एकजुट प्रतिरोध से ही जनतंत्र और संविधान की रक्षा संभव आजीवन इसके लिए संघर्षरत रहे बी सान्याल

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रायपुर l

आज के नव फासीवादी दौर में जनतंत्र , संविधान, धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर बढ़ते हमलों एकजुटता से मुकाबला करने पर ही संविधान की रक्षा संभव होगी । छत्तीसगढ़ में ट्रेड यूनियन व वाम आंदोलन के आधार स्तंभों में से एक का. बी. सान्याल की स्मृति सभा में जुटे देशभर के नेताओं ने यह बात कही। रायपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन द्वारा आयोजित इस शोक सभा में देश एवं प्रदेश भर से आये से वाम आंदोलन, ट्रेड यूनियनों व जन संगठनों के प्रमुख नेतृत्वकारी साथियों सहित बुद्धिजीवियों एवं संस्कृति कर्मियों एवं समाज के विभिन्न तबकों से जुड़े सैकड़ों लोगों ने उनके कर्मठ व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह बातें कही l उल्लेखनीय है कि का. बी सान्याल का निधन विगत 21 जुलाई को हो गया था l उनके निधन के पश्चात उनकी अंतिम ईच्छा के अनुरूप उनके पार्थिव शरीर को चिकित्सा छात्रों के शोध व अध्ययन हेतु रायपुर मेडिकल कालेज को दान कर दिया गया था lसांस्कृतिक ग्रुप के साथियों द्वारा प्रारंभ में सुंदर जनगीत प्रस्तुत की गई l सभा की अध्यक्षता सेंट्रल जोन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष का. अजीत केतकर ( इंदौर) ने की l शोक प्रस्ताव महासचिव का. धर्मराज महापात्र (रायपुर) द्वारा प्रस्तुत किया गया l सभा को सेंट्रल जोन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष का. सुधाकर उर्ध्वरेशे (इंदौर), आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष का. अमानुल्ला खान (हैदराबाद), नॉर्थ सेंट्रल जोन इंश्योरेंस एम्पलाइज फेडरेशन से का. संजीव शर्मा (मेरठ), सीटू के प्रदेश महासचिव का. एम. के. नंदी (रायपुर), प्रख्यात चिकित्सक व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ विप्लव बंदोपाध्याय(रायपुर), माकपा के राज्य सचिव का. बालसिंह ( सरगुजा), आल इंडिया ट्रेड यूनियन कौंसिल के प्रदेश महासचिव का. हरनाथ सिंह (रायपुर), आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव का. शिरीष नलगुंडवार (रायपुर), छत्तीसगढ़ सेल्स एंड प्रमोशन रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के का. नवीन गुप्ता (रायपुर), नॉर्दर्न जोन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन से का. भानुप्रताप (दिल्ली), स्टील एम्पलाइज यूनियन से का. डी. वी. एस. रेड्डी (भिलाई),संस्कृतिकर्मियों की ओर से का. निसार अली ( रायपुर), अ. भा. जनवादी महिला समिति से का. रंगा वेणी (भिलाई), रेल्वे कर्मचारियों के संगठन से का. रवि बैनर्जी (रायपुर), बिलासपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के महासचिव का. राजेश शर्मा (बिलासपुर), ग्वालियर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन से का. बृजेश सिंग (ग्वालियर), केंद्रीय कर्मचारी समंवय समिति से का. दिनेश पटेल (रायपुर), एस एफ आई के पूर्व सचिव का. राजेश अवस्थी (रायपुर) , आल इंडिया इंश्योरेंस पेंशनर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सहसचिव का. अतुल देशमुख (रायपुर) एवं एल आई सी प्रथम श्रेणी अधिकारी संघ के मंडल अध्यक्ष का. धनंजय पांडे (रायपुर)ने संबोधित किया l स्मृति सभा में का. बी. सान्याल के परिजनों की ओर से उनके भतीजे विवेक सान्याल एवं उनकी पोतियों स्निग्धा महापात्र , मौली सान्याल ने भी अपने विचार व्यक्त किए l स्मृति सभा का संचालन रायपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन के महासचिव का. सुरेंद्र शर्मा एवं आभार प्रदर्शन अध्यक्ष का. राजेश पराते द्वारा किया गया l

