स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र को संबोधन

0

नई दिल्ली

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों को एकजुटता, साहस और प्रगति का संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने अप्रैल महीने में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा की गई त्वरित और निर्णायक कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक ऐतिहासिक मिसाल करार दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला निर्दोष नागरिकों पर किया गया एक कायराना और पूरी तरह अमानवीय कृत्य था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऑपरेशन सिंदूर को निर्णायक तरीके और अडिग संकल्प के साथ अंजाम दिया गया। इसने साबित किया कि हमारी सशस्त्र सेनाएं हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तत्पर और सक्षम हैं।” राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद पूरा देश एकजुट होकर खड़ा हुआ। इस घटना के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ न केवल सैन्य दृष्टि से सफल रहा, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक भी बन गया। उन्होंने कहा, “यह अभियान मानवता की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इतिहास में दर्ज होगा। यह उन लोगों के लिए सटीक जवाब था, जो हमें बांटना चाहते हैं।” राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया ने यह देखा कि भारत आक्रामक रवैया नहीं अपनाता, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रतिकार करने में कभी हिचकिचाता भी नहीं है। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत मिशन का एक टेस्ट केस बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के परिणाम ने साबित कर दिया कि देश रक्षा उत्पादन और रणनीतिक क्षमताओं के मामले में सही दिशा में बढ़ रहा है। “हमने दिखाया है कि हम न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि उच्च स्तर की तकनीकी और रणनीतिक दक्षता भी प्राप्त कर सकते हैं,” उन्होंने कहा।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *