बेमेतरा में स्पंज आयरन फैक्ट्री का विरोध, 30 गांव और जनप्रतिधियों ने कहा किसी भी सूरत में नहीं लगना चाहिए प्लांट

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बेमेतरा ।

बेमेतरा के नेवनारा में मेसर्स अरहम इस्पात आयरन प्लांट स्थापना को लेकर पर्यावरण विभाग दुर्ग की ओर से जनसुनवाई रखी गई. जहां ग्राम नेवनारा सहित आसपास के लगभग 30 गांवों के किसानों ने प्लांट स्थापना के खिलाफ विरोध दर्ज कराई है. वही जनता कांग्रेस सुप्रीमो अमित जोगी बेमेतरा जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छा और स्थानीय भाजपा नेता योगेश तिवारी भी जनसुनवाई में शामिल हुए और प्लांट स्थापना का विरोध किया है।

फैक्ट्री के विरोध में जमकर बरसे अमित जोगी

नेवनारा में मीडिया से बातचीत करते हुए जनता कांग्रेस के अध्यक्ष अमित जोशी ने प्लांट के जनसुनवाई को लेकर कहा कि ऐसे समय में जनसुनवाई कराई जा रही है, जब किसान अपने धान बेचने में व्यस्त हैं. जनसुनवाई के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेजों को छुपाकर षडयंत्र पूर्वक कंपनी के पक्ष में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।जोगी ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिस तरीके से पीछे दरवाजे से प्रदेश में अडानी की एंट्री कराई गई है, वैसे ही बेमेतरा के नेवनारा में स्पंज आयरन फैक्ट्री के मालिक अरहम की एंट्री कराई जा रही है. अमित जोगी ने कहा कि यह कोई राजनीति नहीं है. यह जनता और किसानों का अधिकार है और उनके अधिकार के लिए कंपनी के विरोध में पहुंचे हैं. यहां के लोगों को न्याय दिलाकर रहेंगे।

उद्योग पतियों के इशारे में चल रही भाजपा सरकार: आशीष छबड़ा

बेमेतरा जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि बीजेपी की सरकार उद्योग पतियों के इशारे में चलने वाली सरकार है. जनभावनाओं के विपरीत फैक्ट्री लगाया जा रहा हैं. उन्होंने कहा कि पिछली बार हमने कौड़िया में जाकर फैक्ट्री का विरोध किया था, जब वो लोग जानते ही यहां की जनता किसी भी सूरत में फैक्ट्री को बर्दाश्त नहीं कर पाएगी तो जनसुनवाई करने का क्या मतलब है. उन्होंने कहा फैक्ट्री यहां के वातावरण को दूषित करेगी. हम भी चाहते कि यहां का वातावरण प्रदूषित ना हो।

स्पंज आयरन फैक्ट्री का 150 लोगों साथ किया विरोध:, योगेश तिवारी

बेमेतरा जिला के किसान भाजपा नेता योगेश तिवारी ने कहा की मैने 150 लोगों के साथ आकर फैक्ट्री के सम्बन्ध में विरोध प्रगट किया है। उन्होंने कहां की ये क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है यहां सभी प्रकार की फसल होती है. यदि प्लांट लगाना भी है तो कृषि आधारित प्लांट लगाए जिससे यहां किसी भी प्रकार का कोई प्रदूषण न हो. उन्होंने कहा कि जिस स्थान में प्लांट बनना है वहां जाने का रास्ता ही नहीं है, कैसे डायवर्सन हुआ समझ से परे है. यदि यहां लगाना भी है तो कृषि आधारित प्रदूषण से मुक्त प्लांट लगाना चाहिए. बेमेतरा में दो दो नदी बहती है, यहां की जमीन काफी उपजाऊ है. सभी चाहते हैं कि यहां स्टील और प्रदूषण फैलाने वाला प्लांट नहीं लगना चाहिए।


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