंपरा में रूपांतरित हो गई। और सामाजिक भेदभाव उच-नीच, अमीर- गरीब, सब बंधन को तोड़ते हुए एक धागे में पीरो दी और एक त्यौहार के नाम का उदय हुआ जिसे हमने छेरछेरा कहा।
छेरछेरा हमारे व्यवसायिकता वैज्ञानिकता का एक जीवंत उदाहरण है। जिसे आज हम आधुनिक युग 21वीं सदी में ट्रेड कहते हैं, इस ट्रेड या ट्रेडिंग को कई हजारों सालों पहले छेरछेरा कहा गए हैं। गलती उनकी नहीं हमारी है, जो अपने भाषा और धरोहर को हम खुद ही समझ नहीं पाए। जिसे बाकी दुनिया समझ बहुत आगे निकल गई और हमारे पास सांकेतिक त्योहार होते हुए भी हम किसी के अपनाने का इंतजार करते रहे।
छेरछेरा छत्तीसगढ़ की व्यापारिक विरासत है, और प्राचीन धान संग्रहण का मुख्य माध्यम, एवं इसका एक पहलू अकाल के समय अनाज आपूर्ति भी देखी जा सकती है, साथ ही दान की महत्ता का सबसे बड़ा उदाहरण जो आज भी बिना अमीर गरीब और निश्छलता एवं सच्चे भाव से दान देने के लिए प्रेरित करती है, जिसे आज भी एक पूरे छत्तीसगढ़ में मनाते हैं।

*लेखक*
*डॉ गुलशन कुमार सिन्हा*
*(Dr36Gadhiya)*
संपर्क नंबर -7000948815

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कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों हेतु समसामयिक सलाह जारी https://thefourthmirror.com/2025/07/13/agricultural-university-issues-timely-advice-for-farmers/ https://thefourthmirror.com/2025/07/13/agricultural-university-issues-timely-advice-for-farmers/#respond Sun, 13 Jul 2025 12:53:39 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=59873 रायपुर 11 जुलाई, 2025। प्रदेश भर  में हो रही वर्षा को ध्यान में रखते हुए...

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रायपुर 11 जुलाई, 2025। प्रदेश भर  में हो रही वर्षा को ध्यान में रखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा किसानों को विभिन्न फसलों के प्रबंधन हेतु समसामयिक सलाह जारी की गई है। कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान सेवाएं द्वारा जारी समसामयिक सलाह के अनुसार टमाटर की खड़ी फसल की पत्तियों या तनों पर भूरे या काले रंग के धब्बे या झुलसन दिखने पर रिडोमिल एम जेड 72% डब्ल्यू पी (मेटालेक्सिल+मेन्कोजेब) या अन्य समान फफूंदनाशक का 2 ग्राम/लीटर पानी की दर से खुले मौसम में छिड़काव करें सब्जियों की पौधशाला में जमीन की सतह से 6 इंच ऊची क्यारीयां बनायें। क्यारियों के दोनों ओर नाली बनाकर जल-निकासी का प्रबन्ध करें। सब्जियों की पौधशाला में क्यारियों का भूमि उपचार केप्टान 50% डब्ल्यू पी या एलियेट 80% डब्ल्यू पी या रिडोमिल या अन्य समान फफूंदनाशक द्वारा 2.5 ग्राम/लीटर पानी की दर से फ्लेट फेन (कट नोजल) नोजल का उपयोग कर छिड़काव करें। जिससे पूरी क्यारी घोल से तर हो जावे। भूमि उपचार के 3-5 दिन बाद सब्जियों के बीजों को रिडोमिल (1 ग्रा./प्रति किलो बीज) या अन्य समान फफूंदनाशक से उपचारित कर बोयें।

