स्वदेशी मेला की प्रांतीय कार्यशाला संपन्न
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ के बहूप्रतिष्ठित स्वदेशी मेले का आयोजन इस वर्ष अन्य जिलों में भी किया जाएगा, स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा प्रदेश मे आयोजित होने वाले स्वदेशी मेलो की प्रांतीय कार्यशाला, 3 जुलाई को रायपुर के स्वदेशी भवन मे सम्पन्न हुई, जिसमे बिलासपुर, रायपुर, कवर्धा, राजनांदगाव, कांकेर, धमतरी, जगदलपुर ज़िलों के अपेक्षित प्रमुख दायित्ववान कार्यकर्ता जैसे मेला संयोजक, सह संयोजक, कार्यक्रम प्रभारी, संयोजक जैसे प्रमुख अपेक्षित कार्यकर्ताओ की उपस्थिति मे आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण अथवा कार्यशाला आगामी मेलो की तिथि व करणीय कार्य के लिए अपेक्षित की गयी थी।
उद्घाटन प्रथम सत्र
प्रथम सत्र- मंचस्थ अतिथिगण स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक जगदीश पटेल जी, संरक्षक गोपाल कृष्ण अग्रवाल जी, स्वदेशी कार्यकर्ता एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा जी, प्रांत मेला प्रमुख अमर बंसल जी, बिलासपुर मेला संयोजक और वरिष्ठ नेत्र चिकत्सक डॉ ललित मखीजा जी मंच पर उपस्थित रहे, इस उद्घाटन सत्र में प्रदेश से 46 कार्यकर्ता उपस्थित हुए, स्वदेशी मेला के प्रबंधक एवं स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संपर्क प्रमुख सुब्रत चाकी जी ने इस कार्यशाला एवं बैठक की परिकल्पना एवं प्रस्तावना रखी, उन्होंने बताया कि किस प्रकार स्थानीय आयोजन समिति के कार्य का निर्धारण पूर्व नियोजन कैसे किया जा सकता है इस पर उन्होंने विस्तृत जानकारी दी, प्रारंभ से मेला से जुड़े संरक्षक एवं वरिष्ठ समाजसेवी गोपाल कृष्ण अग्रवाल जी ने वर्ष 2004 से 2025 तक के उतार -चढाव और चुनौतियों को बताया, अथक प्रयास और संगठन दल-बल से प्रथम मेला 17 से 23 फरवरी 2005 मे पहले मेले का आयोजन रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा आउटडोर स्टेडियम मे आयोजित किया गया था, स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक जगदीश पटेल जी ने स्वदेशी जागरण मंच के द्वारा स्वदेशी मेला की परिकल्पना पर संक्षिप्त प्रकाश डाला। इस उद्घाटन सत्र का संचालन प्रांत पत्रिका प्रमुख जी आर जगत ने किया,आभार बिलासपुर संभाग महिला कार्य प्रमुख डॉ. नीता श्रीवास्तव जी ने किया।
द्वितीय सत्र
पीपीटी प्रेजेंटेशन
इस द्वितीय सत्र में अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी , बिलासपुर मेला संरक्षक व समाजसेवी गोपाल शर्मा राजनांदगांव मेला के संयोजक कोमल सिंह राजपूत प्रांत संघर्ष वाहिनी प्रमुख एवं क़ृषि अनुसन्धान केंद्र भारत सरकार के सदस्य दिनेश पाटील , रूपजीवन हॉस्पिटल के संस्थापक और स्वदेशी मेला कवर्धा, स्वागत समिति अध्यक्ष व
समाजसेवी आदरणीय डॉ. अतुल जैन जी मंच पर उपस्थित थे।
मेले के परिपेक्ष में प्रांत मेला प्रमुख अमर बंसल जी ने एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्वदेशी की विकास यात्रा से लेकर स्वदेशी मेला आयोजन मे स्थानीय कार्यकर्ताओ की भूमिका और कार्यों का निष्पादन जैसे की-नोट्स फैक्टर को पी पी टी की माध्यम से उपस्थित कार्यकर्ताओं के समक्ष रखा उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला, स्वदेशी का मूल ध्येय भारतीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देना स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना देश को आर्थिक रूप से स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाना सांस्कृतिक कला एवं विरासत का संरक्षण कारीगरों को प्रोत्साहन स्वदेशी का भक्ति जागरण इन सब बातों एवं अवधारणाओं को मेले की परिपाटी