फसलों की दामों में मामूली बढ़ौतरी नाकाफी है* *तेजराम विद्रोही

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रायपुर 08  जून 2023/ को केंद्र सरकार की कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के लिए खरीफ फसलों के दामों में मामूली वृद्धि किया है। दरअसल यह एक रीति है जैसे हर साल महंगाई दर बढ़ती है सरकार भी मजदूरी दर में वृद्धि करती है उसी प्रकार कृषि उत्पाद के दामों में भी थोड़ी वृद्धि कर दी जाती है जो कि यह नाकाफी है।

 

अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव व छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संचालक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही ने कहा कि केंद्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप किसी भी फसल का लागत से डेढ़ गुणा न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के पक्ष में दिखाई नहीं दे रहा है और न ही जो मूल्य सरकार तय करती है वह भी किसानों को उनके उपज का पूरे साल भर न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल सके इसके लिए कोई कानूनी गारंटी दे रहा है। फसलों की दामो में मामूली वृद्धि से किसान संतुष्ट नहीं है किसानों को उनके सभी फसलों के लिए बारहों माह न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी मिल सके यह कानून चाहिए और न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप लागत से डेढ़ गुणा होनी चाहिए।


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