सब्जियों की पौधशाला में छोटी-छोटी पौध (Seedlings) को आर्द्रगलन (Damping off) रोग से बचाने हेतु क्यारियों से पानी निकास का प्रबन्ध करें तथा एलियेट 80 डब्ल्यू पी/रिडोमिल अन्य समान फफूंदनाशक का 2.0 ग्राम/लीटर पानी की दर के से पौध के भूमि से लगे तनों पर छिड़काव करें। कद्दूवर्गीय सब्जियों की पत्तियों पर धब्बे या अंगमारी रोग लक्षण दिखने पर सॉफ सुपर (मेन्कोजेब 63%+ कार्बेन्डाजिम 12% डब्ल्यू पी) अथवा कवच (क्लोरोथेलोनिल 75% डब्ल्यू पी) या अन्य समान फफूंदनाशक का 2.0 ग्राम/लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। अरहर के पौधों को तना अंगमारी (Stem Blight) से बचाने हेतु एंट्राकोल (प्रोपीनेब 70%डब्ल्यू पी) या एलियेट (फोसेटाइल एल 80% डब्ल्यू पी) या अन्य समान फफूंदनाशक का 2.5 ग्राम/लीटर पानी की दर से पौधों के भूमि से लगे तनों पर छिड़काव करें। फलदार वृक्षो की सूखी, रोगग्रसित तथा अन्य अतिरिक्त टहनियां को काटने के पश्चात् कटे हुए स्थान पर आवश्यक रुप से कापर आक्सीक्लोराइट फफूंदनाशक का पेस्ट बनाकर खुले मौसम में लगा देवें। हल्दी तथा अदरक में मल्चिंग करें तथा पानी निकासी का प्रबंधन करें। पपीता तथा केला रोपण खेतां मे पानी निकासी का प्रबंध करे।

वर्तमान जुलाई माह में जिसमें दलहनी फसल की बुआई हो चुकी है और फसलें वानस्पतिक वृद्वि के अवस्था में है इस अवस्था के कारण चूषक कीट जैसे एफीड़ आदि के आक्रमण की संभावना होती है। इसके नियंत्रण के लिये फिप्रोनिल 80 डब्ल्यू जी की 0.125  ग्राम/लीटर अथवा प्रोफेनाफाँस 50 ई.सी. की 2ण्0 एम.एल./लीटर को 10 दिनो के अन्तराल में दो बार छिड़काव करें। मौसम साफ होने पर ही खाद, उर्वरक या कीटनाशकों का छिड़काव करें। बैंगन एवं भिंड़ी की फसल में फलबेधक कीटों से बचाने हेतु प्रति एकड़ 10 फेरोमेंन टै्रप (ल्यूसी ल्योर 10) लगायें। सब्जी फसलों में मौसम साफ होने पर रस चूषक कीट जैसे-सफेद मक्खी, माहुँ इत्यादि लगने की संभावना है, अतः इन कीटों के नियंत्रण हेतु इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 100 मि.ली. प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।

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ग्राम मेंऊ में मनेगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव कल https://thefourthmirror.com/2025/07/13/guru-purnima-festival-will-be-celebrated-in-village-menu-today/ https://thefourthmirror.com/2025/07/13/guru-purnima-festival-will-be-celebrated-in-village-menu-today/#respond Sun, 13 Jul 2025 12:29:16 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=59866 पामगढ़। ग्राम मेंऊ स्थित संस्कृति महाविद्यालय परिसर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव सोमवार को मनाया जाएगा।...

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पामगढ़। ग्राम मेंऊ स्थित संस्कृति महाविद्यालय परिसर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव सोमवार को मनाया जाएगा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संतों व आचार्य पंडितों की उपस्थिति संपन्न कराया जाएगा। गुरु पूजन के बाद दोपहर 02 बजे से सायं 06 बजे तक संगीत संध्या का कार्यक्रम आयोजित होगा। नाद् ब्रम्ह एवं माँ वीणापाणि की असीम अनुकम्पा से श्री ज्ञान कला सेवा समिति भैंसो (पामगढ़) के तत्वाधान में क्षेत्र के समस्त संगीतानुरागियों की सइच्छा से जांजगीर-चाम्पा के क्षेत्रिय संगिताचार्यो का सम्मान एवं उनके शिष्यों को आशीर्वाद प्राप्ति हेतु संगीत संध्या एवं सम्मान समारोह आयोजित है।
इस अवसर प्रमुख रुप से दर्शन व आर्शीवाद वचन देने के लिए महंत कुटी आश्रम से संत सीताराम महाराज, मारुती धाम मेंहदी संत लखन लाल महाराज व संगीताचार्य वेदराम यादव (चांपा) से पधारेंगे।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में विशेष अभ्यागत के रुप में जिलाध्यक्ष भा.ज.पा. जांजगीर-चांपा व पूर्व विधायक अंबेश जांगड़े, भा.ज.पा. अध्यक्ष मण्डल कोड़ाभाट शिवेन्द्र प्रताप सिंह, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता सत्यनारायण शर्मा, सरपंच ग्राम पंचायत मेंऊ भागवत प्रसाद टण्डन व संचालक संस्कृति महाविद्यालय विमलेश पाण्डेय शामिल होंगे।
संगीत संध्या एवं सम्मान समारोह में विष्णु प्रसाद निर्णेजक (गायन), दिलीप पटेल (गायन), अश्वनी कुमार श्रीवास (गायन), शत्रुहन लाल यादव (गायन), आदित्य नारायण पाण्डेय (गायन) सहित नवोदित कलाकारों कु. आर्या शर्मा, कु. तृप्ति यादव, श्री आयुष शर्मा, श्रीमती सुलेखा आदित्य, कु. जानकी कैवर्तय, जयकुमार कैवत्य (गायन) चिरंजीवी यादव, श्रीकांत देवांगन (वादन) प्रस्तुति देंगे।