में रखना आवश्यक है उन्होंने बताया कि प्रथम स्वदेशी मेला वर्ष 1998 में दिल्ली में आयोजित किया गया तत्पश्चात एक वृहद स्वदेशी मेला का आयोजन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित किया गया इस मेले का उद्घाटन तात्कालिक प्रधानमंत्री माननीय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी ने किया था इस मेले के प्रमुख कार्यकर्ता के रूप में वर्तमान में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री एवं वाणिज्य उद्योग मंत्री माननीय पीयूष गोयल जी इस मेले के संयोजक रहे थे
उन्होंने बताया कि पूर्व के वर्ष 2024-25 में देश के 12 प्रांतो में कुल 42 स्वदेशी मेले का आयोजन किया गया एवं छत्तीसगढ़ में चार सफल स्वदेशी मेला बिलासपुर कवर्धा रायपुर और राजनांदगांव में किया गया, इस वर्ष छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में 10 स्वदेशी मेले का लक्ष्य लिया गया है नए स्थान जैसे धमतरी कांकेर जगदलपुर भिलाई दुर्ग जैसे अन्य स्थानों पर भी प्रथम बार स्वदेशी मेले का आयोजन किया जाएगा।
इस द्वितीय सत्र का आभार डॉ ईला गुप्ता जी ने किया ।
मंच का संचालन प्रांत कार्यालय प्रमुख दिग्विजय भाकरे जी ने किया
तृतीय सत्र -समारोप
कार्यशाला के समरोप सत्र मे मंचस्थ अतिथि प्रांत संयोजक जगदीश पटेल , फील ग्रुप के संस्थापक प्रवीण झा , बिलासपुर संभाग संयोजक डॉ सुशील श्रीवास्तव , राजनांदगांव स्वागत समिति अध्यक्ष एवं उदयाचल संस्था के संस्थापक सदस्य विनोद डड्ढा , प्रांत संपर्क प्रमुख सुब्रत चाकी उपस्थित थे,
चाकी ने सभी कार्यकर्ताओं से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए करणीय कार्य एवं मेला आयोजन हेतु प्रमुख बिंदु जैसे मैदान का आरक्षण, कार्यक्रम की रूपरेखा तिथि का निर्धारण, कार्यक्रम बजट मैदान अनुमति एवं प्रशासनिक पत्राचार्, स्थानीय उत्पादों की सहभागिता एवं प्रायोजक विज्ञापन, अन्य प्रबंधन एवं सेवाएं जैसे विषयों पर पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सभी कार्यकर्ताओ को अवगत कराया। विभिन्न जिलों से उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं से आगामी स्वदेशी मेलों के स्थान तिथि पर चर्चा किया गया।
अनुभव कथन
जिन स्थानों पर मेला पूर्व में आयोजित हो चुका है उन स्थानों के मेला संयोजक ने अपने अनुभव कथन को सभी कार्यकर्ताओं के समक्ष रखा
– कोमल सिंह राजपूत-राजनांदगांव मेला संयोजक
– अतुल देशलहरा- कवर्धा मेला संयोजक
– डॉ ललित मखीजा बिलासपुर मेला संयोजक
उक्त कार्यक्रम का समारोप प्रांत संयोजक जगदीश पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह मेला राष्ट्रीय हित और स्वदेशी के जन जागरण अभियान का एक आम हिस्सा है हम इसे जन-जन तक मेलों के माध्यम से पहुंचाने का प्रयास करते हैं उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को आगामी मेलों के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस सत्र का संचालन जी आर जगत जी ने किया।
अमरजीत सिंह छाबड़ा
अध्यक्ष राज्य अल्पसंख्यक आयोग का सम्मान*
स्वदेशी जागरण मंच ने स्वदेशी के वरिष्ठ और प्रारंभ से मेला से जुड़े, मेला कार्यक्रम संयोजक, मेला संयोजक जैसे दायित्व का निर्वहन कर चुके एवं सक्रिय वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मानीय अमरजीत सिंह छाबड़ा जी को शाल श्रीफल एवं पुष्प भेंट कर उनका सम्मान एवं अभिवादन किया। उन्होंने अपने उद्बोधन मे कहा की मै 23 वर्षो से स्वदेशी का कार्यकर्ता हूँ। “मेरी पहले भी पहचान स्वदेशी हैँ, और आगे भी पहचान स्वदेशी ही रहेगी। “कार्यशाला का आभार प्रदर्शन प्रांत मेला प्रमुख अमर बंसल जी ने सभी ज़िलों से आये कार्यकर्ताओ को धन्यवाद ज्ञापित किया।