स्मृति सभा में वक्ताओं ने कहा कि का. बी. सान्याल मेहनतकश आंदोलन के एक जुझारू,प्रतिबद्ध, ईमानदार एवं समर्पित नेता थे l वे आजीवन मार्क्सवादी रहे l मेहनतकशों की वैज्ञानिक विचारधारा के आधार पर समाज परिवर्तन के नियमों के प्रति उनका अटूट विश्वास था l समाजवाद पर उनकी गहरी आस्था थी और क्यूबा में आयोजित वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन के अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के दौरान क्यूबा को नजदीक से देखने के बाद समाजवाद के प्रति उनकी आस्था और गहरी हो गई थी l बचपन में बांग्लादेश से विस्थापन का दंश झेलकर भारत आनेवाले का. सान्याल आजीवन नफरत की राजनीति के विरोधी रहे l उनका मानना था कि नफरत सारी इंसानियत को ले डूबेगी l नफरत को केवल प्यार से ही दूर किया जा सकता है l वे धर्मनिरपेक्षता व सांप्रदायिक सद्भाव के सशक्त प्रवक्ता थे तथा जाति, धर्म, लिंग, नस्ल, क्षेत्र पर आधारित विभाजन का कड़ा विरोध करते थे lका. बी. सान्याल ने एल आई सी में नौकरी करते हुए रायपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन से ट्रेड यूनियन जीवन की शुरुआत की थी l अपनी प्रतिबद्धता, जुझारूपन, एवं प्रबंधन की गलत नीतियों से लड़ने की क्षमता के चलते वे शीघ्र ही देश भर के बीमाकर्मियों के मध्य लोकप्रिय हो गए l 39 वर्ष की अपनी नौकरी में वे बीमा कर्मी संगठन में मंडल, जोन एवं अखिल भारतीय संगठन के शीर्ष नेतृत्वकारी पदों पर पहुंचे l आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन की विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने देश व प्रदेश के व्यापक ट्रेड यूनियन आंदोलन व जनसंगठनों को सशक्त बनाने हेतु अपना जीवन समर्पित कर दिया l उन्होंने मार्क्सवादी विचारों से प्रभावित होकर माकपा को मजबूत बनाने हेतु भी कार्य किया l वे माकपा के मध्यप्रदेश राज्य समिति सदस्य तथा छत्तीसगढ़ राज्य सचिव मंडल सदस्य भी रहे l सीटू के प्रदेश महासचिव तथा प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी उन्होंने कार्य किया l उनके द्वारा एस एफ आई, डी वाय एफ आई, किसान सभा, आदिवासी महासभा, अ भा जनवादी महिला समिति जैसे जन संगठनों के प्रादेशिक विस्तार व मजबूती में भी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया गया l अपनी इस जबरदस्त सक्रियता के चलते वे छत्तीसगढ़ के वाम आंदोलन के आधार स्तंभ के रूप में स्थापित होते चले गए l ट्रेड यूनियन में अपनी सक्रियता के कारण का. सान्याल को एल आई सी की नौकरी से चार्ज शीट एवं निलंबन जैसे प्रबंधकीय दमन का सामना करना पड़ा था l जनांदोलनों में अपनी भागीदारी के कारण उन्हें गिरफ्तारी, जेल यात्रा एवं सत्ता पक्ष समर्थित गुंडों के हमलों का शिकार भी होना पड़ा था l लेकिन प्रत्येक दमन का उन्होंने मजबूती से सामना करते हुए सामूहिक संघर्ष को आगे बढ़ाकर उसे परास्त किया l

वक्ताओं ने कहा कि का. सान्याल एक ओजस्वी वक्ता, अच्छे लेखक, ट्रेड यूनियन शिक्षक, कला व संस्कृति की बारीकी को समझनेवाले, अध्ययनशील व्यक्ति थे l उनका व्यक्तित्व बहु आयामी था l उनका ओजस्वी भाषण श्रोताओं के मस्तिष्क को झकझोर देता था l प्रबंधन के साथ कर्मचारी हितों के लिये वे निर्भीकता के साथ संघर्ष करते थे l छत्तीसगढ़ प्रदेश में साहस के साथ उन्होंने जनवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने का कार्य किया था l उन्होंने देश भर में सैकड़ों कार्य कर्ताओं को वामपंथी व जनवादी आंदोलन हेतु तैयार किया था l देश के बदलते हालातों एवं बढ़ते फांसीवादी रुझानों के प्रति वे अंतिम समय में काफी चिंतित थे l लेकिन एक आधुनिक व धर्म निरपेक्ष भारत हेतु वे आशान्वित भी थे l उनका मानना था कि वाम जनवादी आंदोलनकी मजबूती ही देश के बेहतर भविष्य की गारंटी है l का. बी. सान्याल ने अपने परिवार के सदस्यों को भी अपने संगठन, आंदोलन व राजनीतिक कार्यों से सक्रियता से जोड़ा था l वक्ताओं ने उनकी पत्नी सुचित्रा सान्याल के योगदान को प्रमुख रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि अपनी पत्नी के सहयोग के बिना का. सान्याल का इस बुलंदी तक पहुंचना असंभव था lआज के विषम राजनीतिक दौर में का. बी. सान्याल के निधन से मेहनतकश आंदोलन एवं प्रदेश के वामपंथी आंदोलन में उत्पन्न रिक्तता को भरा जाना बहुत मुश्किल कार्य है l स्मृति सभा के अंत में का. बी. सान्याल के बताए गए रास्ते पर चलते हुए देश भर में बीमाकर्मी आंदोलन के साथ व्यापक रूप से मेहनतकश आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया l इस अवसर पर रायपुर की कलाकार श्रीमती गोहिल द्वारा निर्मित का. सान्याल के पोर्ट्रेट का अनावरण का.अमानुल्ला खान द्वारा किया गया l उपस्थित जन समुदाय द्वारा का. बी. सान्याल को लाल सलाम के नारों के साथ उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किए जाने के पश्चात स्मृति सभा की कार्यवाही समाप्त हुई l


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