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जन सामान्य को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करें : प्रभारी सचिव कंगाले https://thefourthmirror.com/2025/07/04/benefit-the-general-public-from-government-schemes-secretary-in-charge-kangale/ https://thefourthmirror.com/2025/07/04/benefit-the-general-public-from-government-schemes-secretary-in-charge-kangale/#respond Fri, 04 Jul 2025 17:07:33 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=59672 रायपुर, 04 जुलाई 2025/ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव एवं बलरामपुर-रामानुजगंज...

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रायपुर, 04 जुलाई 2025/ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव एवं बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में आज संयुक्त जिला कार्यालय भवन परिसर में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में प्रभारी सचिव श्रीमती कंगाले ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक नागरिकों को लाभान्वित किया जाना चाहिए। उन्होंने जिले में ईको-टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए इस दिशा में एक समग्र एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रभारी सचिव ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए अविवादित, विवादित नामांतरण, सीमांकन, त्रुटि सुधार सहित लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र उत्थान हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि इन समुदायों को शासन की मुख्यधारा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में उन्होंने निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने तथा लक्ष्यानुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मनरेगा अंतर्गत संचालित गतिविधियों एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्राप्त उपलब्धियों की भी जानकारी ली गई।

बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने पूर्व पंजीकृत कृषकों का अद्यतन पंजीयन भारत सरकार के निर्देशानुसार पूर्ण कराने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए तथा शिक्षकों को समय-समय पर आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि परीक्षा परिणामों में निरंतर सुधार हो सके। बैठक में जल जीवन मिशन, खाद-बीज आपूर्ति, सौर सुजला योजना, उद्योग विभाग की योजनाएं, स्वच्छ भारत मिशन, रेशम विभाग की गतिविधियों तथा रोजगार सृजन कार्यक्रमों की भी गहन समीक्षा की गई।

बैठक में कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा ने जिले की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों, सामाजिक-आर्थिक संरचना, स्थानीय चुनौतियों एवं प्रशासनिक प्रयासों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव रमनलाल ने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु किए गए प्रयासों से अवगत कराया। वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक कुमार बाजपेयी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के अंतर्गत किए जा रहे पौधारोपण कार्यों की जानकारी दी तथा बताया कि पर्यावरण संरक्षण हेतु जनभागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने हाथियों द्वारा प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा वितरण एवं ईको-टूरिज्म विकास की दिशा में उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।

बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर श्री आर.एस. लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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राज्यपाल डेका ने ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान के अंतर्गत नीम का पौधा रोपित किया https://thefourthmirror.com/2025/07/04/governor-deka-planted-a-neem-tree-under-the-campaign-one-tree-in-the-name-of-mother/ https://thefourthmirror.com/2025/07/04/governor-deka-planted-a-neem-tree-under-the-campaign-one-tree-in-the-name-of-mother/#respond Fri, 04 Jul 2025 16:58:07 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=59665 रायपुर, 04 जुलाई 2025 /cराज्यपाल श्री रमेन डेका आज पिथौरा विकासखंड अंतर्गत गोड़बहल पहुंचे। इस...

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रायपुर, 04 जुलाई 2025 /cराज्यपाल श्री रमेन डेका आज पिथौरा विकासखंड अंतर्गत गोड़बहल पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, गोड़बहाल परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान के तहत नीम का पौधा रोपित किया। राज्यपाल श्री डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के उद्देश्य से इस पौधरोपण कार्यक्रम में सहभागिता दी गई। इस दौरान उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं जनसमुदाय को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

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राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र https://thefourthmirror.com/2025/07/04/governor-ramen-deka-gave-success-mantras-to-the-students/ https://thefourthmirror.com/2025/07/04/governor-ramen-deka-gave-success-mantras-to-the-students/#respond Fri, 04 Jul 2025 16:54:01 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=59660 रायपुर, 04 जुलाई 2025/राज्यपाल श्री रमेन डेका आज महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम...

