Vande Bharat Express: वाई-फाई, ऑटोमैटिक दरवाजे और शानदार सीट्स… वंदे भारत ट्रेन में मिलती हैं शानदार सुविधाएं, जानकर हो जाएंगे हैरान!
नई दिल्ली,11 नवम्बर 2022\ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दक्षिण भारत की पहली वंदे भारत ट्रेन को बेंगलुरु से हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन मैसूर से चेन्नई के बीच चलेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि फुल कैपिसिटी से चलने पर यह ट्रेन चेन्नई से बेंगलुरु सिर्फ छह घंटे में ही पहुंच सकेगी, जिससे लोगों के लिए उनकी यात्रा काफी आसान हो जाएगी और समय भी बच सकेगा। बता दें कि पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत 15 फरवरी, 2019 में हुई थी जोकि नई दिल्ली से वाराणसी वाया कानपुर, प्रयागराज चलाई गई थी। अब चलने वाली वंदे भारत ट्रेन शुरुआत की वंदे भारत ट्रेनों से काफी अलग है। यह ट्रेन एडवांस के साथ-साथ कई अन्य फीचर्स के साथ आती है।
वंदे भारत ट्रेन की गति बढ़ाने के लिए उसकी डिजाइन को स्पेशल तौर पर तैयार गया है। ट्रेन का आगे का हिस्सा एरोडायनेमिक डिजाइन का है। ट्रेन में कवच तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है। मालूम हो कि यह तकनीक को हाल ही में शुरू किया गया, ताकि दो ट्रेनों की टक्कर को रोका जा सके। यदि ट्रेन पर आगे कोई ट्रेन है तो फिर तकनीक उसे खुद ही टक्कर लगने से पहले अपने आप ही रोक देती है। वंदे भारत ट्रेन की ऑपरेशनल स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटे है। बोगियों में अत्याधुनिक सस्पेंशन सिस्टम के साथ पूरी तरह से सस्पेंडेड ट्रैक्शन मोटर्स हैं। यह ट्रेन की रफ्तार को आसान और सुरक्षित बनाता है।
रोटेटिंग सीट्स के साथ आती है वंदे भारत एक्सप्रेस
ट्रेन के प्रत्येक छोर पर एक ड्राइवर का केबिन है, जो टर्मिनेटिंग स्टेशनों पर तेजी से टर्नअराउंड में मदद करता है। सभी कोच में रिक्लाइनिंग सीट्स हैं, जबकि एक्जीक्यूटिव कोच में 180 डिग्री की रोटेटिंग सीट्स हैं। इसकी मदद से जिस ओर भी ट्रेन दौड़ रही होती है, उसी तरह सीट को बदला जा सकता है। वहीं, कोच में 32 इंच की स्क्रीन भी हैं, जो यात्रियों को ऑडियो-विजुअल के जरिए से यात्रा की जानकारी प्रदान करती हैं और उन्हें इंफोटेनमेंट भी देती हैं। ट्रेनों के वॉशरूम की बात करें तो इसे भी खास तरीके से डिजाइन किया गया है। ट्रेन में वॉशरूम हैं दिव्यांगों के अनुकूल हैं और सीट के हैंडल में ब्रेल में सीट नंबर हैं।
ट्रेन में कोच के बाहर चार प्लेटफॉर्म साइड कैमरे हैं, जिनमें रियरव्यू कैमरे भी शामिल हैं। एक एडवांस ब्रेकिंग सिस्टम है, जोकि लगभग 30 प्रतिशत बिजली बचाने में मदद करता है। यदि कोई आपात स्थिति होती है, तो लोको पायलट और ट्रेन गार्ड एक-दूसरे के साथ-साथ यात्रियों से भी बातचीत कर सकते हैं। वहीं, ट्रेन के ज्यादातर हिस्से मेड इन इंडिया हैं। ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाजे, फायर सेंसर, सीसीटीवी कैमरे, ऑन-बोर्ड वाई-फाई सुविधाएं, तीन घंटे का बैटरी बैकअप और जीपीएस भी है। वंदे भारत एक्सप्रेस के डिब्बे अन्य ट्रेनों की तुलना में हल्के होते हैं, ताकि स्पीड को तेज रखा जा सके। वहीं, विंडोज काफी बड़ी रखी गई हैं और सामान रखने के लिए अधिक स्पेस दिया गया है।
