कैसे बढ़े रोजगार : उद्योग संगठन ने केंद्र सरकार को दिए ये सात सुझाव

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नईदिल्ली ।

उद्योग संगठन सीआईआई ने कहा है कि आगामी बजट में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए और उपायों का ऐलान किया जा सकता है। संगठन ने कहा कि युवा आबादी को उत्पादन से जोडऩे और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश में समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन महत्वपूर्ण है। उद्योग संगठन ने रोजगार सृजन के लिए सात सूत्री एजेंडा भी सुझाया है, जिसमें एकीकृत राष्ट्रीय रोजगार नीति, श्रम आधारित सेक्टरों को समर्थन सहित एक इंटरनेशनल मोबिलिटी अथॉरिटी की स्थापना शामिल है। केवल 29 वर्ष की औसत आयु के साथ भारत एक सबसे युवा देश है और 2050 तक इसकी कार्यशील आयु वाली आबाद में 13.3 करोड़ लोग जुडऩे वाले हैं। सीआईआई ने कहा कि सरकार कालेज से पढक़र निकले युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी कार्यालयों में इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने पर विचार कर सकती है।संगठन का कहना है कि अगर ऐसा किया जाता है तो यह पहल शिक्षा और पेशेवर कौशल के बीच की खाई को पाटते हुए सरकारी कार्यालयों में अल्पकालिक रोजगार के अवसर पैदा करेगी। सीआईआई ने नए रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए आयकर नियम की धारा 80जेजेएए के बदले एक नया प्रविधान शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया है।साथ ही संगठन ने एक एकीकृत राष्ट्रीय रोजगार नीति लाने का भी प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और राज्यों द्वारा वर्तमान में चलाई जा रही रोजगार सृजन योजनाओं को मिला दिया जाए। इसके अलावा एकीकृत रोजागर पोर्टल-राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पर भी एक नीति बनाई जा सकती है, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और राज्य पोर्टलों से सभी डेटा इसमें प्रवाहित हो सकते हैं।सीआईआई ने कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सीएसआर फंड के उपयोग को लेकर भी कुछ सुझाव दिए हैं। संगठन ने कहा कि इस फंड का उपयोग करके डारमेट्री का निर्माण और औद्योगिक क्लस्टरों में सरकार द्वारा समर्थित क्रेच स्थापित करने सहित नई पहल की जा सकती है। ऐसा करने से महिला श्रम शक्ति की भागीदारी को बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज सुनिश्चित करते हुए श्रम संहिताओं को लागू करने से रोजगार परिदृश्य को और मजबूती मिलेगी।


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