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रायपुर, 04 जुलाई 2025/राज्यपाल श्री रमेन डेका आज महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम गोडबहल के  शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे। यहां वे अध्यापक की भूमिका में नजर आए और कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन और कड़ी मेहनत का महत्व समझाते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया।

राज्यपाल ने बच्चों को सरल भाषा में सी.वी. रमन इफेक्ट के बारे में जानकारी दी और बताया कि शिक्षा में भाषा कभी भी बाधा नहीं होती। उन्होंने कहा कि स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं है, बल्कि यह बौद्धिक विकास का केंद्र है। बातचीत के दौरान उन्होंने ‘3 इडियट्स’ फिल्म का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से फिल्म के सकारात्मक संदेश को अपनाने की सलाह दी।

राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रमुख बिंदुओं से भी अवगत कराया और कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमताओं के अनुसार सीखने के अवसर प्रदान करती है।

अपने संवाद के दौरान राज्यपाल ने  जानकारी दी कि  टॉपर्स विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कार प्रदान किया जा रहा ।उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

इस आत्मीय संवाद में कक्षा 12वीं की छात्रा कु. दिव्या ने राज्यपाल से अपने लक्ष्य साझा करते हुए कहा कि वह यूपीएससी परीक्षा के माध्यम से आईएएस बनना चाहती हैं। राज्यपाल श्री डेका ने उन्हें यूपीएससी की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए और धैर्य तथा कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इसी तरह विद्या राजपूत ने भी यूपीएससी की तैयारी हेतु मार्गदर्शन प्राप्त किया, जिन्हें भी राज्यपाल ने विशेष टिप्स और हौसला प्रदान किया।

संवाद के दौरान  कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह मौजूद रहे।

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“राज्यपाल रमेन डेका ने पिथौरा के गोड़बहाल में ली अधिकारियों की बैठक” https://thefourthmirror.com/2025/07/04/governor-ramen-deka-held-a-meeting-of-officials-in-godbhal-of-pithora/ https://thefourthmirror.com/2025/07/04/governor-ramen-deka-held-a-meeting-of-officials-in-godbhal-of-pithora/#respond Fri, 04 Jul 2025 16:50:37 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=59655  रायपुर, 04 जुलाई 2025/महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने महासमुंद जिले के प्रवास के...

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 रायपुर, 04 जुलाई 2025/महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने महासमुंद जिले के प्रवास के दौरान आज विकासखंड  पिथौरा के ग्राम गोड़बहाल में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर पिथौरा में आकांक्षी विकासखंड के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी की। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, कौशल विकास, वित्तीय समावेश एवं बुनियादी ढांचे में सुधार को लेकर विभागीय प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी लेते हुए  सभी विभागों को निर्देशित किया कि आकांक्षी विकासखंड के सभी संकेतकों को 90 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी विभाग समन्वित प्रयास करें।

राज्यपाल श्री डेका ने जल संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में जल संचयन के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने डबरी निर्माण, शोख पिट (सोखता गड्ढा), इंटक वेल जैसे संरचनात्मक कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि वर्षा जल का अधिक से अधिक संग्रहण और भू-जल स्तर में सुधार हो सके।

राज्यपाल ने पशुपालन को ग्रामीण आजीविका का सशक्त माध्यम बताते हुए इसे बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन से न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि यह पोषण सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्थानीय प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। इससे स्थानीय स्व-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सड़क सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी पहल की जाए और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जाए। उन्होंने हेलमेट और यातायात नियमों के प्रति सतत् जागरूकता लाने के निर्देश भी दिए।

राज्यपाल श्री डेका ने महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समूहों की आर्थिक गतिविधियों का और विस्तार किया जाए। उन्होंने बैंकिंग सुविधाओं को सुदृढ़ और सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूती मिले।

स्वास्थ्य और पोषण को लेकर उन्होंने कुपोषित बच्चों की पहचान एवं सघन मॉनिटरिंग करने, न्यू बॉर्न केयर यूनिट में भर्ती और पोषण ट्रैकर से निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मितानिन, महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय से डाटा संकलन करने कहा। वार्षिक प्रशिक्षण कैलेण्डर के अनुसार शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण, राज्य एवं जिला स्तर पर विषय-विशेष प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय और सूचकांकों के सतत सुधार की रणनीति पर कार्य करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने अधिकारियों को योजनाओं की जमीनी स्तर पर जांच के लिए मैदानी भ्रमण करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए। एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिशन बताते हुए राज्यपाल ने सभी को पेड़ लगाने और दूसरों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। सभी सरकारी कार्यालयों में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण के निर्देश दिए।

बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास, और अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

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राज्यपाल ने गोड़बहल में महिला स्व-सहायता समूहों से की आत्मीय संवाद https://thefourthmirror.com/2025/07/04/the-governor-had-a-cordial-dialogue-with-women-self-help-groups-in-godbahal/ https://thefourthmirror.com/2025/07/04/the-governor-had-a-cordial-dialogue-with-women-self-help-groups-in-godbahal/#respond Fri, 04 Jul 2025 16:47:19 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=59652 रायपुर, 4 जुलाई 2025/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत...

