अडानी की झोली में आएगी एक और विदेशी कंपनी, यूरोप की Evos के साथ ₹272016000000 में होगी डील
नई दिल्ली।
अडानी ग्रुप अपने बिजनेस का विस्तार करने के लिए लगातार दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण कर रहा है। अब अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) यूरोप की लिक्विड स्टोरेज कंपनी Evos BV का अधिग्रहण करेगी। कंपनी ने गुरुवार को बताया कि यह सौदा 2.88 अरब डॉलर (करीब 2.56 अरब यूरो यानी करीब 27 हजार करोड़ रुपये) के एंटरप्राइज वैल्यू पर होगा। यह पूरी तरह नकद में होने वाला सौदा है।Evos की वैल्यू 1.18 अरब यूरो आंकी गई है। यह सौदा कंपनी के साल 2025 के EV/EBITDA के 11.7 गुना पर हुआ है। अधिग्रहण के लिए अडानी पोर्ट्स कर्ज के जरिए रकम जुटाएगी। हालांकि इस सौदे को नियामकीय मंजूरी और दूसरी जरूरी मंजूरियां मिलना बाकी है। इसके अलावा कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की जाएगी।
यूरोपीय कंपनी की कितनी कमाई?
Evos ने कैलेंडर ईयर 2025 में 392 मिलियन यूरो का रेवेन्यू दर्ज किया था। इस दौरान कंपनी का EBITDA 219 मिलियन यूरो रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन 56% था।अडानी पोर्ट्स और Evos के वित्तीय आंकड़ों के आधार पर दोनों कंपनियों का संयुक्त नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 2.76 गुना रहने का अनुमान है। इसके वित्त वर्ष 2027 तक घटकर करीब 2.5 गुना होने की उम्मीद है।
क्या है Evos का कारोबार?
- Evos यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी स्वतंत्र लिक्विड स्टोरेज कंपनी है। यह कंपनी पेट्रोल, डीजल, समुद्री जहाजों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और विमान ईंधन के भंडारण का काम करती है।
- इसके अलावा कंपनी सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF), बायोफ्यूल, मेथनॉल और बायोएथेनॉल जैसे नए ईंधनों से जुड़े कारोबार में भी मौजूद है।
- कंपनी के पास नीदरलैंड, जर्मनी, स्पेन, बेल्जियम और माल्टा में बंदरगाहों पर बने टर्मिनल हैं। इनकी कुल स्टोरेज क्षमता 63 लाख क्यूबिक मीटर है।
- कंपनी ने साल 2025 में 3.7 करोड़ मीट्रिक टन सामान का संचालन किया था।
कितनी कंपनियों का अधिग्रहण?
अडानी ग्रुप ने साल 2014 से लेकर अब तक कई बड़ी कंपनियों और संपत्तियों का किया अधिग्रहण है। इनमें पोर्ट, एयरपोर्ट, सीमेंट, बिजली, ऊर्जा और मीडिया जैसे सेक्टर शामिल हैं। सीमेंट कारोबार में बड़े अधिग्रहण इस प्रकार हैं:
अंबुजा सीमेंट्स और ACC: साल 2022 में स्विट्जरलैंड की कंपनी होल्सिम से इन दोनों कंपनियों का अधिग्रहण करीब 10.5 अरब डॉलर में किया गया।
सांघी इंडस्ट्रीज: साल 2023 में अंबुजा सीमेंट्स के जरिए इसमें कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदी गई।
पेन्ना सीमेंट: जून 2024 में करीब 10,422 करोड़ रुपये में इसका अधिग्रहण किया गया।
ओरिएंट सीमेंट: साल 2024 के आखिर में करीब 8,100 करोड़ रुपये में इसमें नियंत्रणकारी हिस्सेदारी हासिल करने का सौदा किया गया।
पोर्ट और लॉजिस्टिक्स में बढ़ाया नेटवर्क
- अडानी ग्रुप का पारंपरिक कारोबार पोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा रहा है। इस क्षेत्र में भी समूह ने कई बड़े अधिग्रहण किए हैं।
- आंध्र प्रदेश के गंगावरम पोर्ट और कृष्णापट्टनम पोर्ट को समूह ने अपने पोर्ट नेटवर्क में शामिल किया।
- इसके अलावा, समुद्री सेवाएं देने वाली कंपनी ओशन स्पार्कल का भी अधिग्रहण किया गया।
एयरपोर्ट कारोबार में भी एंट्री
अडानी ग्रुप ने एयरपोर्ट सेक्टर में भी तेजी से विस्तार किया। GVK ग्रुप के साथ हुए सौदे के जरिए मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नियंत्रण हासिल किया गया। इसके अलावा नवी मुंबई एयरपोर्ट परियोजना में भी समूह की बड़ी हिस्सेदारी है।समूह को अहमदाबाद, गुवाहाटी, जयपुर, लखनऊ, मंगलुरु और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट के संचालन की जिम्मेदारी भी मिली। इन एयरपोर्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत लीज पर लिया गया था।
बिजली और मीडिया सेक्टर में भी विस्तार
अडानी ग्रुप ने बिजली और ऊर्जा कारोबार में भी अधिग्रहण के जरिए अपनी मौजूदगी बढ़ाई। दिसंबर 2017 में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पावर ट्रांसमिशन कारोबार से जुड़ी संपत्तियों के अधिग्रहण का सौदा किया गया था। इस सौदे की कीमत करीब 18,800 करोड़ रुपये बताई गई थी।मीडिया सेक्टर में अडानी ग्रुप ने साल 2022 में AMG मीडिया नेटवर्क्स के जरिए NDTV का अधिग्रहण किया। इससे अडानी ग्रुप ने मीडिया कारोबार में भी कदम रखा।
