सरगुजा जिले में किसानों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो रही खाद एवं उर्वरक

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अम्बिकापुर  ।

खरीफ मौसम को देखते हुए सरगुजा जिले में किसानों को समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। सहकारी समितियों एवं अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से यूरिया, डीएपी, पोटाश, एनपीके के साथ-साथ नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। परिणामस्वरूप किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप खाद आसानी से उपलब्ध हो रही है तथा जिले में किसी प्रकार की उर्वरक कमी की स्थिति नहीं है।विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के लिए 23,300 मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 13,273 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। इनमें से 11,643 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया गया है, जबकि 1,630 मीट्रिक टन उर्वरक का सुरक्षित स्टॉक वर्तमान में उपलब्ध है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार भंडारण एवं वितरण की समीक्षा की जा रही है, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध होती रहे।

खैरबार निवासी किसान  रोशन सुबीर ने बताया कि उनके पास लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि है। उन्हें सहकारी समिति के माध्यम से समय पर यूरिया, डीएपी, पोटाश एवं नैनो यूरिया उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराए जाने से किसानों को काफी सुविधा मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

इसी प्रकार रनपुर (सरनापारा) निवासी किसान अमर साह ने बताया कि उनके परिवार के पास लगभग छह एकड़ कृषि भूमि है। वे नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का नियमित उपयोग कर रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति में किसानों को निर्धारित मात्रा के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जा रहा है तथा उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में खाद की उपलब्धता संतोषजनक है और किसान बिना किसी परेशानी के आवश्यक उर्वरक प्राप्त कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक क्रय करें तथा वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुरूप संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाएं। साथ ही नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देकर लागत में कमी और उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करें। प्रशासन द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि जिले के प्रत्येक किसान को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सके।


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