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रायपुर, 4 जुलाई 2025/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम गोड़बहल प्रवास के दौरान वहां के महिला स्व-सहायता समूहों से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं जो भी व्यवसाय करें, पूरी लगन और गुणवत्ता के साथ करें। आपसी सहयोग बनाए रखें और आंतरिक प्रतिस्पर्धा से बचें।

महिला स्व-सहायता समूह की सद्स्यों ने राज्यपाल को बताया कि उनका समूह दुग्ध उत्पादन का कार्य कर रहा है। जयश्री महिला समूह की सदस्य ने बैग निर्माण के अपने व्यवसाय की जानकारी दी। माधुरी पटेल ने हस्तकला में समूह की दक्षता , गोमती पटेल ने दुग्ध उत्पादन की विस्तृत जानकारी दी।

महिला समूहों की ओर से राज्यपाल को स्मृति चिह्न स्वरूप हस्तशिल्प उत्पाद भेंट किया गया। राज्यपाल ने महिला समूह की कार्यों  की सराहना की और महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह  भी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का किया विमोचन https://thefourthmirror.com/2025/07/04/chief-minister-sai-released-the-poster-of-national-student-environment-competition/ https://thefourthmirror.com/2025/07/04/chief-minister-sai-released-the-poster-of-national-student-environment-competition/#respond Fri, 04 Jul 2025 16:45:07 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=59649 रायपुर 4 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में...

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रायपुर 4 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन किया। यह प्रतियोगिता 1 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक आयोजित की जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य स्वदेशी परंपराओं के पुनरुद्धार पर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता का वातावरण तैयार करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए भावी पीढ़ियों को जागरूक और संवेदनशील बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्कूली और महाविद्यालयीन छात्र इस अभियान में सहभागी होकर न केवल अपनी रचनात्मक क्षमताओं का विकास करेंगे बल्कि पारंपरिक जीवन मूल्यों और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूत करेंगे।

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि संस्थान के प्रतिनिधि श्री अक्षय अलकरी, श्री मनोहर चंदेल, श्री आनंद पांडे और डॉ. अनुज नारद सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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रायपुर में स्थापित होगा अत्याधुनिक बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर https://thefourthmirror.com/2025/07/03/a-state-of-the-art-biotech-incubation-center-will-be-set-up-in-raipur/ https://thefourthmirror.com/2025/07/03/a-state-of-the-art-biotech-incubation-center-will-be-set-up-in-raipur/#respond Thu, 03 Jul 2025 16:23:42 +0000 https://thefourthmirror.com/?p=59631 रायपुर, 3 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य जैव...

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रायपुर, 3 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर अग्रसर हो रहा है। भारत सरकार एवं राज्य शासन के सहयोग से रायपुर में जैव प्रौद्योगिकी पार्क परियोजना की स्थापना की जा रही है। इस परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इस सेंटर की स्थापना के लिए भारत सरकार, राज्य शासन एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मध्य त्रिपक्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन सोसायटी है।

इस बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर का मुख्य उद्देश्य राज्य में जैव संसाधनों के दोहन के साथ-साथ नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना है। यहां युवाओं को जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों की स्थापना हेतु प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस इंक्युबेशन सेंटर में कुल 23 आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, जिनमें बीएस-4 स्तर की जैव सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही दो सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन एवं एनालिटिकल टेस्टिंग लैब की भी स्थापना की जा रही है।

इंक्युबेशन सेंटर में 17 सूक्ष्म एवं लघु और 6 वृहद उद्योगों के संचालन की व्यवस्था की जाएगी। कुल 23 स्टार्टअप कंपनियों के लिए कार्यालय स्थापित किए जाएंगे, जो तीन वर्षों तक सेंटर में कार्यरत रह सकेंगी। कृषि और फार्मा बायोटेक्नोलॉजी से संबंधित स्टार्टअप को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर के निर्माण एवं फर्निशिंग कार्य के लिए 20 करोड़ 55 लाख रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस पहल से छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा। इससे जहां एक ओर शोध और उद्योगों के बीच समन्वय स्थापित होगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार खुलेंगे। यह परियोजना न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य को भी नई दिशा देगी।

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