केंद्रीय गांड़ा महासभा की महिला विभाग नें अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया धूमधाम से
रायपुर l
8 मार्च पूरी दुनियाँ की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन है । इस ऐतिहासिक दिन के लिए महिलाओं को सदियों संघर्ष करना पड़ा।इस ऐतिहासिक दिन को उसी संघर्ष विजेता के ढ़ंग से याद किया सीमा छत्रिआ के नेतृत्व में शहर की सक्रिय संस्था केंद्रीय गांड़ा महासभा की महिला विभाग नें ।महिला विभाग नें महिला दिवस मनाने की शुरुवात लगभग एक माह पूर्व कर दी थी। माह पूर्व महिला विभाग की प्रदेश अध्यक्षा सीमा छत्रिआ के नेतृत्व में महिला विभाग ने रायपुर शहर के अलग-अलग स्लम एरिया जिनमें उत्कल नगर आकाशवाणी, कुन्द्रपारा बैरन बाजार, विद्यानगर, शहीद राजीव पांडे नगर, अर्जुन नगर प्रमुख हैं, में जाकर महिलाओं की समस्याओं को सुना । इस दौरान महिलाओं ने घरेलू कार्य सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय से जुड़ी समस्याओं को साझा किया। समस्याओं का यथासंभव निराकरण किया गया। इससे स्लम एरिया के महिला साथियों नें महिला विभाग को धन्यवाद देते हुए कहा कि महिला विभाग के जैसी ईमानदारी हमने किसी और संस्था में नहीं देखी । आज जब किसी दिवस को सिर्फ़ घोषित दिन मनाकर मात्र औपचारिकता निभाया जाता है । वहीं महिला विभाग का यह पहल अति सराहनीय है ।
माह पूर्व शुरू किए गये इस अभियान का समापन 8 मार्च को उत्कल भवन, विद्यानगर, रायपुर में भव्य कार्यक्रम के रूप में हुआ।8 मार्च को कार्यक्रम की शुरुवात में महिलाओं की रैली निकाली गई । रैली की शुरुवात 11 बजे विद्यानगर, उत्कल भवन से हुई। रैली विद्यानगर से होते हुए महिला थाना चौक, ओ सी एम चौक से आकाशवाणी काली मंदिर होते हुये काली मंदिर, ओ सी एम चौक और महिला थाना चौक होते हुये……. पुनः विद्यानगर, उत्कल भवन आकर समाप्त हुई । रैली में महिलाये, नारी शक्ति से सम्बंधित तख़्तियां अपने हाथ में लिये हुये थीं । इसके बाद उत्कल भवन में सभा हुई। शुरुवात में केंद्रीय गांड़ा महासभा की महिला विभाग की प्रदेश अध्यक्षा सीमा छत्रिआ ने महिला दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला । उन्होंने बताया कि जर्मन समाजवादी नेत्री क्लारा जेटकिन नें 1910 में कोपेनहेगन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का प्रस्ताव रखा । 17 देशों के प्रतिनिधि मंडल ने इसका समर्थन किया और पहला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 19 मार्च 1911 को ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में मनाया गया । लेकिन 1917 को रूस में महिलाओं के ऐतिहासिक आंदोलन के बाद 8 मार्च की तारीख प्रसिद्ध हो गई और आज दुनिया भर में इसी दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। सीमा छत्रीआ ने आगे बताया हमारा उद्देश्य है कि हर महिला अपने अधिकारों को पहचाने और समाज में सम्मान के साथ आगे बढ़े। हम सभी मिलकर महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा,स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।केंद्रीय गांड़ा महासभा की महिला विभाग की प्रदेश उपाध्यक्षा बिंदिया नाग ने कहा- हम महिलाओं ने ठाना है, महिलाओं को सशक्त बनाना है।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अध्यक्षा, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग वर्णिका शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा- महिलाओं के साथ साथ बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। जब महिलाएं सशक्त होंगी तभी परिवार और समाज मजबूत होगा । सिविल लाइन वार्ड की पार्षद संजना हियाल ने बताया महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज का विकास संभव नहीं है ,आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है लेकिन अभी भी जागरूकता और सहयोग की जरूरत है। मौलाना अब्दुल रऊफ वार्ड की पार्षद अर्जुमन ढ़ेबर ने बताया महिलाएं घर से लेकर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है हमें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर काम करना होगा।कार्यक्रम में गांड़ा महासभा महिला विभाग की सचिव गीता सोनी, जिला अध्यक्ष सपना तांडी, दीपिका महानंद, संतोषी सोनी ,कुंती टांडी, प्रिया बाग, गीता दुर्गा ,लता छूरा, हिरनी दीप, पदमा सोनी, मुक्ता चौहान, लता नायक, सुलोचना कुम्भार,मोगरा निहाल, अन्नपूर्णा कुमार, प्रतिभा दीप,पूर्णिमा बघेल, प्रेमा हरपाल, कांति, सामाजिक कार्यकर्ता माधुरी बघेल, पिंकी निहाल, रोशनी बाग ,विमल टांडी ,कीर्तिका जगत, आशा टांडी, दशोदा, अनीता, बनिता जगत, सुकांति और बड़ी संख्या में शहर की अन्य महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थी।
