जिस पर लगाया ‘रेप’ का आरोप उसी से करनी पड़ी शादी, यूपी के मैनपुरी की एक अनोखी वारदात
नई दिल्ली।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक अनोखी और विवादित शादी देखने को मिली, जहां पुलिस विभाग में तैनात एक सिपाही ने रेप का मामला दर्ज कराने वाली युवती से मंदिर में शादी कर ली। यह मामला कोतवाली क्षेत्र के शीतला माता मंदिर का है, जहां सिपाही और युवती के बीच शादी के साथ एक विवादित समझौता भी हुआ।
दरअसल, लखनऊ में तैनात सिपाही अनुराग और मैनपुरी की रहने वाली युवती के बीच तीन साल पहले दोस्ती हुई थी। यह दोस्ती प्यार में बदली और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। लेकिन रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और 2023 में युवती ने सिपाही पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई।
युवती का आरोप है कि सिपाही अनुराग मुकदमे को वापस लेने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। बीते दिन सिपाही युवती के घर पहुंचा और धमकाने के साथ घर में तोड़फोड़ की। युवती ने 112 नंबर पर पुलिस को बुलाया, जिसने आरोपी सिपाही को पकड़ लिया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई। दो अधिवक्ताओं की मध्यस्थता में समझौता हुआ, जिसमें युवती मुकदमा वापस लेने और शादी के लिए राजी हो गई।
इसके बाद शुक्रवार को शीतला माता मंदिर में दोनों ने शादी की। इस शादी में दोनों ही पक्षों के परिवार मौजूद नहीं थे। हालांकि, दुल्हन की बहन इस शादी के दौरान मौजूद रही। दूल्हा और दुल्हन दोनों ही शादी के दौरान ज्यादा खुश नजर नहीं आ रहे थे। शादी एक सामाजिक और कानूनी समझौते की तरह लग रही थी।
कांस्टेबल अनुराग ने बताया कि वह किसनी का रहने वाला है और लखनऊ में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। हम काफी समय से रिलेशनशिप में थे। फिर बीच में मुकदमा आदि की कुछ प्रक्रिया हुई। फिर दोनों पक्षों ने शादी करने का निर्णय लिया। शादी को लेकर कई इच्छाएं थी, लेकिन अब जिस हालत में शादी हो रही है, हम इस तरह से शादी तो कर लेते हैं लेकिन समाज और समिति कहीं न कहीं हमें ताने मारती है।
वहीं, कांस्टेबल से शादी करने वाली युवती ने बताया कि हमने किसी दबाव में शादी नहीं की है। कुछ समय पहले हम काफी नाराज थे। इसी के चलते शादी के सवाल पर दुल्हन ने कहा कि कौन जाने, अब यह उन पर निर्भर है कि वह कब तक निभाएंगे। अब तो उसकी शादी हो चुकी है। देखते हैं आगे क्या होता है। मैंने प्रार्थना पत्र इसलिए दिया था, क्योंकि वह घर पर आए थे और तोड़फोड़ कर रहे थे. इसीलिए मैंने थाने में प्रार्थना पत्र दिया था।
